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भारत और रूस के बीच सैनिक समझौता संपन्न मिलेगा एके 203




अगले दस दिनों में एस 400 मिसाइल आयेगी

नये राइफल का बाद में अमेठी में निर्माण होगा

पूर्व का रक्षा सौदा अगले दस वर्षों के लिए जारी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारत और रूस के बीच सैनिक समझौते की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है। इसके तहत भारत को शीघ्र ही अत्याधुनिक एके 203 राइफलों की आपूर्ति प्रारंभ कर दी जाएगी। इसकी पहली खेप तो रूस से तैयार होकर आयेगी जबकि शेष का निर्माण अमेठी के कारखाना में किया जाएगा।




रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के नईदिल्ली पहुंचने के पहले ही इस समझौते के अंतिम रुप प्रदान किया गया। इसके तहत भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूस के विदेश मंत्री सेरेगेई लावारोव और रक्षा मंत्री सेरेगेई शोइगू के साथ द्विपक्षीय बैठक में भाग लिया।

इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर भी शामिल हुए। इस बात चीत में भारत ने अपनी बात रखते हुए रूस के दोनों मंत्रियों को बताया कि चीन की तरफ से आक्रामक रवैया अपनाये जाने की वजह से भारत को अपनी सेना को सतर्क करना पड़ा है।

भारत और चीन की सीमा पर एक साल से अधिक समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस स्थिति में भारत को भी मजबूरी में अपनी सेना को वहां तैनात रखना पड़ रहा है। वार्ता के साथ ही दोनों देशों ने अपने रक्षा संबंधी तकनीकी सहयोग के पूर्व समझौते को अगले दस वर्षों के लिए बढ़ा दिया।

भारत और रूस का रक्षा समझौता भी अगले दस साल तक

इस द्विपक्षीय बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देशों के मंत्रियो की बैठक में भारतीय रक्षा संबंधी आवश्यकताओं को रेखांकित किया गया। साथ ही यह बताया गया कि चीन की तरफ से क्या क्या हरकतें हुई हैं दोनों देशों के मंत्रियों के बीच एशिया के अन्य देशों की स्थिति पर भी चर्चा हुई है।




श्री सिंह ने बताया कि रूस से एके 203 राइफल प्राप्त करने के समझौते को अंतिम रुप प्रदान किया जा चुका है। यह रक्षा समझौता करीब पांच हजार करोड़ रुपये का है। इसके तहत पहली खेप रूस से बनकर आने के बाद शेष राइफलों का निर्माण अमेठी के इंडो राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड के कारखाना में किया जाएगा।

हथियार की कीमत कम रखने के लिए रुस ने अपनी तरफ से इस हथियार की आपूर्ति के लिए लिये जाने वाले रॉयल्टी चार्ज को हटा दिया है। इसके पहले ही रूस ने भारत को एस 400 मिसाइल देने पर भी सहमति जाहिर कर दी है। इस लंबी दूरी के मिसाइलों की आपूर्ति का काम प्रारंभ भी हो चुका है। अगले दस दिनों में मिसाइलों की पहली खेप के भारत पहुंचने की उम्मीद है।

एस 400 मिसाइल भी अगले दस दिनों में आयेगी

बैठक के बाद रूस के रक्षा मंत्री जनरल शोइगू ने कहा कि दोनों देश एक दूसरे का सहयोग करेंगे ताकि पूरे इलाके में विश्वास कायम रहे और वैश्विक भरोसा बढ़े। उन्होंने कहा कि यह बैठक उस परिस्थिति में हो रही है जबकि पूरी दुनिया कोविड 19 महामारी से जूझ रही है।

उन्होंने कहा कि भारत के साथ उनके देश का काफी पुराना और भरोसेमंद साथ रहा है। रूस इसकी कद्र करता है। मिली जानकारी के मुताबिक दोनों देशों के दो दो मंत्रियों की इस बैठक में अफगानिस्तान की स्थिति और उससे मध्य एशिया में बदलते परिवेश पर भी चर्चा हुई है। लेकिन किसी पक्ष ने औपचारिक तौर पर इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया है।

रूस के विदेश मंत्री सेरेगेई लावरोव ने कहा कि दोनों देश इस सिद्धांत पर विश्वास करते हैं कि पूरी दुनिया में शांति रहे और दोनों ही देश अन्य देशों के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप नहीं करते हैं। यह सारी प्रक्रिया रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के दिल्ली पहुंचने के पहले ही पूरी कर ली गयी है। श्री पुतिन आज ही भारत रूस वार्षिक सम्मेलन में भाग लेंगे। उनका यह एकदिवसीय दौरा है।



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