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उच्चतम न्यायालय में हैदराबाद दुष्कर्म संबंधी याचिका पर बुधवार को सुनवाई

नयी दिल्लीः उच्चतम न्यायालयमें हैदराबाद के दिशा बलात्कार एवं हत्याकांड के आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ में

मार गिराये जाने की घटना की स्वतंत्र जांच से संबंधित याचिका पर बुधवार को सुनवाई करेगा। याचिकाकर्ता दो

वकीलों – जी एस मणि और प्रदीप कुमार यादव की ओर से मामले का विशेष उल्लेख मुख्य न्यायाधीश एस.ए. बोबडे

की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष किया गया तथा मामले की गम्भीरता के मद्देनजर त्वरित सुनवाई का आग्रह

किया गया।

न्यायमूर्ति बोबडे ने कहा कि इस मामले में तेलंगाना उच्च न्यायालय में सुनवाई हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘उच्च

न्यायालय में सुनवाई हो जाने दीजिए। हम इस मामले में बुधवार को सुनवाई करेंगे।’’

दोनों वकीलों ने मांग की है कि पुलिस टीम के मुखिया समेत मुठभेड़ में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ

प्राथमिकी दर्ज कर जांच कराई जानी चाहिए।

इस याचिका में मांग की गयी है कि यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), विशेष जांच दल (एसआईटी),

अपराध जांच विभाग (सीआईडी) या किसी अन्य निष्पक्ष जांच एजेंसी से कराई जाए, जो तेलंगाना शासन के अधीन

न हो। याचिकाकर्ताओं ने इस बारे में भी जांच की मांग है कि क्या मुठभेड़ को लेकर शीर्ष अदालत के 2014 के

दिशा-निर्देशों का पालन किया गया या नहीं।

उच्चतम न्यायालय में दायर की गयी है याचिका

गौरतलब है कि इसी मामले में वकील मनोहर लाल शर्मा ने भी याचिका दायर की है। श्री शर्मा ने अदालत की

निगरानी में विशेष जांच दल से जांच के साथ-साथ आरोपियों के खिलाफ टिप्पणी करने पर राज्य सभा सासंद

जया बच्चन और दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

ऐसे मामलों में शामिल आरोपियों को अदालत से दोषी करार दिए जाने तक मीडिया में बहस पर रोक लगाने के

निर्देश देने की भी मांग की गयी है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी के बाद ही इसमें

तेजी आयी है।

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One Comment

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