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इलिश उत्पादन में बांग्लादेश ने सारे पुराने रिकार्ड ध्वस्त कर दिये

  • ढाका का अधिकांश इलाका मछली बाजार में तब्दील

  • कई लोगों ने मौका ताड़कर कारोबार भी बदल लिया

  • इस सफलता का सारा श्रेय पीएम शेख हसीना को

  • अभी भविष्य में और बड़े आकार के इलिश आयेंगे

ढाका से अमीनूल हक

ढाकाः इलिश उत्पादन में बांग्लादेश ने अपने सारे पूर्व रिकार्ड तोड़ दिये हैं। इस चालू मौसम

में साढ़े पांच लाख मैट्रिक टन इलिश उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य

के बाद भी जिस तरीके से नदियों से और समंदर के मुहाने से इस प्रजाति की मछलियां

पकड़ी जा रही है, उससे तय है कि यह रिकार्ड भी पीछे छूटने जा रहा है।

वीडियो में समझिये कौन क्या कह रहा है इस बारे में

मछली कारोबारी भी यह अच्छी तरह समझ रहे हैं कि इस बार का इलिश उत्पादन

अनुमान से कहीं बहुत अधिक होने जा रहा है। हालत कुछ ऐसी हो गयी है कि बांग्लादेश

की राजधानी ढाका में भी अनेक इलाके फिलहाल इस मछली के बाजार के तौर पर काम

कर  रहे हैं। यहां तक कि सड़क के किनारे भी टोकरी में इलिश मछली लेकर विक्रेता बैठे हैं।

सुबह से शाम और देर रात तक चल रहा है कारोबार

छोटे आकार की टोकरी में सजी मछली हर आने जाने वालों में से मछली के शौकिनों को बरबस की अपनी तरफ आकर्षित कर रही है।

नतीजा यह है कि ढाका सहित पूरे बांग्लादेश में अगर किसी उत्पादन की सबसे अधिक बिक्री चल रही है तो वह इलिश ही है।

इलिश उत्पादन अधिक होने की वजह से उसके दाम कम हुए हैं।

इलिश उत्पादन की यह स्थिति खाने के शौकिनों का अवसर

ऐसे में मछली के शौकिनों के लिए सस्ते में यह मछली खाना किसी अच्छे अवसर के जैसा

ही है। सुबह के मछली बाजार के बाद शाम से रात 11 बजे तक यह कारोबार पूरे दम खम से

चल रही है। बाजार में अब दो किलो के आकार के इलिश की कीमत सर्वाधिक एक हजार

रुपये प्रति किलो है, जो आम मौसम में असंभव सा प्रतीत होता है। आम अवसर इसके

प्रजाति की छोटी मछली की कीमत ही आठ सौ से प्रारंभ होती है। ढाका के बाजार में आप

चाहें तो सात सौ से आठ सौ रुपये प्रति किलो की दर से डेढ़ किलो के आकार की इलिश

मछली खरीद सकते हैं। छोटे आकार के इलिश उत्पादन अभी बाजारम  पांच सौ रुपये प्रति

किलो के दर से उपलब्ध है। जिसकी जैसी क्षमता है वह अपने घर के लिए उतनी मछली

खरीदकर लौट रहा है।

व्यापारियों को भी इस बारे अच्छे कारोबार की उम्मीद

खिलगांव के मछली काराबोरी जयनाल ने कहा कि इस बार इलिश उत्पादन बहुत अधिक

है। बाजार में उसकी आमद उम्मीद से काफी अधिक होने की वजह से दाम भी कम हुए हैं।

उन्होंने खुद दो दिन पूर्व ढाई किलो की एक इलिश मछली 28 सौ रुपये में  बेची है। ढाका के

मछली आढ़तों में रात बीतने के साथ साथ इलिश उत्पादन की आमद होने लगती है।

नदियों से घिरे इस देश के हर तरफ से अभी यह मछली बाजार में लायी जा रही है। हालात

यह है कि दूसरे कारोबार से जुड़े लोग भी इस व्यापार की रफ्तार को देखते हुए इनदिनों

इलिश उत्पादन के कारोबार से ही जुड़ गये हैं। इसके लिए कई लोगों ने अपना पुराना

कारोबार फिलहाल बंद भी कर रखा है।

सरकारी स्तर पर प्रजाति बचाने के कई उपाय किये गये थे

वैसे इस इलिश उत्पादन में बढ़ोत्तरी का कारण सरकारी इंतजाम भी हैं। इस प्रजाति को

संरक्षण देने और नियत समय से पहले उनके शिकार पर कड़ी निगरानी रही है। इसके

नतीजे भी सामने आने लगे हैं। यहां तक कि प्रतिबंधित समय में समंदर के अंदर बने

जंगलों में भी इसका शिकार न हो, इस पर सरकार की कड़ी नजर है। यह जान लें कि

दुनिया के 85 प्रतिशत इलिश उत्पादन का इलाका बांग्लादेश ही है। जब से सरकार ने ऐसे

प्रतिबंध लागू किये हैं, हर साल 12 से 14 हजार टन इलिश उत्पादन में बढ़ोत्तरी दर्ज की

जा रही है। इस एक  कारोबार के जरिए लाखों लोगों को बेहतर रोजगार भी मिल रहा है।

इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री शेख हसीना को जाता है। जिनकी पहल पर यह नियम न

सिर्फ बनाये गये हैं बल्कि उन्हें कडाई से लागू भी किया गया है।

कोरोना की शांति ने भी इन्हें बढ़ने का मौका दिया – डॉ रहमान

बांग्लादेश मछली इंस्टिट्यूट के मुख्य वैज्ञानिक और इलिश मछली के विशेषज्ञ वैज्ञानिक डॉ अनीसूर रहमान ने इस बारे में कहा कि सरकारी फैसले पर अमल हो उसमें सभी का योगदान रहा है।

लेकिन इसका सीधा श्रेय एकमात्र प्रधानमंत्री शेख हसीना को ही जाता है।

उनकी पहल का ही नतीजा है कि अब बड़े आकार की इलिश मछलियां भी मिल रही हैं, जिनकी अधिक मांग है।

उनके मुताबिक अभी तो इसके कारोबार का मौसम प्रारंभ हुआ है इसलिए उम्मीद कीजिए

कि आने वाले दिनों में और बडे आकार के इलिश मछली बाजार में आसानी से उपलब्ध

होंगे। उनके मुताबिक कोरोना काल की शांति की वजह से भी समंदर और नदी के मुहाने

पर इलिश मछली के बच्चों को बढ़ने और विकसित होने का बेहतर मौका इस बार मिल

पाया है। इससे साबित होता है कि इन इलाकों में मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए खास

समय के लिए मछली शिकार पर पाबंदी के अलावा प्राकृतिक शांति भी जरूरी है।

अब हम मवेशी मामले में भी आत्मनिर्भर होंगे- रेजाउल करीम

बांग्लादेश के मत्स्य एवं वन्य जीवन मंत्री शम्स रेजाउल करीम भी इस स्थिति से काफी

प्रसन्न हैं। इस बारे में राष्ट्रीय खबर द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस प्रसन्नता के

दो कारण हैं। पहलो तो इलिश में अपना श्रेष्ठ रिकार्ड रखने के साथ साथ अब बांग्लादेश

मछली उत्पादन में भी पूरी दुनिया में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि

मवेशियों के मामले में भी बांग्लादेश की काफी तरक्की हुई है। इसलिए आने वाले दिनों में

मवेश आयात करने की मजबूरी भी समाप्त होने जा रही है। वह मानते हैं कि जो नियम

बनाये गये थे, उनका बेहतर परिणाम इस बार साफ साफ नजर आ रहा है।


 

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