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वजन कम करना चाहते हैं तो चावल देखकर खाइये




  • वैज्ञानिक अनुसंधान में राज भी सामने आया

  • वैज्ञानिक अनुसंधान में हर चावल का विश्लेषण हुआ

  • पॉलिस किया हुआ सफेद चावल सबसे खतरनाक

  • काला चावल में अन्य ढेर पोषक तत्व मौजूद

प्रतिनिधि

नईदिल्लीः वजन कम करना एक उम्र के बाद बड़ी चुनौती बन जाती है।

अक्सर ही लोग मोटापे का शिकार होने की वजह से कई अन्य बीमारियों के चंगुल में भी फंस जाते हैं।

अब वैज्ञानिकों ने शोध के बाद चावल के गुण-दोष को स्पष्ट कर दिया है।

लिहाजा अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो कौन सा चावल आपके लिए फायदेमंद है, यह आप खुद भी तय कर सकते हैं।

इससे आपको अधिक वजन से होने वाली कई अन्य बीमारियों से भी मुक्ति पाने का नया रास्ता मिल जाएगा।

वजन कम करने की चर्चा करते ही अक्सर लोगों को बिना मांगे यह सलाह मिल जाती है कि चावल खाना छोड़ दो।

लेकिन वैज्ञानिक चावल और उसकी विशेषताओं का विश्लेषण कर चुके हैं।

जिसका निष्कर्ष यही है कि कुछ खास चावल मोटापा कम करने में भी मददगार साबित हो सकते हैं।

इसके लिए लोगों को चावल छोड़ने की जरूरत नहीं बल्कि अपने खान-पान को सुधार लेने की जरूरत है।

आम तौर पर चावल कार्बोहाइड्रेट का बड़ा स्रोत है। इसमें रेशे भी होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देते हैं।

लेकिन इसमें मौजूद ग्लाइसेमिक इंडैक्स ही परेशानी का असली कारण है।

वजन बढ़ने की एक वजह चावल का जल्दी पचना भी है

यह जल्दी हजम होता है और उसी वजह से चावल खाने के बाद इंसान के शरीर में सूगर की मात्रा तेजी से ऊपर चली जाती है।

वैज्ञानिक मानते हैं कि चूंकि यह जल्दी हजम हो जाता है, इसलिए लोगों को चावल खाने के बाद भूख भी जल्दी लगती है।

जिसका नतीजा होता है कि वे भूख मिटाने के लिए कुछ और खाने लगते हैं।

यह अतिरिक्त भोजन भी उनके शरीर में अतिरिक्त कैलोरी पहुंचा देता है।

जो बाद में अंततः चर्बी बनकर पहले तोंद फिर शरीर के अन्य हिस्सों में लटकने लगता है।

वैज्ञानिक अनुसंधान के दायरे में हर किस्म के चावल का अलग अलग विश्लेषण किया गया था।

इनमें से सभी में कैलोरी की मात्रा लगभग एक जैसी होती है। लेकिन उनमें मौजूद रेशा अलग अलग होता है।

इस फाइबर की मात्रा से भी शरीर में फर्क पड़ता है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक ब्राउन, रेड औऱ बिना पॉलिस का अथवा हाथ से पॉलिस किया गया चावल अधिक रेशेदार होता है।

वरना कारखाना में जब चावल की पालिश की जाती है तो उसका बाहरी हिस्सा घिसकर अलग हो जाता है।

इस अलग होने वाले हिस्से में ढेर सारा रेशा भी चला जाता है। यह रेशा ही शरीर के लिए अधिक फायदेमंद है।

आम तौर पर कारखाना में पालिश के बाद बाजार में लाया गया चावल

इस लिहाज से सबसे अधिक नुकसानदायक है क्योंकि इसके पौष्टि गुणों का अधिकांश हिस्सा पालिश के दौरान ही बाहर चला जाता है।

लेकिन एक सौ ग्राम चावल में 150 कैलोरी मौजूद रहती है।

वजन बढ़ने के लिए सफेद पॉलिश किया हुआ चावर नुकसान दायक

इसलिए वजन कम करने की सोचने वालों को यह कारखाना का पॉलिस किया हुआ चावल बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए।

जिनलोगों को ब्लड सूगर की बीमारी है, उन्हें भी सफेद चावल से परहेज करना चाहिए

क्योंकि इसमें ग्लाइसेमिक इंडैक्स अधिक होता है।

अगर आप वजन कम करने की सो रहे हैं तो चावल की किस्म के बदलकर भी आजमा सकते हैं।

आप वैसे चावल खा सकते हैं, जिनमें पौष्टिकता अधिक है लेकिन वे वजन कम करने में मदद पहुंचाते हैं।

मसलन जब हम ब्राउन राइस के एक सौ ग्राम भोजन करते हैं तो हमारे शरीर में 111 कैलोरी पहुंचती है।

लेकिन इसमें एंथ्रोसियानिन नामक एंटीऑक्सीडेंट भी होता है। यह वजन कम करने में मददगार है।

इसी तरह लाल चावल यानी रेड राइस में भी मैंगनीस की प्रचुरता होती है।

इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म ठीक रहता है। इसके एक कप चावल में 216 कैलोरी होती है।

वैज्ञानिकों ने बता दिया है कि चावल का रंग जितना गहरा होता है

उसमें एंटी ऑक्सीडेंट की मात्रा उतनी ही अधिक होती जाती है।

बिना पॉलिस के काला चावल इस लिहाज से सबसे अधिक 280 कैलोरी देते हैं

जबकि इनमें माइक्रोन्यूट्रियंट, विटामिन बी 6, जिंक, फॉस्फोरस, नियासिन और फोलेट भी होते हैं।

वैज्ञानिकों ने स्पष्ट कर दिया है कि चूंकि चावल में कोई प्रोटिन नहीं होता है

इसलिए उसे दाल अथवा किसी अन्य प्रोटिन युक्त आहार के साथ ही खाना चाहिए।

वैज्ञानिक अनुसंधान कहता है कि चावल को पकाने के पहले उसे

तीन-चार बार धो लेना चाहिए ताकि उससे ऊपर का स्ट्रार्च निकल जाते।

अधिक पानी में चावल पकाने पर भी स्टार्च की अतिरिक्त मात्रा बाहर निकल जाती है,

जो शरीर के अंदर जाने पर नुकसान पहुंचाती है।



Rashtriya Khabar


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