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गांवों में लगातार घुस रहा जंगली हाथियों का दल, ग्रामीण परेशान







पत्थलगांवः गांवों में लगातार घुस रहे जंगली हाथियों से छत्तीसगढ़ के

ग्रामीण परेशान हैं। जशपुर जिले में तपकरा रेंज का सागजोर और

पेरवापारा गांव में जंगली हाथी पहुंच जाने से ग्रामीणों में घंटों तक

अफरा तफरी मची रही। आबादी क्षेत्र से बगैर जनधन की हानि किए

जंगली हाथी को खदेड़ने में वन कर्मियों को काफी मशक्कत करनी

पड़ी। वन मंडल अधिकारी श्रीकृष्ण जाधव ने बताया कि इन दिनों

तपकरा, दुलदुला और कुनकुरी क्षेत्र में 38 जंगली हाथी विचरण कर रहे

हैं। इन हाथियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखे जाने के बाद

भी ये वन्य प्राणी जंगल के समीप वाले आबादी गांवों में पहुंच कर

उत्पात मचाने लगते हैं।

श्री जाधव ने कहा कि इन दिनों पड़ोसी राज्य ओडिशा और झारखंड के

इलाके से से भी ग्रामीणों द्वारा जंगली हाथियों को इधर खदेड़ दिया जा

रहा है। उन्होंने बताया कि आबादी क्षेत्र में आ जाने के बाद रात को इन

हाथियों को खदेड़ने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। श्री

जाधव ने बताया कि जनधन की हानि रोकने तथा बचाव के लिए दर्जन

भर पंचायतों में वन अधिकारी जागरुकता अभियान चला रहे हैं।

गांवों में हाथियों के आने की वजह फसल भी है

बरसात के खत्म होने के बाद इन इलाकों में धान की फसल को

काटकर गांवों में रखा गया है। समझा जा रहा है कि भोजन की तलाश

में भटकते हाथियों का दल इसी की महक से गांवों में चला आ रहा है।

गांवों में मिट्टी के घरों की दीवारों को तोड़ने में उन्हें कोई परेशानी भी

नहीं होती। दीवार तोड़कर वे आसानी से वहां रखा अनाज खा लेते हैं।

कई मामलों में देखा जा रहा है कि घरों में रखे धान खाने की आदत की

वजह से हाथियों का दल गांव के पास के जंगल में डेरा डाले पड़ा रहता

है। वह रात होते ही अंदर की तरफ आने लगते हैं।  छत्तीसगढ़ के इन

इलाकों में पहले भी हाथियों के हमले में लोगों की जानें गयी हैं। इसी

वजह से दोबारा हाथियों का झूंड चले आने की वजह से पूरे इलाके

में दहशत का माहौल है। गांवों में अचानक हाथियों के चले आने के

दौरान ही लोग जब उनके रास्ते में आ जाते हैं तो ऐसा हादसा होता है।



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