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बिना ड्राइवर और टेक्नीशियन व ईंधन के हसनपुरा को मिली हाई-टेक एम्बुलेंस की सौगात

हसनपुराः बिना ड्राइवर और टेक्नीशियन के हाई टेक एंबुलेस कैसे चलेगी, यह चर्चा का

विषय बना है। साथ ही इस एंबुलेंस के लिए ईंधन कहां से आयेगा, यह भी बड़ा सवाल है।

मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत एमएलसी टुन्ना जी पांडेय के फंड से हसनपुरा को

हाई-टेक एम्बुलेंस की सौगात मिली है। यह एम्बुलेंस वेंटिलेटर, ऑक्सीजन, ईसीजी, पल्स

ऑक्सिमिटर, लंबी दूरी तक मरीजो को ले जाने के दौरान मशीनों के सुचारू संचालन के

लिये बैटरी बैकअप के लिये इन्वर्टर, ट्रॉली युक्त ऑटोमेटिक स्ट्रेचर समेत अन्य

अत्याधुनिक सुविधाओ से लैस है। एमएलसी फंड से पूरे जिले में केवल हसनपुरा

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को यह हाई-टेक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई है। परंतु यक्ष

प्रश्न यह है कि बिना ड्राइवर, ईंधन और टेक्नीशियन के इस एम्बुलेंस का संचालन कैसे

होगा। पीएचसी हसनपुरा को 102 के माध्यम से एक एम्बुलेंस प्राप्त है। इसके लिये पटना

से इमरजेंसी मेडिकल टीम ड्राइवर और टेक्नीशियन) उपलब्ध कराया गया है। एमएलसी

फंड से हसनपुरा को हाई-टेक एम्बुलेंस तो मिल गया। परन्तु इसके रख-रखाव व सफल

संचालन के लिये कोई ईएमटी उपलब्ध नही कराया गया है। जब हसनपुरा में हाई-टेक

एम्बुलेंस पहुची तो लोगो को लगा कि कोरोना के संक्रमण काल तथा लॉकडाउन फेज – 4 में

प्रखंड के संक्रमित मरीजो को इमरजेंसी की स्थिति में कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल तथा

अन्य हाई-टेक हॉस्पिटल तक पहुचने के लिये एम्बुलेंस के लिये भाग-दौड़ नही करना

पड़ेगा। विशेषकर गरीब व निर्धन मरीजो को वेंटिलेटर व ऑक्सीजन युक्त एम्बुलेंस के

लिये मोटी रकम नही खर्च करने पड़ेंगे।

बिना ड्राइवर और टेक्नीशियन सुनकर उदास हुए लोग

प्रखंड वासियो को जैसे ही यह पता चला कि यह एम्बुलेंस बिना ड्राईवर और टेक्नीशियन

के है। उनकी खुशी काफूर हो गई। वही अस्पताल प्रबंधन को यह डर सताने लगा है कि

बिना ईंधन, ड्राईवर और टेक्निकल स्टॉफ के इस हाई-टेक एम्बुलेंस की सुरक्षा, रख-रखाव

का कौन जिम्मेवार होगा। वही जिला महासचिव कांग्रेस इरफान अहमद, समाजसेवी

कृष्णा शेखर जायसवाल, अनिल कुमार गुप्ता आदि ने कहा कि बिना टेक्निकल स्टॉफ,

ड्राईवर और ईंधन के इस हाई-टेक एम्बुलेंस का क्या काम? क्या इस एम्बुलेंस का हाल भी

पीएम केयर फंड से विभिन्न अस्पतालों में टेक्नीशियन के अभाव में धूल फांक रहे

वेंटिलेटर की तरह होगा क्या? इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अभय कुमार

ने बताया कि सिविल सर्जन सीवान से हाई-टेक एम्बुलेंस के रख-रखाव, संचालन, ड्राईवर,

ईंधन व स्टॉफ के लिये विस्तृत मार्गदर्शन मांगा गया है। बहुत जल्द समस्या के

निराकरण की संभावना है।

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