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दस हजार से अधिक विदेशियों को लॉक डाउन होने के बाद अपने घर भेजा भारत ने


नयी दिल्ली : दस हजार से अधिक विदेशी भारत में लॉक डाउन होने के बाद फंसे हुए थे।

इन सारे विदेशी नागरिकों को भारत सरकार ने विशेष उड़ानों में स्वदेश भेजा गया हैं।

दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डायल) ने जारी श्वेत पत्र में बताया कि

लॉकडाउन में वाणिज्यिक यात्री उड़ानें रद्द होने के बावजूद फंसे यात्रियों को निकालने के

लिए विशेष उड़ानों और मालवाहक उड़ानों का परिचालन हो रहा है। गत 25 मार्च से सात

अप्रैल तक 56 विशेष उड़ानों से 10618 विदेशी नागरिक अपने अपने देश लौट चुके हैं।

डायल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विदेह कुमार जयपुरियार ने कहा, दिल्ली हवाई अड्डे

पर चौबीसों घंटे काम चल रहा है। अभी मालवाहक तथा विभिन्न देशों की विशेष उड़ानों

का परिचालन हो रहा है। डायल के अनुसार, अपने नागरिकों को निकालने वाले देशों में

जापान, नार्वे, जर्मनी, अफगानिस्तान, पोलैंड, रूस और फ्रांस शामिल हैं। लॉकडाउन दौरान

सबसे बड़े विमान का इस्तेमाल जर्मनी के 500 नागरिकों को दिल्ली से फ्रैंकफर्ट पहुंचाने के

लिए किया गया था। उन्हें एयरबस के ए 380 विमान में भेजा गया था।

दस हजार से अधिक में तबलीगी जमात वाले नहीं

इन विदेशियों में अधिकांश पर्यटक अथवा अपने काम से भारत आने वाले लोग थे। दुनिया

के अन्य हिस्सों से आये तबलीगी जमात में शामिल विदेशियों में से अधिकांश अभी

क्वारेंटीन में हैं। क्योंकि एक मलेशिया की महिला के अलावा भी अनेक ऐसे लोग कोरोना

पॉजिटिव पाये गये हैं। दिल्ली से निकल कर देश के विभिन्न हिस्सों में फैले ऐसे विदेशियों

ने अपने पर्यटन वीजा के नियमों का भी उल्लंघन किया है। इनमें से अधिकांश तो पकड़े

गये हैं। इन सभी की जांच के बाद उन्हें अलग थलग रखा जा रहा है। जिनमें कोरोना

संक्रमण पाये गये हैं, उनका ईलाज चल रहा है। इनमें से कुछ लोग अब भी लापता बताये

जाते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है क्योंकि उनमें भी कोरोना संक्रमण हो सकता है और

वे चोरी छिपे विभिन्न मसजिदों में छिपे हुए हैं।


 

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