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समुद्र में रहने वाले विशाल प्राणी का पहली बार वैज्ञानिकों ने पता लगाया




  • ब्लैक रॉक डेजर्ट में मिली इसकी फॉसिल
  • आकार में करीब साठ फीट लंबा होता था
  • सावधानी से पहाड़ी ढलाने से निकाला गया
  • एक बयस्क इंसान के बराबर तो इसकी खोपड़ी थी
राष्ट्रीय खबर

रांचीः समुद्र में रहने वाले एक अति विशालकाय प्राणी का पहली बार पता चला है। दरअसल अब तक इतने बड़े आकार के प्राचीन समुद्री जानवर के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली थी। इंसानों के वर्तमान स्वरुप के विकसित होने के पूर्व ही ऐसे सारे प्राणी इस धरती से विलुप्त हो चुके थे।




नेवेदा के ब्लैक रॉक डेजर्ट में इस प्राणी के अवशेष मिलने के बाद शोधकर्ताओं से बड़ी बारिकी से इस प्राणी की संरचना को तैयार किया है। इसके बाद पता चला है कि यह प्राणी इतना बड़ा था कि एक बड़ा इंसान भी इसकी खोपड़ी के बराबर है। वैज्ञानिकों ने इस प्राणी का नाम सिंबोस्पोंडाईलूस रखा है।

अवशेषों को संभालकर निकालने में भी बहुत सावधानी बरतनी पड़ी। वैसे यह भी स्पष्ट हो गया कि प्राचीन काल में आज का यह रेगिस्तानी इलाका भी दरअसल समुद्र था। इसी वजह से इस अति विशाल समुद्री प्राणी की फॉसिल यहां पायी गयी है।

समुद्र में रहने वाले प्राणी का अवशेष रेगिस्तान में मिला

अनुमान है कि यह आज से करीब 244 मिलियन वर्ष पूर्व इस धरती पर रहा करता था। उसके फॉसिल के आधार पर उसकी कुल लंबाई साठ फीट और वजन करीब चालीस टन आंका गया है। इस बारे में प्रोफसर मार्टिन सैंडर ने लिखा है आज के दौर में ह्वेल ही इस धरती के सबसे बड़े प्राणी है।




लेकिन प्राचीन पृथ्वी में यह सरीसृप जैसा प्राणी भी उस काल के समुद्र में रहा करता था। परीक्षण में उसके तेज और नुकीले दांत भी पाये गये हैं। वैसे इसे देखकर ऐसा भी माना जा रहा है कि वर्तमान ह्वेल की प्रजाति का विकास भी ऐसी ही प्राणी से हो सकता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टॉल के वैज्ञानिक बेंजामिन मून कहते हैं कि इस प्रकार के प्राणी का अचानक ही पाया जाना अपने आप में अचरज है और यह साबित करता है कि आधुनिक विज्ञान को प्राचीन पृथ्वी और उसके प्राणियों के बारे में अब तक पूरी जानकारी नहीं हो पायी है।

अपने नुकीले दांतों से शिकार किया करता था

ब्लैक रॉत डेजर्ट के इस फॉसिल की जानकारी तो पहले ही हो गयी थी। लेकिन वह इलाका पहाड़ी था और उस क्षेत्र में ऐसा खनन करना खतरे का काम था। इसलिए सारी तैयारी कर लेने के बाद बड़ी सावधानी से पूरी फॉसिल को अलग अलग निकाला गया। वैसे पहाड़ों के अंदर यह पूरा प्राणी एक ही स्थान पर खोजा गया था।

अब वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि जो फॉसिल उन्हें मिला है वह किसी वयस्क का है या नहीं। अगर यह वयस्क नहीं है तो पूर्ण वयस्क इस प्राचीन प्राणी का पूरा आकार कितना होता था। अपने नुकीले दांतों से वह छोटे प्राणियों का शिकार कर उन्हें भोजन बनाता था, इसका पता चल चुका है।



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