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घर में आने वालों में संक्रमण का पता नहीं चलता है

घर में आने वालों में संक्रमण का पता नहीं चलता है
  • बच्चों की बर्थडे पार्टी से भी फैल रहा है कोरोना

  • हर मेहमान को सामने वाला स्वस्थ्य ही मानता है

  • वहां से हुए संक्रमण का असर दो सप्ताह के बाद

  • हरेक मामलों की छानबीन के बाद यह नतीजा निकला

शिकागोः घर में आने वाले मेहमानों के बारे में यह सोच ही गलत है कि वे कोरोना संक्रमण

से मुक्त है। इसी गलती को दोहराने की वजह से अमेरिका में कई स्थानों पर बहुत तेजी से

कोरोना संक्रमण फैला है। पहली बार इस बारे में सर्वेक्षण के बाद इस किस्म के संक्रमण के

फैलने के लिए बच्चों की बर्थडे पार्टी को जिम्मेदार पाया गया है। दरअसल इस किस्म के

आयोजनों की गहन जांच के बाद शोध दल इस निष्कर्ष पर पहुंचा है। वैसे भी विशेषज्ञ

काफी समय से हर किस्म के सामाजिक आयोजनों से दूर रहने की बार बार सलाह दे रहे

हैं। अब पाया गया है कि हर किस्म की सावधानी बरतने के बाद भी बच्चों की बर्थडे पार्टी

का आयोजन नये सिरे से संक्रमण को फैलाने वाला साबित हुआ है। हर तरीके से सावधानी

बरतने वालों की जब पूरी जांच की गयी तो यह राज खुला कि वे अपने परिचितों के घर पर

आयोजित बच्चों की बर्थडे पार्टी में चेहरा दिखाने भर गये थे। संक्रमित होने वाले अनेक

लोगों ने वहां ज्यादा तक ठहरना भी मुनासिब नहीं समझा था। इसके बाद भी जब वे

सकुशल घर लौट आये तो कुछ दिनों के बाद उनमें संक्रमण के लक्षण नजर आये। अनेक

स्थानों पर ऐसा होने के बाद किसके संपर्क से ऐसा हुआ, इसके बारे में विस्तार से

जानकारी हासिल की गयी। हर ऐसे व्यक्ति के साथ हुई लंबी बातचीत के बाद यह नतीजा

निकला कि अधिकांश लोग कोरोना से बचाव के लिए पूरी सावधानी बरतने के बाद भी

बच्चों की बर्थडे पार्टी को टालना असामाजिक आचरण मानते हुए वहां चले गये थे। उसी

छोटी सी भीड़ से कोई एक संक्रमित बाकी लोगों तक संक्रमण पहुंचाने का कारक साबित

हुआ। कई इलाकों में ऐसा होने के बाद इसकी जानकारी दी गयी है।

घर में आने वाले मेहमान पर संदेह नहीं करते लोग

घर में आने वालों में संक्रमण का पता नहीं चलता है बर्थडे पार्टियों से फैलता है कोरोना

शोध दल ने इसकी जानकारी मिलने के बाद बच्चों की बर्थडे पार्टी का आयोजन करने वाले

परिवारों से भी बात चीत की है। उनसे मिली जानकारी के मुताबिक वे सभी कोरोना के

खतरों से पूरी तरह वाकिफ थे। उनका मानना था कि जिन चंद लोगों को उन्होंने आमंत्रित

किया है, वे सारे समझदार लोग हैं। इसलिए यह उम्मीद नहीं की जा सकती थी कि कोई

कोरोना संक्रमित होते हुए भी उनकी पार्टी में चला आये। इसी सोच की वजह से ऐसे

आयोजनों के बीच से जो संक्रमण फैला वह अनेक परिवारों के लिए परेशानी का कारण

बना। बच्चों की बर्थडे पार्टी के आयोजन के औचित्य के सवाल पर अभिभावकों ने कहा कि

अपने बच्चों को इस लॉकडाउन जैसी स्थिति में मनोवैज्ञानिक तौर पर खुश रखने के लिए

ही उन्होंने अपने बच्चों की बर्थडे पार्टियां का आयोजन किया था। पार्टी होने के बाद भी

लोगों को उस पार्टी से ही संक्रमण फैल जाने के खतरे का पता भी नहीं चल पाया था। एक

एक कर  हर पार्टी में शामिल लोगों के मेडिकल रिकार्ड जब खंगाले गये तो क्रमवार तरीके

से संक्रमण के फैलने की कड़ी भी सुलझती चली गयी। इस बारे में जानकारी हासिल करने

वालों का मानना है कि इस किस्म के आयोजनों में संक्रमण अधिक फैलता है। इसी वजह

से लोगों को घर  ऐसे आयोजन ना करने और ऐसे आयोजनों में भाग नहीं लेने की बार

बार अपील की जाती रही है। आंकड़े बताते हैं कि सामान्य तौर पर प्रति दस हजार लोगों में

अगर 8।6 लोग संक्रमित होते हैं तो बच्चों की बर्थडे पार्टी मंज यह संक्रमण 31 प्रतिशत

अधिक बढ़ जाता है। किसी बच्चे की बर्थडे पार्टी में एक व्यक्ति के संक्रमित होने की वजह

से संक्रमण का आंकड़ा प्रति दस हजार में लगभग दोगुणा पाया गया है।

संक्रमण फैलने की गहन जांच से यह राज पहली बार सामने आया

इस बारे में प्रकाशित एक शोध प्रबंध में इन आंकड़ों का उल्लेख करते हुए लोगों से ऐसे

आयोजनों से दूर रहने की अपील फिर से की गयी है। ऐसे आयोजनों में जो संक्रमण फैलता

है, उसका असर भी दो सप्ताह के बाद दिखा है, ऐसा पाया गया है। दूसरी तरफ अचानक से

संक्रमित होने वाले लोग यह समझ भी नहीं पाये कि किसी बच्चे की बर्थडे पार्टी में जाने के

दो सप्ताह बाद उसका प्रभाव नजर आने लगा है। इस किस्म के संक्रमण के फैलने में

बच्चों अथवा बड़ो में कोई अंतर नहीं होता। संक्रमण हरेक में बराबर तरीके से फैलता है।

हर व्यक्ति का आतंरिक प्रतिरोधक कैसा है, उसके आधार पर संक्रमण के प्रभाव देर सबेर

में नजर आते हैं। इसके विपरीत कार्यालयो में अब प्रबंधन की तरफ से कोरोना संक्रमण पर

कड़ी निगरानी होने की वजह से वहां से कोरोना फैलने की घटनाओं में काफी कमी आयी

है। रिपोर्ट में यह बताया गया है कि किसी भी बच्चे की बर्थडे पार्टी में जाने अथवा उसका

आयोजन करने के पहले यह समझ लिया जाना चाहिए कि घर आने वाले भले ही सारे

आपके परिचित हों लेकिन उनमें से कौन संक्रमित हो चुका है, इसका पता नहीं लगाया

जाता। दो सप्ताह के बाद जब लोग बीमार पड़ते हैं तो वे सोच भी नहीं पाते कि किसी बच्चे

की बर्थडे पार्टी की वजह से यह बीमारी उन्हें लगी है।

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Chhabi Verma

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