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हेमंत सोरेन का सही सुझाव विदाई मैच रांची में

हेमंत सोरेन का सही सुझाव ही है कि रांची को अंतर्राष्ट्रीय सम्मान दिलाने वाले क्रिकेटर

महेंद्र सिंह धोनी के सम्मान में एक विदाई मैच का आयोजन यहां रांची में हो।  श्री सोरेन

ने महेंद्र सिंह धोनी के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास लेने के संदर्भ में बड़ी

अच्छी बात कही है। यह शायद असंख्य लोगों के दिलों की अरमान भी है। आम तौर पर

किसी प्रसिद्ध खिलाड़ी के रिटायर होने का मैच अधिक भावुक पल होता है। इसलिए

वैश्विक दुष्काल के दौर में अगर कोई वैसा मैच नहीं हो पा रहा है तो कमसे कम झारखंड

को और खास तौर पर रांची को अपने स्टार खिलाड़ी के लिए ऐसा एक रिटायरमेंट मैच

आयोजित करना चाहिए। यह रांची को सम्मान दिलाने वाले के प्रति सम्मान प्रदर्शित

करने का एक बेहतर तरीका होगा। रांची से चाटर्ड फ्लाइट से चेन्नई जाने के बाद ऐसी

घोषणा का कोई न कोई निहितार्थ है, जिसे तुरंत शायद नहीं समझा जा सकता है। उनके

खेल की रणनीति के तहत शायद कर्नल महेंद्र सिंह धोनी के दिल में रणनीति क्या बन रही

है, इसका आकलन जल्द नहीं किया जा सकता लेकिन यह तय है कि महेंद्र सिंह धोनी में

बहुत बारूद बचा है। अब देखना यह है कि हम महेंद्र सिंह धोनी को किस भूमिका देख पाते

हैं। सोशल मीडिया में अभी से ही इस बारे में बहुत कुछ कहा जाने लगा है लेकिन उनके

खेल जीवन की सफलताओं को देखते हुए कमसे कम इतना तय माना जाना चाहिए कि

वह क्रिकेट से जुड़े रहेंगे। वैसे भी लगभग सारे प्रमुख खिलाड़ी खेलने से हट जाने के बाद भी

प्रशिक्षण, प्रोत्साहन अथवा अन्य सांगठनिक गतिविधियों से खुद को जोड़कर सक्रिय

रखते हैं।

धोनी क्रिकेट से कैसे जुड़े रहेंगे यह बड़ा सवाल है

इसलिए ऐसी उम्मीद की जानी चाहिए कि महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेट से ऐसे ही जुड़े

रहेंगे। वैसे इतना स्पष्ट है कि शायद आईपीएल के साथ उनका रिश्ता अभी जुड़ा रहेगा।

ऐसे में दुनिया में क्रिकेट के सबसे रोचक जंग के मैदान में हम महेंद्र सिंह धोनी को देख

पायेंगे। लेकिन बात सिर्फ आईपीएल तक ही सीमित नहीं रहेगी। यह पूरे क्रिकेट की बात

रहेगी। वैसे भी आईपीएल के आकर्षण और उसके फायदों ने अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त

क्रिकेटरों को भी इससे जोड़े रखने के लिए लालायित किया है। लेकिन यह भी कड़वा सच है

कि भारतीय क्रिकेट के प्रशासक यहां बैठकर जो भी दावे कर लें, इस क्रिकेट का असली

संचालन पर्दे के पीछे से विदेश में बैठे ललित मोदी के नियंत्रण में ही है। यह देखना भी बड़ी

अजीब लगता है कि चुनावी राजनीति में एक दूसरे के विरोधी लोग इस क्रिकेट की

राजनीति और कूटनीति में एक दूसरे से मिलकर चलते हैं। इसलिए हेमंत सोरेन के उस

प्रस्ताव को जनसमर्थन किया जाना चाहिए जिसमें उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी के रिटायरमेंट

के लिए एक औपचारिक मैच रांची में आयोजित करने की बात कही है। पूरे झारखंड की

इसकी मेजबानी करने का मौका देने की बात कहकर भी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत

सोरेन ने पूरे झारखंड को इस आयोजन से जोड़ने की कवायद की है। इस बात को अच्छी

तरह समझ लेना चाहिए कि महानगरों में अब भी अनेक लोग मिल जाते हैं तो रांची या

झारखंड को उनकी भौगोलिक पहचान नहीं सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी के घर के नाम से जानते

हैं। रांची और झारखंड को जिसने इस ऊंचाई तक पहुंचाया हो, उसके लिए रांची में कमसे

कम विदाई मैच आयोजित न हो, यह बुरी बात होगी।

हेमंत सोरेन का सही सुझाव लोगों को भी पसंद आया

वैसे हेमंत सोरेन के इस बयान से अगर सबसे अधिक किसी को परेशानी हो रही होगी तो

वह झारखंड क्रिकेट पर असली कब्जा रखने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ

चौधरी को हो रही है। वैसे भी झारखंड क्रिकेट पर हर तरीके का हथकंडा आजमाकर अपना

कब्जा कायम रखना श्री चौधरी की भी मजबूरी है। किसी और के हाथ में यहां का नियंत्रण

आने की स्थिति में जो राज वह भोग रहे हैं, उसपर ग्रहण लग सकता है। दूसरी तरफ

क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण से लेकर इस स्टेडियम में काउंटी क्लब खोलने जैसे हर विषय

पर आर्थिक पारदर्शिता का अभाव रहा है, ऐसे में अमिताभ चौधरी को यह भय सता रहा

होगा कि अगर महेंद्र सिंह धोनी झारखंड क्रिकेट में सक्रिय हो गये तो उनकी गद्दी का क्या

होगा। वैसे भी झारखंड क्रिकेट को बिगाड़ने और हर किस्म की बीमारी से ग्रस्त कराने में

इसी एक व्यक्ति का बहुत बड़ा हाथ रहा है, जिसे कुछ लोग झारखंड क्रिकेट के भगवान

बनाने पर तूले रहते हैं। दरअसल अपने पसंदीदा लोगों को ही इस क्रिकेट संघ का सदस्य

बनाने और बाकी सभी को संघ से बाहर का रास्ता दिखा देने वाले अभिताभ चौधरी का यह

डर स्वाभाविक है कि जिन सदस्यों को उन्होंने जोड़ रखा है वे भी सामने महेंद्र सिंह धोनी

के होने पर आसानी से खेमाबदल कर सकते हैं। लेकिन यह सभी अभी अटकलबाजी और

आकलन मात्र है। फिलहाल तो खेल प्रेमियों को हेमंत सोरेन के सही सुझाव का समर्थन

करना चाहिए कि धोनी के सम्मान में एक मैच रांची में हो और संभव हो तो यह क्रिकेट

स्टेडियम से बाहर ही हो। 


 

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