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हेमा मालिनी को भी प्रारंभिक दौर में करना पड़ा था संघर्ष







जन्मदिवस 16 अक्टूबर के अवसर पर

मुम्बईः हेमा मालिनी ने लगभग पांच दशक के कैरियर में कई सुपरहिट

फिल्मों में काम किया लेकिन कैरियर के शुरआती दौर में उन्हें काफी संघर्ष

करना पड़ा था और वह दिन भी देखना पड़ा था जब एक निर्माता-निर्देशक ने

उन्हें यहां तक कह दिया था कि उनमें स्टार अपील नहीं है ।

ड्रीमगर्ल के नाम से ख्यातिप्राप्त हेमा मालिनी ने जब फिल्म इंडस्ट्री में कदम

रखा ही था तब एक तमिल निर्देशक श्रीधर ने उन्हें अपनी फिल्म में काम देने

से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि उनमें स्टार अपील नहीं है।

बाद में सत्तर के दशक में इसी निर्माता.निर्देशक ने उनकी लोकप्रियता को

भुनाने के लिए उन्हें लेकर 1973 में ..गहरी चाल.. फिल्म का निर्माण किया।

उनका जन्म 16 अक्टूबर 1948 को तमिलनाडु के आमानकुंडी में हुआ था।

उनकी मां जया चक्रवर्ती फिल्म निर्माता थीं। घर में फिल्मी माहौल होने से

उनका झुकाव भी फिल्मों की ओर हो गया। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा

चेन्नई से पूरी की । वर्ष 1961 में हेमा मालिनी को एक लघु नाटक ..पांडव

वनवासम ..में बतौर नर्तकी काम करने का अवसर मिला।

वर्ष 1968 में हेमा मालिनी को सर्वप्रथम राजकपूर के साथ . सपनों का

सौदागर.. में काम करने का मौका मिला।

फिल्म के प्रचार के दौरान हेमा मालिनी को..ड्रीम गर्ल.. के रूप में प्रचारित

किया गया।

बदकिस्मती से फिल्म टिकट खिड़की पर असफल साबित हुई लेकिन

अभिनेत्री के रूप में उनको दर्शकों ने पसंद कर लिया।

उनको पहली सफलता वर्ष 1970 में प्रदर्शित फिल्म ..जॉनी मेरा नाम ..से

हासिल हुयी। इसमें उनके साथ अभिनेता देवानंद मुख्य भूमिका में थे।

फिल्म में उनकी और देवानंद की जोड़ी को दर्शकों ने सिर आंखों पर लिया

और फिल्म सुपरहिट रही।

इसके बाद रमेश सिप्पी की वर्ष 1971 में प्रदर्शित फिल्म अंदाज में भी उन्होंने

अपने अभिनय से दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया।



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