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हिमंत बिस्वा सरमा ने संभाली असम की कमान

  • बीजेपी के 10 और अन्य दलों के 3 बने मंत्री

  • शपथ ग्रहण में शामिल हुए जेपी नड्डा

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई

भूपेन गोस्वामी

रांची: हिमंत बिस्वा सरमा ने असम के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल ली है। गुवाहाटी में हुए

समारोह में राज्यपाल जगदीश मुखी ने हिमंत बिस्वा सरमा को राज्य के मुख्यमंत्री की

शपथ दिलाई। उन्होंने असम के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में अब सर्बानंद सोनोवाल की जगह

ली है। बताते चलें कि असम विधानसभा चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए ने पूर्ण

बहुमत हासिल किया है। दोपहर करीब 12 बजे श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में राज्यपाल ने

हिमंत बिस्वा सरमा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सरमा ने पारंपरिक पट

रेशम की धोती और कुर्ता पहना था। साथ ही अपने गले में मुगा ‘गमोसा’ डाला हुआ था।

उन्होंने असमी भाषा में शपथ ली। कोविड-19 के सख्त प्रोटोकॉल के बीच हिमंत के साथ

14 और विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान बीजेपी

अध्यक्ष जेपी नड्डा, त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देब, मेघालय के सीएम कोनराड संगमा,

मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह, और नागालैंड के सीएम नीफिउ रियो,पूर्व सीएम

सर्बानंद सोनोवाल भी असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और उनके मंत्रिमंडल के शपथ

ग्रहण समारोह में मौजूद थे।

सरमा के साथ उनके सहयोगियों में अतुल बोरा ,परिमल शुक्ल बैद्य ,पीजूष हजारिका

,जोगन मोहन ,संजय किशन ,चंद्र मोहन पटोवेरी ,बिमल बोरा ,अशोक सिंघल ,यूजी ब्रह्मा

,रंजीत दास ,रोनूज पेगू ,केशब महंत और अजंता नेग ने शपथ ली।

शपथ ग्रहण के बाद ही मोदी का बधाई संदेश आया

शपथ ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के मुख्यमंत्री को बधाई दी है।

मुझे विश्वास है कि यह टीम असम की विकास यात्रा को गति देगी और लोगों की

आकांक्षाओं को पूरा करेगी। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए को 75 सीटें

मिली हैं। बीजेपी को 60 सीटें हासिल हुई हैं। गठबंधन के सहयोगी असम गण परिषद

(एजीपी) को 9 और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) को इस चुनाव में छह सीटें

हासिल हुई हैं।

हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण में भाजपा के दूसरे नेता नहीं

शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के अलावा पार्टी के कई

पदाधिकारी शामिल हुए। असम में बीजेपी की लगातार दूसरी बार जीत का श्रेय हिमंत को

दिया जा रहा है। उनके जोरदार प्रचार अभियान और राज्य में मजबूत पकड़ से पार्टी ने

असम में फिर सत्ता हासिल की है। वहीं सर्बानंद सोनोवाल को अब केंद्र भेजे जाने की चर्चा

तेज हो गई है। सबसे पहले राज्यपाल मुखी ने हिमंत को शपथ दिलाई. उसके बाद बीजेपी

के 10, एजीपी के दो और यूपीपीएल के एक विधायक को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।

मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने से पहले हिमंत बिस्वा सरमा गुवाहाटी में कामाख्या मंदिर,

उत्तरी गुवाहाटी में दौल गोविंदा मंदिर में भगवान से आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे।

नए मुख्यमंत्री ने उग्रवादी संगठन उल्फा को चर्चा के लिए बुलाया

हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा

कि, मैं उल्फा (आई) कमांडर इन चीफ परेश बरुआ से हिंसा को रोकने और बातचीत की

मेज पर आने का आग्रह करता हूं. शांति वार्ता के लिए दोनों पक्षों को आगे आना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, अपहरण और हत्याओं से समस्याएं सुलझने के बजाय और बढ़ती हैं।

मैं परेश बरुआ से अनुरोध करता हूं कि बातचीत की मेज पर आएं और मुद्दों को सुलझाएं।

मुझे उम्मीद है कि हम अगले पांच सालों में विद्रोहियों को मुख्यधारा में वापस लौटने के

लिये तैयार कर लेंगे। वहीं, राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के बारे में पूछे जाने पर

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार असम के सीमावर्ती जिलों में 20 प्रतिशत नामों और अन्य

इलाकों में 10 प्रतिशत नामों को फिर से वैरिफाई करना चाहती है।उन्होंने कहा कि भाजपा

के नेतृत्व वाली नई सरकार द्वारा राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का सत्यापन फिर से किया

जाएगा।

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