fbpx Press "Enter" to skip to content

इंडोनेशिया के पनडुब्बी पर सवार लोगों का खतरा बढ़ा

जकार्ताः इंडोनेशिया के पनडुब्बी की तलाश का काम युद्धस्तर पर जारी है। दरअसल इस

पनडुब्बी के अचानक डूब जाने की सूचना के बाद ऐसा माना जा रहा है कि उसके पास बहुत

कम ऑक्सीजन बचा है। इस वजह से दुर्घटनास्थल की तलाश कर बचाव अभियान बहुत

तेज कर दिया गया है। ताकि इंडोनेशिया के पनडुब्बी पर सवार लोगों को बचाया जा सके।

केआरआई नांग्ला 402 नाम का यह सबमेरिन बाली द्वीप के साठ मील की दूरी पर

अभ्यास कर रहा था। अचानक उसके पास से कोई संकेत नहीं मिलने से नियंत्रण कक्ष

सतर्क हुआ था। इसी सूचना के आधार पर बचाव दल को वहां भेजा गया है। अब तक यह

पता नहीं चल पाया है कि यह पनडुब्बी किसी विस्फोट का शिकार हो गया है अथवा किसी

दूसरी वजह से समुद्र तल पर बैठ गया है। इंजोनेशिया के पनडुब्बी में 53 लोग सवार थे।

तकनीकी जानकारों के मुताबिक अगर किसी वजह से यह सबमेरिन डूब भी गया है तो

उसके पास उतना ऑक्सीजन नहीं है जिसमें सारे लोग सांस ले सकें। यह इंडोनेशिया के

पनडुब्बी बेड़ा का पांचवा सबमेरिन है। गुरुवार की रात को सेना के बचाव दल को किसी

इलाके से कुछ संकेत मिले थे। उसी संकेत के आधार पर बचाव दल के जहाज वहां पहुंचकर

समुद्र की गहराई में स्थिति का पता लगाने का काम कर रहे हैं। आस पास सोनार तरंगों

की पहचान करने वाले उपकरण भी काम पर लगाये गये हैं। वहां फिलहाल छह नौसैनिक

जहाज, एक हेलीकॉप्टर और चार सौ बचाव कर्मी दिन रात काम कर रहे हैं।

इंडोनेशिया के अलावा भी अन्य देश राहत में जुटे 

हादसे की सूचना के बाद ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, भारत और सिंगापुर का बचाव दल भी

वहां पहुंच गया है। दूसरी तरफ अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने भी पास मौजूद अपने नौसैनिक

बेड़े को सतर्क करते हुए इसमें मदद करने का निर्देश दिया है। बचाव दल के लिए यह

इलाका परिचित है लेकिन दिक्कत इस बात की है कि यहां समुद्र काफी गहरा है। 1970 के

दौरान तैयार इस पनडुब्बी को वर्ष 2012 में पूरी तरह मरम्मत भी किया गया था। एक

हजार 395 टन वजन के इस सबमेरिन का इस इलाके में गायब होने की यह पहली घटना

है।

इंडोनेशिया के पनडुब्बी के दुर्घटनाग्रस्त होने की यह पहली घटना है। वैसे अन्य देशों के

साथ ऐसा हादसा पहले भी होता रहा है। वर्ष 2000 में रुस का सबमेरिन कारस्क अपने 118

नाविकों के साथ बैरेट्स सागर में अचानक ही लापता हो गया था। बाद में पता चला कि

इस सबमेरिन में रखा एक टर्पिडो ही अचानक विस्फोट कर गया था। वर्ष 2003 में चीन का

एक सबमेरिन 79 सदस्यों के साथ हादसे का शिकार हो गया था। वर्ष 2017 में अर्जेंटीना

का एक सैन्य सबमेरिन दक्षिण अटलांटिक में इसी तरह 44 नाविकों के साथ डूब गया था।

एक साल के बाद जब इसका मलवा मिला तो पता चला कि किसी चीज से टक्कर की वजह

से यह हादसाग्रस्त हुआ था।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from HomeMore posts in Home »
More from एक्सक्लूसिवMore posts in एक्सक्लूसिव »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from प्रोद्योगिकीMore posts in प्रोद्योगिकी »
More from समुद्र विज्ञानMore posts in समुद्र विज्ञान »
More from हादसाMore posts in हादसा »

Be First to Comment

... ... ...
%d bloggers like this: