fbpx Press "Enter" to skip to content

भारत अपने सर पर मंडराते कोरोना वायरस के खतरे के लिए तैयार नहीं




  • देश में कई इलाकों तक पहुंचा है वायरस

  • आर्थिक गतिविधियों पर भीषण चोट हो रहा

  • कोरोना वायरस से बचाव की पर्याप्त तैयारी नहीं

  • बीमारी फैलने के बाद भारतीयों का आचरण उल्टा

प्रतिनिधि

नईदिल्लीः भारत अपने सर पर खड़े इस संकट को गहराई से देख भी

नहीं पा रहा है। यद्यपि भारतीय अर्थनीति पर पड़ते असर को व्यापारी

वर्ग झेल रहा है। चीन में फैले कोरोना वायरस की वजह से अनेक

उद्योगों में अब कच्चे माल की कमी महसूस की जाने लगी है।

भारतीय जनमानस मानसिक और स्वास्थ्य नीति के तहत आने वाले

इस संकट को झेलने के लिए खुद को तैयार नहीं कर पाया है। उल्टे

हममें से कुछ लोग चीन की इस स्थिति पर सोशल मीडिया में

प्रसन्नता व्यक्त कर अपनी मुर्खता का परिचय दे रहे हैं। पड़ोसी के

घर में आग लगी है तो यह आग हमारे घर तक भी आ सकती है, यह

अब तक अनेक लोग समझ नहीं पाये हैं।

इस बीच दिल्ली और तेलेंगना में भी इस बीमारी के संक्रमण की सूचना आयी है

पहले चीन की स्थिति को गौर करें तो हम पाते हैं कि यह भीषण

बीमारी जिस वुहान शहर से फैली थी, उसे पूरी तरह सील कर रखा है।

वहां की सरकार का काबिलियत देखिये कि उसके एक सप्ताह के

भीतर वहां एक हजार विस्तरों का एक अस्पताल तैयार किया और वहां

मरीजों का ईलाज भी प्रारंभ कर दिया। सैनिक शासन के तहत अनेक

कठोर फैसले लिये गये। इतना कुछ करने के बाद भी वहां इस कोरोना

वायरस के प्रसार को अब तक नियंत्रित नहीं किया जा सका है।

व्यापारिक अथवा पर्यटन के लिए चीन गये अनेक विदेशी नागरिक भी

इस विषाणु के वाहक बने और अपने अपने देश में यह बीमारी अनजाने

में ले गये हैं।

चीन के साथ हमारी काफी लंबी सीमा है

चीन हमारा पड़ोसी है। सीमावर्ती अनेक इलाकों में तथा नेपाल के

माध्यम से हम चीन के निरंतर संपर्क में हैं। ऐसे में विषाणु का प्रकोप

कभी भी किसी भी रास्ते से हो सकता है। आम तौर पर हर राजनीतिक

मौके पर चीनी झालर और पटाखो का वहिष्कार करने वालों की एक

बड़ी फौज सोशल मीडिया में सक्रिय रहती है। वे इस बात को अब भी

समझने के लिए तैयार नहीं हैं कि भारतीय बाजार में चीनी उत्पादन

का अर्थ सिर्फ चीनी झालर और पटाखे ही नहीं होते हैं। मोबाइल एवं

इलेक्ट्रानिक्स उपकरणों के अलावा भी बहुत कुछ है जो सीधे अथवा

दूसरे माध्यमों से भारत तक पहुंचता है। ऐसे में भीषण आर्थिक मंदी के

दौर से गुजरते भारत का आर्थिक पहिया और सुस्त नहीं पड़े, इसका

कोई विकल्प अब तक सरकार ने तैयार भी नहीं किया है।

कोरोना वायरस के बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी आंकड़ों

की बात करें तो यह विषाणु साठ देशों में फैल चुका है। इसके

आधिकारिक तौर पर 2978 लोग अब तक मारे जा चुके हैं। इस साठ

देशों में मरीजों के माध्यम से और कितने लोग इसकी चपेट में आये हैं,

यह पता करने का कोई विकल्प भारत के पास नहीं हैं। भारत ने सीधे

चीन अथवा विषाणु वाहक इलाकों से आने वालों की जांच के प्रबंध

किये हैं। लेकिन अन्य माध्यमों से यहां कहां तक इसका प्रसार हुआ है,

यह पता करने की कोई तकनीक भी देश के पास नहीं हैं। दूसरी तरफ

यह प्रमाणित सत्य है कि अनेक लोग बिना चीन गये भी इस

बीमारी की चपेट में आने के बाद उस वायरस के वाहक भी बने हैं।

भारत अपने देश में अचानक ही झेलेगा यह हमला

इसलिए यह तय है कि कोरोना वायरस का हमला भारत पर भी होगा।

सिर्फ यह तय नहीं है कि यह कब और किस रास्ते से होगा।

अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ भारत की इस लापरवाही को अत्यंत गैर

जिम्मेदाराना रवैया मानते हैं। क्योंकि उन्हें पता है कि जब यह तूफान

भारत पर बरसेगा तो उससे बचाव की पूर्व तैयारी नहीं होने की स्थिति

में नुकसान उम्मीद से बहुत अधिक होगा। विश्व व्यापी आर्थिक

गतिविधियों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ यह अनुमान लगा चुके हैं

कि भारत पर इस बीमारी का सबसे बड़ा झटका आर्थिक होगा। पूरी

दुनिया में इस विषाणु की वजह से इस साल के प्रथम तीन महीने में ही

करीब 280 बिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान होगा। चीन पर

आधारित भारतीय उद्योग व्यवस्था इससे बुरी तरह प्रभावित होगी।

चीन के वुहान शहर को सील करने जैसी कोई तैयारी भारत में अब तक

नहीं है। चीन पर आधारित तमाम उद्योग अब केंद्र सरकार के पास

गुहार लगा रहे हैं जबकि सरकार की इस संकट से उबरने की कोई

तैयारी नहीं है। भारत जैसे देश के लिए मानसिकता भी एक बड़ी

चुनौती है, इसे अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ ज्यादा खतरनाक मानते हैं। भारत

में जब कोई व्यक्ति गंभीर अथवा संक्रामक बीमारी से पीड़ित होता है

तो घर के अपने लोग ही उसके खिलाफ हो जाते हैं। कई बार बीमारी

छिपने की कमजोरी की वजह से भी खतरा तेजी से फैलता चला जाता

है। जाने -अनजाने में एडस की चपेट में आने वाले भारतीयों के मामले

में यह प्रमाणित सत्य है।

[subscribe2]



Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from HomeMore posts in Home »
More from चीनMore posts in चीन »
More from जेनेटिक्सMore posts in जेनेटिक्स »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from व्यापारMore posts in व्यापार »
More from स्वास्थ्यMore posts in स्वास्थ्य »

3 Comments

  1. […] भारत अपने सर पर मंडराते कोरोना वायरस क… देश में कई इलाकों तक पहुंचा है वायरस आर्थिक गतिविधियों पर भीषण चोट हो रहा कोरोना वायरस … […]

Leave a Reply

... ... ...
%d bloggers like this: