इंटरनेट स्पीड के मामले में अब भी फिसड्डी है भारत

बीएसएनएल में जियो के खिलाफ हड़ताल के मायने
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  • ओपन सिग्नल सर्वे में मोबाइल भी वाई फाई से तेज पाये गये

  • यहां 4 जी तो बाहर 5 जी की तैयारी

  • सिर्फ बीएसएनएल कर सकता है मुकाबला

  • वैश्विक स्पर्धा से दूर रही भारतीय कंपनियां

प्रतिनिधि

नईदिल्लीः इंटरनेट में स्पीड के मामले में भारत अब भी पीछे चल रहा है।

यहां के श्रेष्ठ मोबाइल सेवा प्रदाता जिस गति से इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने का दावा करते हैं,

वह वैश्विक चुनौतियों के बीच कुछ भी नहीं है।

हाल ही मे किये गये एक सर्वेक्षण में जो तथ्य सामने आये हैं,

उसके मुताबिक दुनिया के 33 देशों की मोबाइल स्पीड वहां के वाई फाई से भी तेज है।

इस मुकाबले में भारतवर्ष कहीं टिक भी नहीं पाता है।

यह स्थिति तब है जबकि भारत मोबाइल और इंटरनेट का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ बड़ा बाजार है।

ओपन सिग्नल के सर्वेक्षण में यूं तो भारतीय कंपनियों ने भाग ही नहीं लिया था।

फिर भी यह पता है कि यहां 4 जी सेवा देने वालों की इंटरनेट स्पीड भी अधिकतम 5.5 से 6.5 एमबीपीएस तक ही होती है।

औसत के मामले में यह स्पीड बहुत कम है। इन कंपनियों द्वारा दरअसल जिस गति का दावा किया जाता है,

वह हमेशा उपलब्ध भी नहीं होता।

जिन इलाकों में अधिक उपभोक्ता हो चुके हैं, वहां तो इंटरनेट भी कछुआ चाल से ही चलता रहता है।

भारत में 4 जी की सेवा फिलहाल जिओ, एयरटेल और वोडाफोन उपलब्ध करा रहे हैं।

इनमें एयरटेल ने 10 एमबीपीएस स्पीड का दावा कर रखा है।

सर्वेक्षण में शामिल नहीं होने की वजह से उनके दावों की परख नहीं हो पायी है।

जबकि गैर सरकारी स्तर पर शोधकर्ताओ ने अपने अपने माध्यम से

इसकी जांच कर जो स्पीड निकाली है, वह अधिकतम 6.5 एमवीपीएस तक ही जा पायी है।

यह स्पीड दुनिया के अन्य 33 देशों की मोबाइल सेवा के मुकाबले बहुत कम है।

इंटरनेट पर अब नई तकनीक लाने की तैयारी

दूसरी तरफ भारत में जहां अभी 4 जी का विस्तार हो रहा है, दुनिया के अन्य देशों में अब 5 जी लाने की तैयारी चल रही है।

वैसे विशेषज्ञ मानते हैं कि तुरंत ही इस श्रेष्ठतम सेवा को उपलब्ध कराने का आधारभूत ढांचा

सिर्फ भारत के सार्वजनिक क्षेत्र की तथा सबसे बड़ी कंपनी बीएसएनएल के पास ही मौजूद है।

जो सर्वेक्षण दुनिया भर में किया गया था। उसमें वाई फाइ से मोबाइल की स्पीड की तुलना की गयी थी।

आश्चर्यजनक तरीके से अनेक मोबाइल कंपनियों ने स्पीड के मामले में वाई फाई को पीछे छोड़ दिया है।

इस सर्वेक्षण के पहले तक तो यही माना जाता था कि दरअसल वाई फाई ही सबसे तेज गति की इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराते हैं।

सर्वेक्षण में जिन देशों को शामिल किया गया था, उनमें दुनिया के हर इलाके के देश हैं।

सर्वेक्षण की सूची में आस्ट्रेलिया का नंबर सबसे ऊपर है, जहां मोबाइल की इंटरनेट स्पीड 34.6 एमवीपीए पायी गयी है।

वहां के वाई फाइ की स्पीड 21.6 दर्ज की गयी थी। दूसरी तरफ लेबनान जैसे देश में जहां वाई फाई की गति 2.5 एमबीपीएस है,

मोबाइल में इंटरनेट की गति 14.8 दर्ज की गयी है। सर्वेक्षण में भारत से आगे निकले वाले देशों में

चेक, ओमान, ग्रीस, सउदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की और ईरान भी हैं।

जहां की मोबाइल इंटरनेट सेवा भारत से काफी अधिक है।

वैसे अधिक गति के इंटरनेट वाले देशों में सिंगापुर, हांगकांग, दक्षिण कोरिया और अमेरिका भी हैं।

लेकिन इन देशों में घरेलू ब्राडबैंड ज्यादा लोकप्रिय है।

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