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माता पिता के साथ मजदूरी करता था मैट्रिक में पांचवां स्थान पाया

  • अत्यंत गरीब परिवार में मोबाइल भी नहीं

  • गांव के लोग अब पढ़ाई में मदद को तैयार

  • आगे चलकर आइएएस बनना चाहता है वह

प्रतिनिधि

मालदाः माता पिता के साथ खेत में मजदूरी कर रहा था घर लौटा तो भीड़ देख डर गया

था। वह अपने घर के सामने इतने सारे लोगों को दूर से देखकर ही भयभीत हो गया था।

किसी तरह घर लौटा तो पता चला कि उसने पश्चिम बंगाल की मैट्रिक की परीक्षा में

पांचवा स्थान हासिल किया है। यह खबर आस पास के लोगों को पहले लग गयी थी। इसी

वजह से लोग उसके घर के बाहर भीड़ लगाकर खड़े थे।

हम बात कर रहे हैं प्राणगोविंद मंडल की। इस बालक ने पश्चिम बंगाल की माध्यमिक

परीक्षा में पूरे राज्य में पांचवा स्थान हासिल किया है। उसे 495 अंक मिले हैं। इसे बात पर

गांव के लोग उसकी इस सफलता पर उत्सव मनाने के लिए उसके घर के बाहर एकत्रित हो

गये थे। पुराने मालदा थाना के जातराडांगा ग्राम पंचायत के पोपड़ गांव के इस बालक और

उसके माता पिता को इस खबर ने वाकई खुशी दी है। दैनिक मजदूरी कर यह परिवार

अपना गुजारा करता है। अपने परिवार का कष्ट दूर करने प्राणगोविंद भी अपने माता पिता

के साथ खेतों में मजदूरी करने चला जाता है। वहीं से लौटने पर उसे यह जानकारी मिली।

पढ़ाई पर हमेशा ही ध्यान देने वाले इस बालक को खुद के इस परिणाम की उम्मीद नहीं

थी। लेकिन अब उसका आत्मविश्वास बढ़ा है। इसी क्रम में उसने कहा कि अगर सब कुछ

ठीक चला तो भविष्य में वह भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी बनकर गांव के लोगों

की सेवा करेगा।

आगे अफसर बना तो गांव वालों की सेवा ही करूंगा

उसके पिता फुतुल मंडल दूसरे की खेतों में काम करते हैं। इसके एवज में उन्हे मजदूरी और

फसल का हिस्सा मिलता है। उनका बेटा प्राण गोविंद पोपड़ा के ईश्वरनाथ हाई स्कूल का

छात्र है। परिवार की दो बहनों की शादी किसी तरह की जा चुकी है। मां निभा मंडल भी

परिवार की गाड़ी खींचने के लिए खेतों में काम करती हैं। इसी क्रम में वह खुद आज भी

खेतों में मजदूरी करने ही चला गया था ताकि परिवार का काम आसान हो और फसल की

हिस्सेदारी में उसके परिवार को ज्यादा मिल सके। परिणाम के बारे में उसके गांव वालों को

ही पहले से सारी जानाकरी मिल चुकी थी। इस छात्र ने बांग्ला भाषा में 95, इतिहास,

भूगोल और संस्कृति में पूरे एक सौ नंबर हासिल किये हैं।

माता पिता के साथ गांव वाले भी रिजल्ट से खुश

इस इलाके के पंचायत प्रधान नूर हक भी अपने इलाके के छात्र की इस सफलता से खुश हैं।

उन्होंने साफ किया कि बच्चे ने आइएएस बनने की इच्छा जाहिर की है। इसलिए सारे

इलाके के लोगों की कोशिश रहेगी कि उसकी पढ़ाई में कोई रुकावट नहीं आये। जिससे जो

कुछ भी बन पड़ेगा, लोग उसकी पढ़ाई में मदद जरूर करेंगे।

पिता ने कहा कि इतने कष्ट से परिवार चलता है इसलिए घर में मोबाइल रखना

विलासिता है। उनके पुत्र ने बिना किसी ट्यूशन के ही यह परीक्षा दी थी। लेकिन वह

बचपन से ही पढ़ने में तेज रहा है। दूसरी तरफ स्कूल के शिक्षकों का भी इसमें कम

योगदान नहीं है। उनलोगों ने भी इस बालक को परीक्षा के लिए तैयार करने के लिए

अतिरिक्त परिश्रम किया है।


 

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