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अमेरिका भारत को दे रहा है एमएच 60 रोमियो हेलीकॉप्टर




  • साथ में हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें भी

  • हिमालय की ऊंचाई पर भारत की सेना मजबूत

  • चीन के मुकाबले भारत की ताकत बढ़ेगी

  • भारत का ब्रह्मास्त्र पनडुब्बी हंटर होगा

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: अमेरिका भारत को अत्याधुनिक हथियार देने पर सहमत हो गया है। यह माना




जा रहा है कि इस सफलता से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की नीति के आधार

पर रक्षा मंत्रालय चीन और पाकिस्तान को आगाह करने की तमाम कोशिशों में सफल हो

रहा है। भारतीय सेना और वायुसेना के अलावा भारत की सुरक्षा के बीच नौसेना में भी

खुशी की लहर है। भारत के दुश्मन देश के मन में डर पैदा करने के लिए ब्रह्मास्त्र 7 दिन के

भीतर भारत आ रहा है। रक्षा मंत्रालय के पूर्वोत्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज इस

संवाददाता से बातचीत में कहा कि भारत में दुश्मन देश को हराने के लिए ब्रह्मास्त्र जल्द

ही आने वाला है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत-चीन सीमा तक 7 राजमार्गों का

उद्घाटन करने के बाद भारतीय नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी से बातचीत भी की थी।

रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी कहा कि भारत के जंगी बेडे में पहले ही सबसे

घातक ‘अपाचे’ ध्रुव, चेतक, चीता जैसे हेलीकॉप्टर मौजूद हैं और अब अमेरिका से आ रहा

मल्टीरोल हेलीकॉप्टर भारत की ताकत को और बढ़ाने वाला है, एक दशक के इंतजार के

बाद भारतीय नौसेना को मल्टीरोल हेलीकॉप्टर मिलने जा रहा है।ये हवा से सतह पर मार

करने वाली हेलफायर मिसाइलें हैं। रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ पूर्वोत्तर अधिकारी ने बताया

कि चीन अपनी नौसेना की ताकत को लगातार बढ़ा रहा है और उसकी सबमरीन कई बार

हिंद महासागर में देखी गई हैं। साथ ही अपने समुद्री व्पापार की सुरक्षा के नाम पर चीन

अपने बड़े जंगी जहाजों को भी अरब सागर और हिंद महासागर में भेज रहा है।

अमेरिका भारत को जो देगा वह नौसेना के भी काम की

इन चुनौतियों से निपटने के लिए अभी भारतीय नौसेना पांच दशक पुराने सी किंग एंटी

सबमरीन हेलीकॉप्टर के भरोसे ही है। इस समय ‘ भारतीय नौसेना के लिए यह बहुत खुशी

की बात है कि जल्द ही ‘रोमियो’ हेलीकॉप्टर आ रहा है।अमेरिका से खरीदा रोमियो

हेलीकॉप्टर ‘ भारतीय नौसेना में आ रहा है और अब चीन और पाकिस्तान सहित सभी

दुश्मनों के लिए अच्छी खबर नहीं है । भारतीय नौसेना के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने आज

कहा कि भारतीय नौसेना सीमा के लेफ्टिनेंट कर्नल भारत चीन सीमा पर निगरानी कर रहे

हैं। वही भारतीय नौसेना को हिंद महासागर और अरब सागर में चीनी नौसेना की बढ़ती

दखलंदाजी से निपटने के लिए अचूक हथियार मिलने की तैयारी शुरू हो गई है। अमेरिका

से खरीदा जाने वाला एमएच 60 आर यानि रोमियो हेलीकॉप्टर किसी भी सबमरीन या

जंगी जहाज से निपटने में बेहतरीन है। सबमरीन बेड़ा भारतीय नौसेना की सबसे कमजोर

कड़ी है और हिंद महासागर में चीनी सबमरीन की मौजूदगी चिंता बढ़ा रही है। खबर है कि

इसी जुलाई के महीने में अमेरिका भारतीय नौसेना को एमएच-60 रोमियो हेलीकॉप्टर की

पहले खेप सौंप देगा। भारत के जाबांज पायलटों का पहला बैच इन हेलीकॉप्टरों के संबंध में




जरुरी ट्रेनिंग लेने के लिए यूएस भी पहुंच चुका है। भारत और यूएस ने एमएच-60 रोमियो

हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए 16,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की डील पर हस्ताक्षर किये थे।

यह डील साल 2020 में किया गया था। भारतीय पायलटों का एक बैच ट्रेनिंग के लिए यूएस

पहुंच चुका है और जुलाई के दूसरे सप्ताह में तीन हेलीकॉप्टर हमें मिल जाएंगे।पायलटों

की ट्रेनिंग पहले फ्लोरिडा में होगी उसके बाद वो कैलिफोर्निया स्थित सैन डियागो जाएंगे।

उसके पायलट प्रशिक्षण लेने सैनडियागो जाएंगे

अगर बात इस बेहतरीन हेलीकॉप्टर की विशेषताओं की करें तो यह हेलीकॉप्टर विपरित

परिस्थितियों में दुश्मनों के छक्के छुड़ाने में माहिर है। यह हेलीकॉप्टर मल्टी-मोड रडार से

लैस होगा। इसके अलावा इसमें रात में देख सकने वाले डिवाइस लगे होंगे। यह हेलीकॉप्टर

हेलफायर मिसाइल, टारपीडो और अन्य घातक हथियारों से भी लैस होगा। इस

हेलीकॉफ्टर को मुख्य रूप से सबमैरीन और जहाजों को ढूंढ निकालने के लिए डिजायन

किया गया है। समुद्र में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में भी इस हेलीकॉप्टर को महारत हासिल

है। रोमियो हेलीकॉप्टर किसी भी सबमरीन या जंगी जहाज से निपटने में सक्षम है।

भारतीय नौसेना के पास अभी न्यूक्लियर सबमरीन सहित कुल 16 सबमरीन हैं। भारतीय

नौसेना ने 2022 तक कुल 24 नई सबमरीन बनाने की योजना बनाई थी जिनमें अब तक

केवल 2 मिल पाई हैं। वहीं चीन के पास कुल सबमरीन की तादाद लगभग 76 बताई जाती

है जिनमें से 10 न्यूक्लियर सबमरीन हैं। चीन पाकिस्तान को भी युआन क्लास की 8

सबमरीन दे रहा है जिनके 2028 तक पाकिस्तानी नौसेना में शामिल होने की संभावना है।

युआन क्लास की सबमरीन में एयर इंडिपेंडेंट प्रोपेल्शन लगा है जिससे ये बेहद खामोशी से

समुद्र में रह सकती है।रोमियो हेलीकॉप्टर किसी भी सबमरीन या जहाज को तलाश करने

और तबाह करने में सक्षम है।

समुद्र के अंदर सबमेरिन को भी तलाश सकता है

अमेरिका भारत को जो हेलीकॉप्टर उपलब्ध करा रहा है, उस रोमियो में समुद्र के अंदर

सबमरीन को तलाश करने के लिए बेहतरीन सेंसर्स हैं और उसे तबाह करने के लिए मार्क

54 टारपीडो है। किसी जंगी जहाज को तबाह करने के लिए इसमें हेलफायर मिसाइल हैं।

रोमियो हेलीकॉप्टर दिन हो या रात किसी भी मौसम में 12000 फीट की ऊंचाई तक उड़

सकता है और इसकी रफ्तार 270 किमी तक हो सकती है।ये ब्रह्मास्त्र ‘पनडुब्बी हंटर

दुश्मन की पनडुब्बियों और पोतों पर किसी भी वक्त अचूक निशाना लगाने में सक्षम हैं।

यानी भारतीय नौसेना को जुलाई का पहला सप्ताह में अमेरिका से पहली खेप में तीन

एमएच-60 रोमियो हेलिकॉप्टर मिल जाएंगे, ये हेलिकॉप्टर रडारों से लैस हैं जो रात में भी

दुश्मन पर हमला कर सकते हैं।



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