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गर्म लावा के प्रवाह से द्वीप का इलाका बढ़ता जा रहा है




ला पाल्मा के ज्वालामुखी विस्फोट के बाद बदलाव
अब तक 835 एकड़ का इलाका बन चुका है वहां
जहरीली गैसों का भी हो रहा है रिसाव

लॉस इलानोसः गर्म लावा समुद्र में गिरकर ठोस होता जा रहा है। वहां से गर्म भाप निकल रहा है और रासायनिक प्रतिक्रिया की वजह से जहरीले गैस भी बन रहे हैं। इन सारे घटनाक्रमों के बीच अजीब नजारा द्वीप के भौगोलिक क्षेत्रफल का बढ़ते जाना है।




वीडियो में देखिये इस घटना को

दरअसल यह लावा जब समुद्र में गिरकर ठंडा हो रहा है तो वह ठोस रुप में तब्दील हो रहा है। यह ठोस रुप ही नई जमीन का निर्माण कर रहा है।

अनुमान है कि गर्म लावा के समुद्र में प्रवाहित होकर आने की वजह से वहां करीब 835 एकड़ नया इलाका बन गया है। यह द्वीप के पश्चिमी छोर पर है, जहां से कुंबरे वियेजा ज्वालामुखी का लावा समुद्र में गिरने लगा है।

वैसे इस बीच ज्वालामुखी में अब भी लगातार विस्फोट हो रहे हैं। यूरोपियन यूनियन के वैज्ञानिकों ने वहां की स्थिति का मुआयना करने के बाद इसकी पुष्टि कर दी है।

पानी में गिरने के बाद गर्म लावा के ठोस में बदल जाने की वजह से नई जमीन का निर्माण हो रहा है जो इस द्वीप के भौगोलिक इलाके को फिलहाल अंग्रेजी के डी शब्द की शक्ल में बढ़ाता जा रहा है।

जो नई जमीन बनी है वह आकार में करीब 338 हेक्टेयर की है। यह सारा का सारा लावा ही है, जो पानी के संपर्क में आने के बाद जमकर ठोस हो गया है।




स्पेन के इस ला पाल्मा इलाके के ज्वालामुखी विस्फोट से होने वाले इस बदलाव को पहली बार वैज्ञानिक खुली आंखों के अलावा अत्याधुनिक वैज्ञानिक यंत्रों के सहारे भी देख रहे हैं।

गर्म लावा को समुद्र में गिरते हुए देखा जा रहा है

वैसे वहां जहरीले गैसों की मौजूदगी के प्रमाण मिल रहे हैं, जिसकी आशंका पहले ही व्यक्त कर दी गयी थी। दरअसल पानी में गर्म लावा के गिरने से जो भाप पैदा होता है उसी वजह से ऐसी जहरीले गैसों का निर्माण होता है।

इन गैसों की वजह स पास के तीन गांव में रहने वाले लोगों को बहुत सावधानी बरतने को कहा गया है वरना इन गैसों के संपर्क में आने पर भीषण संकट हो सकता है। इस घटनाक्रम पर यूरोपियन यूनियन के वैज्ञानिक अपने कॉपरनिकस अभियान के तहत नजर रखे हुए हैं।

उन्होंने पाया है कि करीब एक हजार डिग्री के तापमान वाला गर्म लावा जब समुद्र में जा गिरता है तो ठंडे पानी के प्रभाव से वह जमकर ठोस होता जा रहा है। यह ठोस इलाका बाद में अन्य इलाकों की जमीन के जैसा ही बन जाएगा और वहां भी समय के साथ साथ हरियाली लौट आयेगी। फिलहाल यह द्वीप के क्षेत्रफल में नई जमीन जोड़ने का काम कर रहा है।

गत 19 सितंबर को पहली बार ज्वालामुखी में विस्फोट होने के बाद करीब तीस किलोमीटर का रास्ता तय कर यह गर्म लावा अब समुद्र में सीधे आकर गिर रहा है। बीच के रास्ते में आने वाली सारी चीजों को यह जलाकर राख कर चुका है।

इस ला पाल्मा द्वीप का दायरा करीब 35 किलोमीटर लंबा और 20 किलोमीटर चौड़ा है। यहां की कुल आबादी 85 हजार की है। इस द्वीप के मुख्य कारोबार यानी केला का उत्पादन ज्वालामुखी विस्फोट से बुरी तरह प्रभावित हुआ है जबकि जान का नुकसान नहीं होने के बाद भी आर्थिक नुकसान जबर्दस्त है।



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