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हैंडरसन की गोपनीय रिपोर्ट जारी नहीं करेगी सरकारः रक्षामंत्री

  • भारत चीन युद्ध पर बनायी गयी थी यह रिपोर्ट

  • अरुणाचल के सांसद ने रिपोर्ट की मांग की थी

  • रिपोर्ट के बारे में उड़ती उड़ती कई सूचनाएं हैं

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: हैंडरसन की गोपनीय रिपोर्ट अब भी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। रक्षा मंत्री

राजनाथ सिंह ने यह साफ कर दिया है। दरअसल इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग

भाजपा सांसद तापिर गाव के द्वारा की गयी थी। श्री गाव ने लोकसभा में उस हैंडरसन-

भगत रिपोर्ट को संसद में दिखाए जाने की मांग की है, जिसे 1962 में चीन से भारत के युद्ध

के बाद तैयार किया गया था लेकिन इसे पेश नहीं किया गया।

गुवाहाटी में आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस अरुणाचल प्रदेश के सांसद तपीर गाओ ने “58 साल में,

हेंडरसन ब्रुक्स और ब्रिगेड के बारे में बात की। उन्होंने सरकार से 1962 की युद्ध रिपोर्ट को

लेफ्टिनेंट-जनरल टी.बी. संसद में हेंडरसन ब्रुक्स और ब्रिगेडियर प्रेमिंद्र सिंह भगत। सांसद तापिर गाओ ने आज गुवाहाटी में एक प्रेस

कॉन्फ्रेंस में कहा ये अब तक सार्वजनिक नहीं हो पायी कि आखिर क्या है इस रिपोर्ट में।

कुछ लोगों का मानना है कि ये रिपोर्ट तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर कई

सवाल खड़े करती है। दरअसल 1962 में भारत के हार के कारणों को जानने के लिए एक

जांच कमेटी गठित की गई थी। इसे तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने खुद ही

गठित किया था। जांच का जिम्मा लेफ्टिनेंट जनरल हैंडरसन ब्रुक्स तथा ब्रिगेडियर पीएस

भगत को सौंपा गया था।

हैंडरसन की रिपोर्ट के पहले उन्हें जान लीजिए

लेफ्टिनेंट जनरल एंडरसन एंग्लो इंडियन थे। जब भारत आजाद हो गया तो उन्होंने

ब्रिटिश इंडिया आर्मी के बाद इंडियन आर्मी की सेवा की। 1964 में वो रिटायर हुए।

रिटायरमेंट के बाद वो आस्ट्रेलिया जाकर बस गए। 87 साल की उम्र में 1997 में उनकी वहीं

मृत्यु हो गई। वहीं पीएस भगत ने भारतीय सेना की ओर से कई युद्ध लड़े। वो भारतीय सेना

में लेफ्टिनेंट जनरल के पद तक पहुंचे। 56 साल की उम्र में उनका कोलकाता में निधन

हुआ। ये दोनों ही काबिल अफसर थे। भाजपा सांसद तापिर गाव ने बुधवार को लोकसभा

में मांग की कि 1962 के भारत-चीन युद्ध के संदर्भ में हैंडरसन-भगत रिपोर्ट संसद के पटल

पर रखी जानी चाहिए और सार्वजनिक की जानी चाहिए।1962 के भारत-चीन युद्ध के संबंध

में लेफ्टिनेंट जनरल हैंडरसन ब्रुक्स और ब्रिगेडियर पी एस भगत की रिपोर्ट एक गोपनीय

दस्तावेज है।

गाव ने निचले सदन में शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए कहा कि 1962 के भारत-

चीन युद्ध को 58 साल हो गये लेकिन रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गयी है।उन्होंने

कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल हैंडरसन ब्रुक्स और ब्रिगेडियर पी एस भगत की रिपोर्ट आज

तक सदन में क्यों नहीं रखी गयी? भाजपा सांसद ने कहा कि इसे संसद में रखा जाना

चाहिए जिससे आने वाली पीढ़ी इसे देख सकेगी और यह देशहित में होगा। दूसरी ओर रक्षा

मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इसे जारी करना राष्ट्र हित में नहीं है।

चीन से करारी हार के कारणों की जांच हेतु बनी थी कमेटी

चीन से करारी हार के बाद भारतीय सेना ने तत्कालीन लेफ्टिनेंट जनरल हेंडरसन ब्रुक्स

की अगुवाई में दो सदस्यीय आयोग का गठन किया था।रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा,

‘हेंडरसन रिपोर्ट एक बेहद गोपनीय दस्तावेज है। इसे आंशिक या पूर्ण अथवा इसके किसी

भी अंश को सार्वजनिक करना देश हित में नहीं है।’ उन्होंने माना कि इस रिपोर्ट के कुछ

अंशों को उजागर करने संबंधी दावे वाली कुछ खबरों के मीडिया में प्रकाशन से सरकार

वाकिफ है। ध्यान रहे कि एक आस्ट्रेलियाई पत्रकार ने इस वर्ष मार्च में हेंडरसन रिपोर्ट के

कुछ अंशों को लीक करने का दावा किया था। 1962 के भारत-चीन युद्ध के बारे में लिखी

अपनी किताब में आस्ट्रेलियाई पत्रकार ने दावा किया था कि ऊंचे पहाड़ों पर सेना की

तैनाती की तत्कालीन सरकार की नीति के चलते लड़ाई छिड़ने की स्थिति पैदा हुई।


 

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