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हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से सीधा सवाल किया यह आखिर क्या हो रहा है

  • कस्टम्स में अटके ऑक्सीजन कंसंट्रेटर

  • मैक्स अस्पताल के भी तीन हजार वहीं अटके

  • अदालत ने तीन घंटे का वक्त का आदेश दिया

  • बाद में बताया गया कि कस्टम में कुछ नहीं बचा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से विदेशों से आये ऑक्सीजन कंसंट्रेटरों के बारे में

पूछा था। इसी क्रम में यह बात बाहर निकल कर आयी कि कस्टम्स से क्लीयरेंस नहीं

मिलने की वजह से सारे ऐसे उपकरण हवाई अड्डों पर ही अटके पड़े हैं। भीषण ऑक्सीजन

संकट के बीच ऐसी हरकत से हाई कोर्ट के अलावा दूसरे भी हैरान हो चले हैं। विदेशों से

लगातार मदद और राहत पहुंचने के बाद भी वे जरूरतमंदों तक समय पर नहीं पहुंच पा रहे

हैं। खासकर ऑक्सीजन की कमी की वजह से पूरे देश में मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता

जा रहा है। दिल्ली की बात करें तो देश की राजधानी में ऑक्सीजन की कमी से करीब

चालीस लोगों क जान गयी है। बत्रा अस्पताल में जो 12 लोग समय पर ऑक्सीजन नहीं

पहुंचने की वजह से मारे गये, उनमें एक डॉक्टर भी थे। वरीय अधिवक्ता कृष्णण

वेणुगोपाल ने अदालत से अनुरोध किया कि वह अपने स्तर पर कस्टम विभाग को इन

ऑक्सीजन कंसंट्रेटरों को तुरंत क्लीयर करने का आदेश दे। उन्होंने यह बताया कि मैक्स

अस्पताल के तीन हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी इसी कस्टम्स में फंसे पड़े हैं। हाई कोर्ट ने

केंद्र से जानना चाहा कि आखिर कस्टम्स में यह चिकित्सा उपकरण क्यों पड़े हुए हैं। यह

काम तीन घंटे के अंदर पूरा होने वाली बात है तो इसमें देर क्यों हो रही है। बाद में हाई कोर्ट

ने स्पष्ट कर दिया कि वह इस मुद्दे पर कोई बहाना नहीं सुनना चाहती है और अगले तीन

घंटों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटरों को कस्टम्स से छोड़ा जाना चाहिए ताकि वे जल्द से जल्द

मरीजों का काम आ सके।

हाई कोर्ट ने सवाल किया तो तुरंत सफाई भी आ गयी

इसके बाद सीबीडीटी की तरफ से यह ट्विट किया गया कि कस्टम्स के पास कोई भी

उपकरण क्लीयरेंस के लिए नहीं पड़ा हुआ है। जो 48 हजार उपकरण आये थे, सभी को

क्लीयर कर दिया गया है।

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