Press "Enter" to skip to content

हार्ट अटैक का बड़ा कारण कम फल सब्जी खाना भी







  • नये अनुसंधान में नई जानकारी मिली वैज्ञानिकों को

  • दुनिया की बहुत बड़ी आबादी पर हुआ है शोध

  • 113 देशों के कई सालों के आंकड़े हैं शामिल

  • फल और सब्जियों की मात्रा भी तय की गयी


प्रतिनिधि

नईदिल्लीः हार्ट अटैक अथवा हृदय रोग आज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी बीमारी के तौर पर उभर चुकी है।

अक्सर ही लोगों को इस रोग की चपेट में आते अथवा अचानक ही हार्ट अटैक से प्रभावित होना भी एक आम बात जैसी हो चुकी है।

अमेरिकी पौष्टिकता सोसायटी ने इस बारे में अपनी वार्षिक बैठक में यह निष्कर्ष सभी के सामने रखा है कि

अनेक हृदय रोगों के बढ़ने तथा लोगों के हार्ट अटैक की चपेट में आने का

एक प्रमुख कारण कम फल खाना भी है।

इस बैठक में बताया गया है कि पूरी दुनिया के लाखों लोग सिर्फ कम फल खाने की वजह से ही इसकी चपेट में हर साल आ रहे हैं।

वैसे बैठक में इस बात को रेखांकित कर दिया गया है कि सिर्फ फल की वजह से ही इंसानी शरीर में यह कमी नहीं होती है

बल्कि सब्जी कम खाने से भी ऐसे ही विकार पैदा होते हैं, जो अंततः हृदय रोग के कारक बनते हैं।

विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इस किस्म के हृदय की बीमारियों को पनपने से रोकने के लिए फल और सब्जी का सेवन करना जरूरी है।

इस शोध से जुड़े टूफ्टस विश्वविद्यालय के प्रमुख लेकर विक्टोरिया मिलर ने कहा कि

पूरी दुनिया की आबादी को सिर्फ हृदय रोग से बचाने के लिए फल और सब्जी

अधिक मात्रा में खाने की तरफ प्रेरित किया जाना चाहिए।

इस श्रेणी में शोध वैज्ञानिकों ने फल्लियों को भी शामिल किया है।

इन सभी के पौष्टिक तत्व इंसान के हृदय को रोग से बचाने के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं।

हार्ट अटैक पर शोध के लिए खान पान पर भी शोध हुआ

इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए शोध वैज्ञानिकों ने इंसानों की भोजन पद्धति और उसके गुण दोष का गहन विश्लेषण किया है।

इसी के आधार पर वे इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि इंसान को प्रतिदिन औसतन तीन सौ ग्राम फल अवश्य खाना चाहिए।

इससे उनकी पौष्टिकता और हृदय रोग निवारण संबंधी जरूरतें पूरी हो सकती हैं।

यह काम सिर्फ दो सेव खाकर भी किया जा सकता है।

सब्जी और फल्लियों की मात्रा भोजन में तय करने के मामले में इन वैज्ञानिकों ने

चार सौ ग्राम प्रतिदिन की मात्रा निर्धारित की है।

इसका अर्थ तीन कप गाजर का जूस जितना होता है।

शोध के निष्कर्ष पर पहुंचन के लिए वैज्ञानिकों ने 113 देश के से आंकड़ों का विश्लेषण किया है।

इससे दुनिया की करीब 82 प्रतिशत आबादी का इलाका इसके दायरे में आ जाती है।

वर्ष 2010 तक के आंकड़े किये गये शामिल

शोध के दौरान वर्ष 2010 से अब तक के आंकड़ों को इसमें शामिल किया गया है।

जिसका निष्कर्ष है कि हर साल 13 लाख लोग हार्ट अटैक से और करीब पांच लाख बीस हजार लोग हृदय संबंधी अन्य रोगों से मर जाते हैं।

कम सब्जी खाने की वजह से होने वाली हृदय रोग से मरने वालों की संख्या भी करीब दो लाख प्रति वर्ष की है

जबकि धमनियों की अन्य परेशानियों से मरने वालों का वार्षिक आंकड़ा आठ लाख है।

इन सारी मौतों का कारण कम मात्रा में फल, सब्जी अथवा फल्लियों का आहार ही है।

जिसकी वजह से मानव शरीर में हृदय रोग संबंधी परेशानियों को जड़ से समाप्त करने के गुण ही विकसित नहीं हो पाते हैं।

वैज्ञानिकों ने बताया है कि सर्वेक्षण के दौरान यह पाया गया है कि एशिया सहित

कई अन्य महाद्वीपों में फल और सब्जी खाने की मात्रा बहुत कम है

और वहां इसी वजह से हृदय रोग से पीड़ित लोगों की आबादी भी बढ़ती जा रही है।


स्वास्थ्य विज्ञान की कुछ और रोचक खबरें यहां पढ़ें

 



Spread the love
  • 7
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •   
  •  
  •  
    7
    Shares

One Comment

Leave a Reply

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com