fbpx Press "Enter" to skip to content

इमरान खान के बयान पर विपक्षी सदस्यों ने जताया कड़ा विरोध

इस्लामाबादः इमरान खान के जमायत उलेमा ए इस्लाम(जेयूआई-एफ) प्रमुख मौलाना

फजलुर रहमान पर उनकी सरकार को ‘गिराने’ के प्रयास में राजद्रोह का मामला दर्ज किए

जाने वाले बयान पर नेशनल एसेम्बली में विपक्ष के सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया।

राष्ट्रीय एसेम्बली की शुक्रवार को बैठक में विपक्षी सदस्यों ने एकस्वर में सरकार के

मौलाना फजलुर रहमान के खिलाफ ऐसे किसी कदम का कड़ा विरोध जताते हुए सरकार

को चुनौती दी ‘‘ यदि ऐसा कर सकते हो तो करो।’’ पाकिस्तान पीपल्स पार्टी(पीपीपी)

अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि यदि मौलाना फजल और ख्वाजा आसिफ के

खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया जाता है तो यह अन्याय होगा । उन्होंने सरकार पर

निशाना साधते हुए कहा,‘‘ सर्वाधिक वांछित आंतकवादी एहसानउल्लान एहसान खुले

आम घूम रहा है किंतु राजनीतिक नेताओं के खिलाफ ही मामले दर्ज किए जा रहे हैं।’’

श्री भुट्टो ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए की किन आरोपों और कारणों से

राजनीतिग्यों के खिलाफ देशद्रोह मामले दर्ज किए जा रहे हैं। पाकिस्तान मुस्लिम लीग

नवाज (पीएमएल-एन) के ख्वाज आसिफ ने प्रधानमंत्री के बयान पर विरोध जताते हुए

कहा राजनेताओं को श्री खान से देशभक्ति के प्रमाणपत्र की कोई जरुरत नहीं है ।

राजनेताओं ने लोकतंत्र के लिए हर तरह का त्याग किया है । उन्होंने कहा,‘‘ कराची के पूर्व

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राव अनवर और टीटीपी नेता एहसानउल्लाह एहसान खुले घूम

रहे हैं जबकि राजनीतिग्यों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं । ऐसे रास्ते मत खोलिए

यह बहुत खतरनाक हैं।’’

इमरान खान के लगाया है देशद्रोह का गंभीर आरोप

श्री आसिफ ने कहा कि मौलाना फजल ने केवल देश में अभूतपूर्व मंहगाई की तरफ सरकार

का ध्यान खींचा था और उनके खिलाफ शासक देशद्रोह का मामला करने की बात कर रहे

हैं। मौलाना फजल के पुत्र मौलाना असद महमूद ने कहा कि सदन में अनुच्छेद छह

मौलाना पर लागू नहीं किया जाना चाहिए । श्री खान को चयनित प्रधानमंत्री पुकारने वाले

मौलाना असद ने कहा,‘‘ मैं आपको (प्रधानमंत्री) को चुनौती देते हूं कि हमारे खिलाफ

मामला दर्ज कर दिखायें, हम वह नहीं करेंगे जो सरकार चाहती है।’’ सदस्यों के विरोध को

देखते हुए संसदीय कार्यमंत्री अली मोहम्मद खान ने कहा कि सरकार को इरादा किसी को

निशाना बनाना नहीं है किंतु मौलाना फजल को देश को यह बताना चाहिए कि उन्हें किसने

सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए आश्वस्त किया है ।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from बयानMore posts in बयान »

Be First to Comment

Leave a Reply

Open chat
Powered by