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लॉकडाउन से राजधानी रांची के किराने दूकानदारों में संदेह, दुकान खोले तो सामान कैसे जुटाये

अमित कुमार वर्मा

रांची : लॉकडाउन के कारण भारत के विभिन्न राज्यों में पुलिस अपनी सख्ती बरतने से

पीछे नहीं हट रही और जरूरत पड़ने पर जनता की पिटाई भी कर रही है ताकि लोग घर के

अंदर ही रहे और कोरोना के बढ़ते प्रकोप से खुद भी बचे और इस वैश्विक महामारी को

फैलने से भी रोके। जिसके कारण कई राज्य, शहर, गांव सभी सुविधानुसार जरूरी सेवा

दुकानों को खोलने के लिए विभिन्न तरह के नियम, कानून व वक़्त बना कर रखे है।

जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग घरों पर रह सके।

लॉकडाउन में दुकानदारों की दिक्कते

ऐसा ही कुछ हाल रांची शहर में हुआ पड़ा है, जहां रोजाना दुकान खोलने की अनुमति तो दी

गई है पर झारखंड सरकार ने कुछ ई-कॉमर्स दुकान, मॉल से टाई अप कर के लोगों के लिए

सुविधाएं बना राखी है। जहां एक कॉल करने पर 24 घंटो के भीतर समान घर पहुँच जा रहा

है जिसके लिए अतिरिक्त चार्जेस भी देय है। पर बावजूद इसके शहर में लगभग सभी

किराने, सब्जी, मेडिकल की दुकाने खुली हुई है, जिसमे किराने की दुकान दिनभर नहीं

खुल पा रही। चूंकि किराने की दुकान खोलने पर कोई पाबंदी है या नहीं यह एक बड़ी

समस्या है। रांची के कुछ दुकानदारो का कहना है कि दिनभर दुकान खोल रहे लोगों को

प्रशासन कई जगह बंद करवा देती है, जो डरते-डरते दुकान चला रहे है। दुकानदारो मे संदेह

समय, समान और पैसों सभी चीज़ों का है। और दुकान नहीं चलाने पर महीने के अंत में रेंट

कैसे भर पाएंगे इसकी भी बड़ी समस्या देखने को मिल रही है। दुकानदारों को विभिन्न

समस्याओं को देखते हुए सतर्कता के साथ दुकान चलाना पड़ रहा है। पुछे जाने पर एक

दुकानदार ने बताया कि जिस होलसेल्लर से वह सामान लाते रहे है वो आज की स्थिति में

जाने पर घंटो लाइन में खड़ा कर देता है और समान महंगे दाम में देता है। हालांकि रेट का

महँगा होना इसके पीछे का कारण बताता है। रांची में पंडरा बाज़ार से लोग जरूरी समान

तो जूटा सकते है पर दुकानदार समान लाने जाने में पुलिस से पकड़े जाने के संदेह से भी

कतरा रहे है। और जाने पर भी दुकानदारों को सभी समान मिल भी नहीं पा रहा है। यह

सिर्फ छोटे दुकानदारो की समस्या नहीं बल्कि बड़े होलसेल्लर को भी झेलना पड़ रहा है।

कुछ समान की मांग बाज़ार में बहुत ज्यादा है जैसे आटा, चावल, दाल आदि। जिसमे आटे

की स्थिती ऐसी है की दुकान पर उतरते ही ग्राहको की भीड़ से स्टॉक खाली हो जा रहा है।

इन समस्याओ को देखते हुए खाली स्टॉक की स्थिती कई दुकानदारों को ना चाहते हुए भी

दुकान ना खोल कर घरों बैठने को मजबूर कर रखा है। जो दुकानदारो के लिए एक बड़ी

समस्या बनकर खड़ी हुई पड़ी है और सबसे ज्यादा रेंट पर चल रहे व्यवसाय की है।

लॉकडाउन की स्थिति में दुकानदारो की मांग

रांची के दुकानदारो ने सरकार से मांग की है कि कोई दिशा-निर्देश जारी करे ताकि

दुकानदार आसानी से सामान जुटा सके। साथ ही सरकार कोई एक वक़्त तय करे कि

दुकान एक वक़्त पर खुल सके और ग्राहको को सामानो की पूर्ती की जा सके।

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