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कर्णपुरा कॉलेज के मामले में अब सेवानिवृत्त प्राचार्य के खिलाफ मोर्चाबंदी

हजारीबाग : कर्णपुरा कॉलेज का विवाद पर नया मामला प्रकाश में आया है। उपरोक्त

विवाद के संदर्व में मिली जानकारी के अनुसार कर्णपुरा कालेज के पूर्व प्राचार्य 30 अप्रैल

2020 को सेवानिवृत्त होने के बाद रामसेवक ने वर्तमान प्राचार्य को अभी तक प्रभार नहीं

सौंपे। साथ ही कॉलेज की दो बस, कम्प्यूटर,लैपटॉप , प्रिंटर, भूमि संबंधी दस्तावेज़ ,

कॉलेज के दस्तावेज़ अपने घर पर रखे हुए हैं,जो कि राज्य सरकार की सम्पत्ति है,

उपरोक्त संपत्ति को रामसेवक अपना निजी सम्पत्ति समझ कर अपने घर में रखे हुए हैं।

कर्णपुरा कॉलेज के प्राचार्य कक्ष में ताला भी लगा कर रखे हुए है

जो अभी तक बंद है। रामसेवक एवं इनके परिजनों के द्वारा कर्णपुरा कॉलेज के शिक्षक

एवं शिक्षकेतर  कर्मचारियों को डराते व धमकाते रहते हैं। और षड्यंत्र करके कॉलेज

कर्मियों को फसाने का  प्रयास कर रहे है ,जिसके कारण कॉलेज में कार्यरत लोग डरे सहमे

हुए हैं। वही पूर्व प्राचार्य  के सेवानिवृत्ति के पश्चात महाविद्यालय प्रबंधन कमेटी के द्वारा

बड़कागांव विधायक  अम्बा प्रसाद के सहमति से नए कालेज प्रबंधन कमेटी का गठन

किया गया है । गठित  कमेटी के द्वारा विनोबा भावे विश्वविद्यालय और तमाम नियम

कायदे कानून के  आलोक में बना कर गठन किया गया है। वर्तमान में गठित नहीं कमेटी

जिसमें पूर्व प्राचार्य  की सहमति रजामंदी नहीं ली गई इसी दुर्भावना से ग्रसित होकर पूर्व

प्राचार्य ने विधायक  अम्बा प्रसाद, बिनोवा भावे विश्वविद्यालय कुलपति मुकुल नारायण

देव कुलसचिव सह कर्णपुरा कॉलेज़ प्राचार्य और कर्णपुरा कॉलेज के वर्तमान प्राचार्य और

कर्मियों पर  बड़कागांव थाना कांड संख्या 54 /21 मामला दर्ज कराया है। उपरोक्त मामले

के ऊपर  बड़कागांव विधायक अम्बा प्रसाद किसके अनुसंधान कर रहे कर्मियों ने भी किसी

प्रकार  की कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन राष्ट्रीय खबर को मिली जानकारी के अनुसार

उपरोक्त घटित घटना जिसकी पुष्टि कॉलेज प्रबंधन एवं क्षेत्र के बुद्धिजीवी समाजसेवी भी

करते हैं । की पूर्व प्राचार्य दुर्भावना से ग्रसित होकर मामले को न्यायालय की शरण में ले

जाना चाहते हैं।

कर्णपुरा कॉलेज के वर्तमान प्राचार्य क्या कहते हैं

कीर्तिनाथ महतो ने बताया कि पूर्व प्राचार्य रामसेवक महतो 48 लाख रुपया का गमन का

आरोप लगाया है, सौ गलत है, कॉलेज का एक वर्ष 2019 -20 राज्य सरकार द्वारा प्राप्त

अनुदान राशि का 80% की राशि उस पैसा कॉलेज के सभी कर्मचारी का अकाउंट पर

ट्रांसफर हुआ है । 20% राशि का कॉलेज विकास मद में खर्च की गई है । अनुदान की राशि

जो भी कॉलेज का विकास के अलावा खर्च के बाद बचा हुआ पैसा कॉलेज के खाता में शेष

राशि जमा है।

क्या कहते हैं हजारीबाग बिनोवा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति

मुकुल नारायण देव कर्णपुरा कॉलेज बड़कागांव डिग्री कॉलेज का गमन आरोप सरासर

गलत है। आगे श्री देव ने बताया कि झरखंड राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनुदान

राशि ट्रेजरी के माध्यम से सीधे कॉलेज के खाते में स्थानांतरित कर दिया जाता है। तथा

उन इकाई के द्वारा अनुदान राशि लागू के खाते के अतिरिक्त किया जाता है। ऐसे में

गमन का प्रश्न नहीं उठता है। कुलपति कुलसचिव विधायक विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि

या पूरे निकाई का आरोप लगाना असवैधानिक और षड्यंत्र है। अनुदान की राशि वितरित

करने में विश्वविद्यालय प्रशासन कोई भूमिका नहीं है। अनुदान की राशि वितरित किए

जाने के बाद उपयोगिता प्रमाण पत्र कॉलेज द्वारा विश्वविद्यालय को भेजा जाता है। तथा

विश्वविद्यालय अभी प्रमाणित कर सरकार को भेजती है। जब से सरकार द्वारा अनुदान

की राशि आवंटन करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। तब से यह नियम लागू है। ऐसा में कोई

अनियमितता का प्रश्न नहीं उठता है ।

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