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ऑयल इंडिया को कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का भारी नुकसान

  • ग्रीन ट्रिब्यूनल ने लगाया 25 करोड़ रुपये का जुर्माना
भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : ऑयल इंडिया लिमिटेड ने शनिवार को कहा कि उसे असम क्षेत्र में एक कुएं में

विस्फोट और बड़े पैमाने पर आग लगने से प्रति दिन 638 टन कच्चे तेल और 4.60 लाख

घनमीटर मीटर गैस के उत्पादन का नुकसान उठाना पड़ा है। बाघजन क्षेत्र में एक कुएं से

27 मई 2020 को प्राकृतिक गैस का अनियंत्रित रूप से रिसाव होने लगा। इसके कारण

विस्फोट हो गया। कुएं में आठ जून को आग लग गयी। इसमें अग्निशमन दल के दो

कर्मियों की मौत हो गयी और एक घायल हो गया। कंपनी ने ट्विटर पर एक बयान में कहा

कि आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने तेल प्रतिष्ठानों पर विरोध प्रदर्शन किया। इसके

कारण असम में कुछ क्षेत्रों में 66 तेल कुओं और 13 गैस कुओं को बंद करना पड़ गया।

उसने कहा, “इसके कारण दैनिक उत्पादन में 638 टन कच्चे तेल और 4.60 लाख मानक

घनमीटर प्राकृतिक गैस का नुकसान हुआ।इसके कारण लगभग 30 दिनों उत्पादन में कुल

लगभग 19140 टन कच्चे तेल और 138 लाख मानक घनमीटर प्राकृतिक गैस का

नुकसान ’के आस – पास हैं। ऑयल इंडिया ने कहा कि ड्रिलिंग और वर्कओवर परिचालन

को चार स्थानों पर रोका या बाधित किया गया। कुछ क्षेत्रों में कच्चे तेल का परिवहन भी

बाधित हुआ। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस घटना की जांच के लिये तीन सदस्यीय उच्च

स्तरीय समिति का गठन किया है। ऑयल इंडिया लिमिटेड के उच्च अधिकार ने आज

कि इस समय में राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने असम में तेल के कुएं में लगी आग पर काबू

पाने में असफल रहने पर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी ऑयल इंडिया पर 25 करोड़ रुपये

का जुर्माना लगाया है। अधिकरण का कहना है कि कुएं में लगी आग से पर्यावरण को बहुत

नुकसान हो रहा है।

ऑयल इंडिया के बागजान के तेल कुआं में लगी थी आग

असम के बागजान स्थित तेल के कुंओं में से कुंआ संख्या पांच से पिछले 27 दिन से

लगातार गैस का रिसाव हो रहा है और नौ जून को उसमें आग लग गई। आग पर काबू पाने

के प्रयास में ऑयल इंडिया के दो दमकल कर्मी मारे जा चुके हैं। न्यायमूर्ति एस.पी. वांगडी

और विशेषज्ञ सदस्य सिद्धांत दास की पीठ ने उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी.पी.

की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जो इस मामले पर 30 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट

सौंपेगी। पीठ ने बुधवार को अपने आदेश में कहा, ‘‘ऑयल इंडिया लिमिटेड के खिलाफ

प्रथम दृष्टया पर्यावरण, जैव विविधता, मनुष्य और वन्य जीवों को पहुंची हानि,

सार्वजनिक स्वास्थ्य को पहुंची हानि के संबंध में जो मामला बनता है उसे और कंपनी की

कीमत को ध्यान में रखते हुए हम ऑयल इंडिया को 25 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि

तिनसुकिया के जिला मजिस्ट्रेट के पास जमा कराने का आदेश देते हैं।’’ कार्यकर्ता बोनानी

कक्कड़ और अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अधिकरण ने यह आदेश

दिया।


 

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