भारत ने उग्रवादी परेश बरुआ की जानकारी चीन को दी

भारत ने उग्रवादी परेश बरुआ की जानकारी चीन को दी
Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः भारत सरकार की तरफ से प्रतिबंधित संगठन उल्फा के सर्वोच्च कमांडर परेश बरुआ की जानकारी चीन को उपलब्ध करायी गयी है।

चीन और भारत से जुड़े सुरक्षा अधिकारियों ने इस सूचना लेनदेन की पुष्टि कर दी है।

उल्लेखनीय है कि परेश बरुआ के बारे में यह जानकारी थी कि वह म्यानमार के सीमा के अंदर से भारत विरोधी गतिविधियों का संचालन कर रहा है।

हाल के दिनों में अनेक युवाओं के नये सिरे से उल्फा से जुड़ने और कई वारदातों में उल्फा संगठन का नाम आने के बाद भारत सरकार उसके मुद्दे पर गंभीर हुई है।

पता रहे कि हाल ही में म्यानमार की सेना ने अपनी सीमा के अंदर कार्यरत कई ऐसे उग्रवादी संगठनों के शिविरों पर कब्जा कर लिया है, जो भारत विरोधी अभियान संचालित किया करते थे।

अब परेश बरुआ के बारे में चीन से जानकारी साँझा की गयी है।

चीन को परेश बरुआ की जानकारी देने का एक अर्थ यह भी निकाला जा रहा है कि चीन के बिल्कुल करीब से अपनी गतिविधियों का संचालन करने वाले परेश पर भी भारतीय सेना हमला कर सकती है।

कुछ लोग अनुमान लगा रहे हैं कि उत्तर पूर्व के राज्यो में लोकसभा चुनाव होने के पहले ही ऐसा कोई अभियान चलाया जा सकता है।

हालांकि पिछले जनवरी माह से परेश बरुआ की गतिविधियों के बारे में असम में लोगों को अधिक जानकारी नहीं मिल पा रही है।

मिली जानकारी के मुताबिक परेश बरुआ का ठिकाना म्यानमार के उत्तर पूर्व में वा राज्य में हैं, जो चीन के कुनमिंग प्रदेश से बिल्कुल सटा हुआ इलाका है।

पहाड़ों और गहरी खाइयों वाले इस इलाके में सबसे निचला इलाका समुद्र तल से छह सौ मीटर की ऊंचाई पर समझा जाता है।

जबकि यहां के पहाड़ी इलाके तीन हजार मीटर की ऊंचाई तक हैं।

इस दुर्गम इलाके की एक सीमा थाईलैंड से भी सटती है।

जाहिर है कि इस इलाके की राजनीति में चीन का बहुत दखल है।

चीन की विचारधारा से प्रभावित यूनाइटेड वा स्टेट पार्टी भी यहां सक्रिय है।

जिसके बारे में यह भी कहा जाता है कि दरअसल इसी पार्टी का शासन यहां चलता है, जिसका प्रभाव म्यानमार की सरकार से कहीं अधिक है।

इसलिए चीन को परेश बरुआ के बारे में जानकारी दिये जाने का अर्थ निकाला जा रहा है कि भारतीय सेना ने परेश बरुआ को भी अपने निशाने पर ले रखा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.