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ममी बनाने के चक्कर में माता पिता सहित चार को मार डाला युवक ने

  • बेहोश लोगों को कॉफिन में डालकर जमीन में गाड़ दिया

  • भाई राहुल शेख घटना के बाद भाग निकला था

  • अनेक किस्म के रसायनों का प्रयोग किया था

  • योजना के तहत ऑनलाइन सामान मंगाया

राष्ट्रीय खबर

मालदाः ममी कैसे बनती थी, यह सोच उसके दिमाग में लगातार पनपती रही। किसी

मानसिक बीमारी की वजह से उसने इसी सोच के तहत अपने माता पिता, बहन और दादी

को मार डाला था। 18 वर्षीय इस युवक आसिफ मोहम्मद के बारे में उसके भाई राहुल शेख

ने सबसे पहले पुलिस को यह जानकारी दी है। आस पास के लोगों को इस बात की भनक

भी नहीं थी कि कमजोर सा दिखने वाला यह युवक अपने ही परिवार के लोगों को जिंदा

दफन कर चुका है। पास पड़ोस और परिचित लोगों को उसने यही बताया था कि उसके

पिता महाराष्ट्र में कहीं काम पाकर चले गये हैं। वह कुछ वर्षों के बाद ही वापस लौटेंगे।

आसिफ ने जिनलोगों को मार डाला है उनके नाम है जावेद अली (53 वर्ष), इरा बीबी (36

वर्ष), नाबालिग बहन रीमा खातून ( 16 वर्ष) और दादी आलेकानुर बेवा (70 वर्ष)।

प्राचीन काल में ममी बनाने की विधि का इंटरनेट से अध्ययन करने के बाद अपने दिमाग

से उन्होंने विभिन्न किस्म के रसायनों के साथ यह प्रयोग किया था। शरीर से काफी

कमजोर इस युवक के लिए घर के लोगों को अकेले मारना संभव नहीं था। इसलिए उसने

खाने में नशे की गोलियां डालकर सभी को बेहोश कर दिया था। इसी बेहोश अवस्था में

सभी को उसने जिंदा अवस्था में ही कॉफिन में बंद कर उन्हें जिंदा ही दफना दिया था।

इतने दिनों के बाद सूचना पाकर पुलिस ने लाशों को भी निकाला है। उसके भाई राहुल शेख

को इसकी जानकारी थी लेकिन जान बचाने के लिए वह घर से भागकर कोलकाता चला

गया था। वहां से उनके जब अपने चाचा को करीब चार महीने बाद इसकी जानकारी दी तो

पुलिस तक यह सूचना पहुंची।

ममी बनाने के नाम पर हत्या की सूचना भाई ने चाचा को दी

मामले की छानबीन करते हुए पुलिस को यह बताया गया है कि कुछ अरसा पहले आसिफ

के दिमाग में प्राचीन ममी का ख्याल आया था। उसके बाद ही वह इसके लिए अलग अलग

किस्म का रसायन जुटाने में लगा था। प्रारंभिक अवस्था में यह सोचा गया है कि उसे

शायद कोई मानसिक बीमारी रही है। जिसकी वजह से उसने ऐसा किया है। लेकिन इसकी

जांच विशेषज्ञ ही कर पायेंगे। पास पड़ोस के लोगों को मुताबिक आसिफ अपने घर से भी

ज्यादा बाहर नहीं निकलता था। चार माह पूर्व जब उसके अपने ही घर के चार लोगों को

जिंदा दफन कर दिया तो पड़ोसियों ने उसकी बात पर भरोसा किया था कि किसी व्यापार

के सिलसिले में उसके पिता परिवार के साथ महाराष्ट्र चले गये हैं। राहुल शेख के मुताबिक

शायद आसिफ उसे भी मार डालना चाहता था, इसी वजह से वह भाग निकला था। कुछ

दिन पहले घर की संपत्ति बेचने के सिलसिले में जब उसने फोन किया तो राहुल ने अपने

चाचा को इसकी जानकारी दी।

प्रारंभिक पूछताछ में आसिफ ने स्वीकार किया है कि नशे में बेहोश घरवालों के हाथ पैर

बांधकर उसने कॉफिन में बंद कर दिया था। उसके बाद घर के गैराज में गड्ढा खोदकर

चारों को दफना दिया था। उनके शरीर में प्राचीन काल की ममी की तरह कई किस्म के

रसायन रसायन लगाने के बाद शरीर को सफेद कपड़ों मे लपेट दिया गया था। गड्डे में

बेहोश लोगों को डाल देने के बाद उसने ऊपर से पानी भर दिया था। इस वजह से तय है कि

बेहोशी की हालत में ही सभी की मौत हो गयी थी।

बेहोशी की हालत में होने वालों को ही लकड़ी के बक्से में डाला था

पुलिस को उसने बताया है कि वह अपने घर पर ही कई किस्म के प्रयोग कर रहा था।

घरवालों को प्राचीन ममी के जैसा बनाने के लिए उसने प्लाईबोर्ड भी ऑनलाइन खरीदे थे

और घर पर ही इनसे कॉफिन तैयार किया था। शरीर पर कोई चोट नहीं रहे इसी वजह से

उन्हें बेहोश किया था ताकि प्राचीन ममी की तरह उनके भी शव सुरक्षित रह सकें। मामले

के खुलासे के बाद पुलिस ने उसके घर से पांच लैपटॉप, छह सीसीटीवी कैमरा, अनेक

किस्म के रसायन, चिप एवं अन्य सामान बरामद किये हैं। महज 18 साल के इस युवक

की इस करतूत की वजह से ही उसे मानसिक तौर पर रोगी माना गया है, जिसकी जांच

अब विशेषज्ञ करेंगे। वैसे उसके खिलाफ पूर्व में साइबर अपराध का आरोप भी दर्ज है।

पिछले फरवरी माह में प्राचीन ममी की नकल करने के लिए उसने अपने घरवालों को इस

तरीके से मार डाला था। वैसे इस बीच यह राज भी सामने आया है कि उसके पिता के खाते

में करोड़ रुपये हैं, इसलिए संदेह है कि उसने किसी साजिश के तहत इस घटना को अंजाम

दिया है। परिवार के लोगों को मार डालने के बाद उसने पारिवारिक संपत्ति में से लीची के

बाग, आम के बाग, धान की जमीन, दो डंफर और एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी बेच दी थी।

उसकी दलील थी कि घर के लोगों के लिए कोलकाता में एक फ्लैट खऱीदना है।

दोबारा पूछताछ मे हथियारों का पता चला तो दूसरा संदेह

उससे दोबारा हुई पूछताछ में उसने अपन दो दोस्तों की जानकारी दी। इस सूचना के

आधार पर फिर से छापामारी हुई तो पांच पिस्तौल और ढेर सारा कारतूस बरामद होने की

वजह से पूरा मामला ही पलट गया है। अब पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि मैट्रिक

पास करने के बाद आसिफ दो वर्षों तक लापता हो गया था। दूसरी तरफ उसके कंप्यूटर में

आतंकवादी संगठन से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। इसलिए मामले की जांच एनआईए

से भी कराने पर विचार किया जा रहा है।

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