चारा घोटाले में हाईकोर्ट ने लालू यादव का मामला दूसरे कोर्ट में भेजा

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रांची: चारा घोटाले से जुड़े देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में

सजायाफ्ता पूर्व रेलमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव व अन्य पांच दोषियों की

सजा बढ़ाने की याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई।

इस मामले को दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया है।

कोर्ट ने आरसी 64 ए देवघर कोषागार मामले में छह अभ्यिुक्तोंर की सजा बढ़ाने की

सीबीआइ की अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि इसे सिंगल बेंच में नहीं सक्षम बेंच में सुना जाएगा।

सीबीआइ की ओर से दलील दी गई है कि चारा घोटाले के सात आरोपितों पर बड़ी साजिश रचने का आरोप है।

ऐसे में एक अभियुक्ती जगजीत शर्मा को तो निचली अदालत ने सात साल की सजा दी,

लेकिन लालू प्रसाद यादव समेत छह अभियुक्तों को सिर्फ साढ़े तीन साल सजा दी गई।

सीबीआइ का कहना है कि बाकी के छह अभियुक्तोंू की भी सजा बढ़ाकर सात साल की जानी चाहिए।

बेक जूलियस, आरके राणा, लालू प्रसाद यादव, महेश प्रसाद, फूलचंद सिंह और अन्यै अभियुक्तच की सजा बढ़ाने को लेकर 04 अक्टूबर, 2018 को सीबीआइ ने उच्चो न्याहयालय में याचिका दाखिल की थी।

उच्च न्याढ़यालय के जस्टिस राजेश शंकर की कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए

दूसरे सक्षम बेंच में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।

चारा घोटाले में केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआइ) ने दो अक्टूबर 2018 में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं।

पहली याचिका में बिहार के पूर्व मुख्यबमंत्री और चारा घोटाले के सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव समेत अन्य आरोपियों की सजा को अपराध की तुलना में बेहद कम बताते हुए इसे बढ़ाने की मांग की गई है।

दूसरी याचिका में सीबीआइ ने बिहार के पूर्व मुख्यतमंत्री जगन्नाथ मिश्रा समेत बरी किए गए आरोपियों को सजा दिए जाने की मांग की है।

निचली अदालत ने चारा घोटाले के केस संख्यात आरसी 64 ए देवघर ट्रेजरी मामले में 89.4 लाख रुपए की अवैध निकासी के मामले में लालू प्रसाद यादव समेत सात अभियुक्तों पर हायर कांसपेरेसी, बड़ी साजिश रचने का चार्ज लगाया था।

इसके लिए एक अभियुक्त जगजीत शर्मा को सात साला की सजा सुनाई गई थी।

जबकि लालू प्रसाद समेत छह अभियुक्तोंत को साढ़े तीन साल की सजा व पांच लाख रुपए का जुमार्ना लगाया था।

सीबीआइ अब इन सभी छह अभियुक्तोंम की सजा को कम बताते हुए इसे बढ़ाने की मांग की है।

सीबीआइ का कहना है कि एक समान चार्ज के लिए एक अभि युक्तक को सात साल की सजा मिली,

तो बाकी छह अभियुक्तोंम को भी समान सजा मिलनी चाहिए।

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