स्वास्थ्य उपकेंद्र पशुओं की शरण स्थली

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घाघरा: स्वास्थ्य उपकेंद्र पालतू पशुओं की शरण स्थली बनकर रह गया है।

वर्ष 2012 -13 में निमार्णाधीन इस स्वास्थ्य उपकेंद्र को संवेदक द्वारा आधा अधूरा

कार्य कर छोड़ देने से ग्रामीण इस अधूरे पड़े स्वास्थ्य उपकेंद्र में भैंस बांधने का काम करते हैं ।

इस संबंध में चुन्दरी पंचायत के मुखिया आदित्य भगत ने बताया कि

चुन्दरी ग्राम में लगभग 8 वर्ष पूर्व स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण लाखो की लागत

राशि से कराया जा रहा था ।

भवन में ग्राउंड फ्लोर तक ढलाई का कार्य कर संवेदक द्वारा किस कारण से भवन निर्माण कार्य छोड़ दिया गया यह किसी को मालूम ही नहीं ।

वही स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण के लिए अधिकृत विभाग द्वारा भी इस अधूरे पड़े स्वास्थ्य केंद्र के भवन को पूर्ण करने में कोई दिलचस्पी नहीं जा रही है ।

जिससे चुंदरी ग्राम में स्वास्थ्य उपकेंद्र किराए के भवन में ही संचालित हो रही है ।

साथ ही उन्होंने बताया कि गांव के ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र के अभाव मं स्वास्थ योजना के कई लाभकारी सुविधा से आज भी वंचित हैं ।

स्वास्थ्य उपकेंद्र का अपना भवन के अभाव में स्वास्थ्य कर्मियों के गांव में नहीं रहने से ग्रामीण दर्द बुखार के लिए भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाघरा पर आश्रित रहते हैं ।

मालूम हो कि चुन्दरी ग्राम से घाघरा की दूरी लगभग 12 किलोमीटर है।

इस संबंध में चुन्दरी ग्राम के ग्रामीण ग्राम अनुज कुमार साहू , आनंद महली ,

सुरेंद्र महली ,जसोदा देवी, पद्मिनी देवी, सविता देवी ,देवलाल प्रजापति , देवी महतो

सहित अन्य ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण से या आस जगी थी कि

अब ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए प्रखंड मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।

लेकिन स्वास्थ सुविधा का लाभ स्वास्थ्य उपकेंद्र के अधूरे रहने के कारण ग्राम वासियों को

नहीं मिल पा रहा है ।

मुखिया आदित्य भगत व ग्रामीणों ने चुंदरी ग्राम में अधूरे पड़े स्वास्थ्य केंद्र को

पूर्ण कराने के लिए उपायुक्त गुमला से मांग किया है।

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