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चुनाव प्रचार के दौरान हेमंत सोरेन का भाजपा पर जोरदार हमला, कहा

  • गोइठा में घी मत डाल दीजिएगा नहीं तो नुकसान है

  • पिछले पांच साल में बहाली नहीं की अब सवाल कर रहे हैं

  • शिक्षकों की बहाली की तो उसमें भी खामियां थी, स्टे लगा

  • हिंदी के साथ साथ धारा प्रवाह संथाली में भी संबोधन

राष्ट्रीय खबर

दुमकाः चुनाव प्रचार के दौरान आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भाजपा पर अब तक का

सबसे तीखा हमला किया। इस दौरान भाजपा द्वारा लगाये गये आरोपों का क्रमवार तरीके

से जबाव देने के साथ साथ उन्होंने पूर्व की सरकार में लिये गये फैसलों पर भी सवाल

उठाया। हिंदी और संथाली में एक साथ जनसभा को संबोधित करते हुए श्री सोरेन ने

मतदाताओं को सावधान होकर तीर धनुष का निशान देखकर ही मतदान करने की अपील

की। स्थानीय लोगों की समझ में आये, इस तेवर में बोलते हुए उन्होंने कहा कि गलती से

घी को गोइठा में मत डाल दीजिएगा। घी को रोटी या चावल पर ही डालना है ताकि वह

बर्बाद ना हो। भाजपा की तरफ से लगातार लगने वाले आरोपों पर पलटवार करते हुए श्री

सोरेन ने कहा कि सरकार के पिछले दस महीने के कार्यकाल में राज्य में गरीब, मजदूर

और किसानों के लिए कोराना संकट के बावजूद चलाई गई 35 सूत्री योजनाएं कार्यान्वित

करने का विस्तृत लेखा-जोखा पेश किया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार शीघ्र ही

जनगणना में आदिवासियों का अलग कॉलम रखने के लिए भी विधानसभा में प्रस्ताव पेश

करेगी। भाजपा के आरोपों के प्रत्युत्तर में उन्होंने कहा कि अफसरों की बहाली जो सरकार

अपने पांच साल के कार्यकाल में नहीं कर पायी, उसे बोलने का कोई हक ही नहीं है।

शिक्षको की बहाली हुई तो उसमें भी इतनी गड़बड़ी थी कि हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी।

बीस वर्षों में से अधिकांश समय तक जिस पार्टी का शासन रहा है, उसके अपने कार्यकाल

में कौन सा बेहतर काम किया है, यह भाजपा को बताना चाहिए।

चुनाव प्रचार में इशारों में भी बहुत कुछ कह दिया

उन्होंने कहा कि वह 50 विधायकों के साथ पूर्ण बहुमत की सरकार चला रहे हैं। इसलिए

आने वाले पांच वर्षों के बाद यहां भाजपा का कोई नाम लेने वाला भी नहीं रहेगा। इस बीच

भाजपा के आरोपों का क्रमवार तरीके से उत्तर देते हुए झामुमो के केन्द्रीय महासचिव

सुप्रियो भट्टाचार्य और विजय कुमार सिंह ने शनिवार को पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन के

खिजुरिया स्थित आवास में आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में राज्य सरकार

द्वारा कोराना संकट के बावजूद पिछले दस महीने के दौरान गरीब, किसान एवं मजदूरों

को संकट से उबारने के उद्देश्य से चलाई गई 35 सूत्री योजना का विस्तृत लेखा-जोखा पेश

कर राज्य की मुख्य विपक्षी भाजपा को करारा जवाब दिया। चुनाव प्रचार के बीच में ही

दोनों नेताओं ने हेमंत सरकार के हर मोर्चे पर विफल होने के भाजपा के आरोपों के जवाब

में पार्टी ने यहां जारी विवरण में दावा किया कि राज्य के युवा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के

नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार ने कोराना संकट के बीच केन्द्र सरकार से अपेक्षित

सहयोग के बगैर झारखंड के सांस्कृतिक धरोहर, नव संपदा और समृद्धि को प्रतिंबिबिंत

करने वाला नया प्रतिक चिन्ह, कोराना के कारण लॉकडाउन की वजह से दूसरे प्रदेशों में

फंसे पांच लाख प्रवासी मजदूरों को विशेष रेल और हवाई जहाज से सकुशल घर पहुंचाया।

प्रवासी मजदूरों कोलाने का खास तौर पर उल्लेख किया

इसके अलावा घर लौटे मजदूरों के लिए रोजगार, सभी बेसहारा लोगों को भूख से बचाने के

लिए मुख्यमंत्री दीदी कीचन, नि:शुल्क दाल-भात केन्द्र, सभी कार्डधारी, बिना कार्ड धारी

लोगों को खाद्यान्न मुहैया कराने के आलावा राज्य में सड़कों का जाल बिछाने के उद्देश्य

से 900 किलोमीटर सड़क एवं 25 पुलों के निर्माण के लिए 3384 करोड़ रुपए का बजटीय

प्रावधान समेत अन्य योजनाओं को ब्योरा दिया। झामुमो महासचिव ने कहा कि यह

सरकार सरकार की ओर से संकट की घड़ी में केन्द्र सरकार से अपेक्षित सहयोग के बिना

मौटे तौर पर वृहद पैमाने पर विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का कार्यान्वयन ही

विपक्ष के आरोपों का सीधा और प्रत्यक्ष प्रमाण और जवाब है। उन्होंने दावा किया कि

राज्य सरकार के छोटे कार्यकाल में किये गये कार्यों से दुमका और बेरमो की जनता पिछले

विधानसभा चुनाव की तरह इस उप चुनाव में भी भाजपा को करारा जवाब देगी।

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