fbpx Press "Enter" to skip to content

उर्स के मौके पर अजमेर में जन्नती दरवाजा खोला गया

  • कोरोना की वजह से बंद हुआ था दरगाह भी

  • साल में सिर्फ इसी वक्त खुलता है यह दरवाजा

  • लंबी कतार में लगे हैं लोग इन छह दिनों के लिए

  • ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 809 वें सालाना जलसा

अजमेर: उर्स के मौके पर प्रसिद्ध जन्नती दरवाजा खोला गया है। कोरोना संक्रमण के बाद

हुए लॉकडाउन के दौरान यह दरगाह भी काफी दिनों तक बंद रखा गया था। अब राजस्थान

में अजमेर के ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 809 वें सालाना उर्स के मौके पर तड़के

सुबह चार बजे जन्नती दरवाजा परम्परागत रूप से खोला गया। जन्नती दरवाजे से

निकलने के लिए अकीदतमंदों की भीड़ पंक्तिबद्ध लगी है और सभी अपनी बारी का इंतजार

कर रहे है। आज चांद रात है। चांद दिखाई देने पर उर्स का विधिवत आगाज होगा और

जन्नती दरवाजा भी छ: दिनों के लिए खुला रहेगा यदि चांद नहीं दिखा तो शाम खिदमत

के बाद दरवाजा बंद कर दिया जायेगा और कल सुबह तड़के आम जायरीनों के लिए एक

बार फिर खोल दिया जायेगा। रजब माह के चांद की पुष्टि के लिए दरगाह कमेटी के अधीन

हिलाल कमेटी की रात में बैठक होगी। चांद दिखाई देने पर आज रात से ही धार्मिक रस्में

शुरू हो जायेगी । यदि चांद नहीं दिखा तो कल से उर्स का विधिवत आगाज होगा। दरगाह

में शादियाने बजाने के साथ ही उर्स की महफिल भी दरगाह दीवान जैनुअल आबेदिन की

सदारत में होगी।

उर्स के मौके पर आज चांद नहीं दिखने के बाद कल से प्रारंभ होगा

उधर, उर्स में दिल्ली से पैदल अजमेर पहुंचे कलन्दरों के जत्थे ने ऋषि घाटी चिले पर पड़ाव

डाला और शाम को असर की नमाज के बाद छड़ियों को पेश करेंगे । उर्स से ठीक पहले

शुक्रवार को देखते हुए जुम्मे की नमाज भी अदा होगी। जिला एवं पुलिस प्रशासन सहित

दरगाह एवं दोनों अन्जुमन कमेटियां व्यवस्था बनाने में लगी है । कल रात दरगाह स्थित

मजार शरीफ से संदल उतारने और अकीदतमंदों में बतौर तबर्रुक तकसीम का धार्मिक

रस्म को अन्जाम दिया गया। उर्स के मौके पर देश विदेश के लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं।

इनमें से अनेक लोगों की यह दिली इच्छा होती है कि इस मौके पर उर्स के मौके पर

जन्नती दरवाजा पर भी पहुंच सकें

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from HomeMore posts in Home »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from धर्मMore posts in धर्म »
More from पर्यटन और यात्राMore posts in पर्यटन और यात्रा »
More from राजस्थानMore posts in राजस्थान »

Be First to Comment

... ... ...
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: