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पाकिस्तान के अंदर अस्सी किलोमीटर तक घुस गयी थी भारतीय सेना

जैसलमेरः पाकिस्तान के अंदर अस्सी किलोमीटर तक भारतीय सेना

का कब्जा हो चुका था। यह भारत और पाकिस्तान के बीच घोषित

अंतिम युद्ध की कहानी है।

1971 में बांग्लादेश आजाद होने के दौरान पश्चिमी सीमा पर भारतीय

सैनिको ने यह जौहर दिखाया था। 48 साल पहले आज के ही दिन

भारत-पाकिस्तान युद्ध में छाछरो फतेह किया था। छाछरो पाकिस्तान

के सिंध प्रांत के थारपारकर जिले में तहसील मुख्यालय है। यह बाड़मेर

से करीब 160 किलोमीटर की दूरी पर है और गडरा रोड बॉर्डर से मात्र

70 किलोमीटर दूर है।

भारतीय सेना ने पाकिस्तान के साथ हुए वर्ष 1971 युद्ध में फतेह कर

पाकिस्तान की अस्सी किलोमीटर तक की जमीन पर कब्ज़ा कर लिया

था। सोलह दिसम्बर 1971 को शाम चार बजे पाकिस्तान के जनरल

नियाजी ने 93 हजार सैनिकों के साथ भारतीय सेना के समक्ष समर्पण

किया था। इस युद्ध में जयपुर के 12 जवानों समेत राजस्थान के 307

वीर सपूतों ने शहादत दी थी। दो मोर्चो पर लड़े गए इस युद्ध में राजस्थान

की सीमा पर जयपुर के ब्रिगेडियर भवानी सिंह के नेतृत्व में छाछरो इलाके

को जीता गया था।

बांग्लादेश की आजादी के दौरान सेना ने किया था यह कमाल

पाकिस्तान की हुकूमत से परेशान वहां के हिन्दुओं ने तब राहत की सांस

ली थी। बाद में शिमला समझौते में यह जमीन लौटा दी गई।

उससमय पचास हजार हिन्दू परिवार रातों-रात भारत आने को मजबूर

हो गए। उन लोगों ने कई माह तक तम्बुओं में रात बिताई और वे आज

भी उसे भुलाए नहीं भूल रहे। थल सेना स्पेशल फोर्स 10 पैरा कमांडों

‘द डेजर्ट स्कॉर्पियो’ की स्थापना एक जून, 1967 को लेफ्टिनेंट कर्नल

एनएस उथाया के नेतृत्व में थार में विशेष ऑपरेशन के लिए की गई थी

और वर्ष 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध में ‘ऑपरेशन कैक्टस लिली’

के दौरान 10 पैरा को पाकिस्तान के अंदर घुसकर 80 किलोमीटर से भी

ज्यादा क्षेत्र में सिंध क्षेत्र के छाछरों तक हमला करने का काम दिया गया था।

दस पैरा ने युद्ध के दौरान दुश्मन की जमीन पर छाछरो, वीरवाह, नागरपरकार,

इस्लाम कोट पर 6-7 दिसम्बर 1971 की रात कई हमले किए। इन हमलों के

कारण भारतीय सेनाओं को दुश्मन के भीतरी क्षेत्रों में जाकर बड़े क्षेत्रों पर

कब्जा करने का मौका मिला।

पाकिस्तान के अंदर कब्जा की जमीन लौटा दी गयी थी

इस अदम्य साहस के कारण पलटन को युद्ध सम्मान छाछरो तथा थियेटर

ऑनर सिंध पदान किए गए। इस साहसिक नेतृत्व, दूरदर्शिता के फलस्वरूप

पलटन के तत्कालीन कमान अधिकारी ब्रिगेडियर सेवानिवृत्त सवाई भवानी

सिंह को महावीर चक पदान किया गया। इसके अतिरिक्प, यूनिट को भी

दो वीर चक्र, तीन सेना मेडल और एक मेन्शन-इन-डिस्पेच पदान किया

गया। इस अवसर पर दस पैरा कमाण्डो द डेजर्ट स्कोर्पियो’ ने शुक्रवार को

एक खास समारोह में छाछरो दिवस’ मनाया। समारोह में बड़ी संख्या में

पूर्व सैनिक और उनके परिजन भी शामिल हुए।

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