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भारतीय वैक्सिन को आपातकालीन उपयोग की वैश्विक मान्यता मिली




जेनेवाः भारतीय वैक्सिन यानी कोवैक्सिन को अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। वैसे समझा जाता है कि इस वैक्सिन को वैश्विक मान्यता के रास्ते में कई बड़े देशों ने पूरी ताकत के साथ अड़ंगा लगाया था।




अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उसे मान्यता दी है। इस मान्यता से भारतीय वैक्सिन खास तौर पर गरीब और तीसरी दुनिया के देशों तक भेजा जा सकेगा, जहां अब तक सिर्फ बहुराष्ट्रीय कंपनियों के महंगे वैक्सिन ही बेचे जा रहे थे।

कोवैक्सिन को पूरी तरह भारतीय इसलिए माना जाता है क्योंकि इसका सब कुछ भारत में हुआ है।

उसके आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति देने के साथ साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया है कि गरीब देशों में इसका उपयोग बेहतर है क्योंकि इसके भंडारण में भी अधिक दिक्कतें नहीं हैं।

चार सप्ताह के भीतर इसके दोनों डोज लगने के बाद 78 प्रतिशत प्रतिरोधक क्षमता के विकास का भी पता चला है।

दुनिया के अनेक देशों में फिर से फैल रहे कोरोना संक्रमण के बीच यह भारतीय वैक्सिन गरीब और कम आय वाले देशों के लिए राहत का काम करेगा।

वरना इसके पहले एस्ट्राजेनेका, फाइजल, मॉर्डना और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सिन को ही मान्यता मिली थी, जो सभी बहुराष्ट्री कंपनियां हैं।




एस्ट्राजेनेका का उत्पादन भारत में भी सीरम इंस्टिटयूट द्वारा किया जा रहा है लेकिन यह दरअसल एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के अनुबंध के तहत ही है।

दूसरी तरफ भारत में जिन करोड़ों लोगों को यह कोवैक्सिन लग चुका है उन्हें भी इस मान्यता के बाद अंतर्राष्ट्रीय सफर के लिए मान्यता मिल जाएगी।

भारतीय वैक्सिन से भारत को बहुराष्ट्रीय मान्यता मिलेगी

भारत बॉयोटेक द्वारा विकसित इस भारतीय वैक्सिन से भारत को भी दवा के वैश्विक कारोबार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का बेहतर अवसर प्राप्त होगा।

वरना इसके पूर्व बहुराष्ट्रीय कंपनियों के दबाव में अन्य पिछड़े देशों तक भारतीय दवा उद्योग की पहुंच ही नहीं बन पायी थी।

इस भारतीय वैक्सिन के निर्माता भारत बॉयोटेक ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि उसकी तरफ से पहले ही उत्पादन में बढ़ोत्तरी की तैयारी कर ली गयी थी।

अब कंपनी और अधिक वैक्सिन का उत्पादन करेगी ताकि जरूरत के हिसाब से उन्हें अन्य देशों तक तुरंत पहुंचाया जा सके।

कंपनी ने अपनी तरफ से इस वैक्सिन की कार्यकुशलता के बारे में 93 प्रतिशत सफलता का दावा पहले ही किया था।



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