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गृहमंत्री अमित शाह ने कहा आठ समूहों के 644 उग्रवादियों ने हथियार डाला

  • केंद्रीय गृहमंत्री का उत्तर पूर्व का तीन दिवसीय दौरा

  • पहले सिर्फ बाढ़ आती थी अब विकास की बाढ़ आयी

  • उम्मीद है अन्य उग्रवादी भी मुख्य धारा में आयेंगे

  • इनर लाइन परमिट मणिपुर के लोगों के लिए सबसे बड़ा उपहार

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: गृहमंत्री अमित शाह ने कल इंफाल में जनसभा में कहा कि पहले मणिपुर की

कानून-व्यवस्था की चर्चा होती थी, लेकिन यहां भाजपा की सरकार बनने के बाद मणिपुर

कभी बंद नहीं हुआ है। शाह ने कहा कि अब मणिपुर विकास के पथ पर है। पिछले तीन

साल में हमने मणिपुर का चेहरा बदल दिया है। गृहमंत्री ने कहा कि इस एरिया में पहले

बाढ़ आती थी लेकिन अब यहां विकास की बाढ़ है। उन्होंने कहा कि यहां आतंकवाद में

कमी आई है और यहां आतंकी मुख्यधारा में आने का इंतजार कर रहे है। उन्होंने कहा कि

मोदी जी ने पूर्वोत्तर में शांति और विकास सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए। आठ

चरमपंथी समूहों के 644 कैडरों ने 2,500 से अधिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया

और मुख्यधारा में शामिल हुए। श्री शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर अलगाववाद और हिंसा के

लिए जाना जाता था। लेकिन पिछले 6 वर्षों में, लगभग सभी सशस्त्र समूहों ने एक के बाद

एक हथियार डाले हिंसा थम गई है। मुझे उम्मीद है कि शेष सशस्त्र समूह हिंसा से दूर रहेंगे

और मुख्यधारा में शामिल होंगे। अमित शाह ने कहा कि मुझे कहते हुए गर्व हो रहा है कि

प्रधानमंत्री ने साढ़े छह साल के अंदर पूर्वोत्तर भारत में विकास की बाढ़ लाने का काम

किया है। उन्होंने आगे कहा कि मूल निवासियों के लिए इनर लाइन परमिट की मांग

करते-करते मणिपुर वाले भूल गए थे। 2019 में मोदी जी ने तय किया कि इनर लाइन

परमिट मणिपुर को न देना मणिपुर के मूल निवासियों के साथ अन्याय है और मांगे बगैर

इनर लाइन परमिट देने का काम किया।अमित शाह ने कहा कि इनर लाइन परमिट

प्रधानमंत्री मोदी का मणिपुर के लोगों के लिए सबसे बड़ा उपहार है।

गृहमंत्री ने कहा पीएम ने पूर्वोत्तर में विकास का काम किया

अमित शाह ने कहा कि मुझे कहते हुए गर्व हो रहा है कि प्रधानमंत्री ने साढ़े छह साल के

अंदर पूर्वोत्तर भारत में विकास की बाढ़ लाने का काम किया है। उन्होंने आगे कहा कि मूल

निवासियों के लिए इनर लाइन परमिट की मांग करते-करते मणिपुर वाले भूल गए थे,

2019 में मोदी जी ने तय किया कि इनर लाइन परमिट मणिपुर को न देना मणिपुर के मूल

निवासियों के साथ अन्याय है और मांगे बगैर इनर लाइन परमिट देने का काम किया।

इनर लाइन परमिट सिस्टम के तहत देश के दूसरे राज्यों से मणिपुर जाने वाले लोगों को

पहले परमिशन लेनी होगी। ये परमिशन ही इनर लाइन परमिट सिस्टम कहा जाता है।

इस सिस्टम का उद्देश्य राज्य में दूसरे राज्यों से आए लोगों को बसने से रोकना है। इस पूरे

सिस्टम का उद्देश्य राज्य के मूल नागरिकों की आबादी, जमीन, नौकरी और अन्य

सुविधाओं को सुरक्षित करना है।केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कल दौरे के तहत इंफाल

पहुंचे। इस दौरान अमित शाह ने यहं कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। यहां इंफाल

में अमित शाह ने एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि

मणिपुर में विकास की शुरुआत हो गई है। अमित शाह ने कहा कि हमने बीते 3 सालों में

मणिपुर का चेहरा बदल दिया है।

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