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चीन से कारोबार समेटने वाली कंपनियों का स्वागत करेगा हरियाणा

चंडीगढ़ः चीन से कारोबार समेटने की तैयारी में दुनिया के कई देशों की कंपनियां हैं। इनमें

से सिर्फ जापान की सरकार ने औपचारिक तौर पर सभी जापानी कंपनियों को वहां से

कारोबार बंद करने का निर्देश जारी किया है। इसके बाद भी समझा जाता है कि कोरोना

संकट के काबू में आते ही अनेक अन्य देशों की कंपनियां भी वहां से अपना कारोबार बंद

करेंगी। इस बीच हरियाणा सरकार ने कहा है कि चीन से अपना ठिकाना स्थानांतरित

करने वाली बहुराष्ट्रीय कम्पनियों को अपने यहां निवेश करने के लिये हरसम्भव सहयोग

प्रदान करेगी। राज्य सरकार ने में लोगों को रोजगार दिलाने और अर्थव्यवस्था को आगे

बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता के तहत अब तक 19,626 इकाईयों को परिचालन शुरू

करने और 11,21,287 श्रमिकों को कार्य करने की अनुमति प्रदान की है। राज्य की मुख्य

सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने राज्य की विभिन्न औद्योगिक इकाईयों के पदाधिकारियों

और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बातचीत के दौरान

यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के तहत गत चार

मई औद्योगिक इकाईयों को स्वत: मंजूरी प्रदान करने की प्रक्रिया को सक्रिय कर दिया

गया है और 7338 आवेदनों के तहत 4,89,182 श्रमिकों को उद्योगों मंह काम करने की

मंजूरी दी गई है, जिनमें से 4164 इकाईयों के 3,02,084 श्रमिक शहरी क्षेत्रों तथा 3174

इकाईयों के 1,84,098 श्रमिक ग्रामीण क्षेत्रों में काम करेंगें। मुख्य सचिव ने औद्योगिक

संगठनों के पदाधिकारियों से कहा कि वे उद्योगों को खोलने के साथ केंद्र सरकार और

राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं के दिशानिर्देशों का पालन करें

ताकि कोरोना संक्रमण से श्रमिकों और कामगारों को बचाया जा सकें।

चीन से स्थानीय उदयमियों को भी राहत

इसके अलावा, आवश्यक और गैर-आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही पर किसी भी प्रकार

की कोई रोक नहीं हैं। उन्होंने विभिन्न औद्योगिक इकाईयों के पदाधिकारियों और

उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों से आहवान किया कि सभी को मिलकर जनता की मदद

करनी है और आपातकालीन सेवाओं और अर्थव्यवस्था का संतुलन भी बनाए रखना है

ताकि हमारी भावी पीढ़ियां सुरक्षित रह सकें। उन्होंने उद्योगों से अपील की कि वे अपने

प्रतिष्ठानों में काम करने वाले श्रमिकों को समझाएं कि घर जाने के बाद उन्हें वहां की

राज्य सरकार द्वारा चिकित्सा जांच के पश्चात 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाएगा,

इसलिए वे यहीं पर रूककर अपने प्रतिष्ठानों में काम करें। उद्योग विभाग के प्रधान

सचिव अपूर्व कुमार सिंह ने बताया कि कोविड-19 महामारी की वजह से, हरियाणा में

औद्योगिक इकाइयों की सुविधा के लिए उनके अपने कार्यों को पुनर्जीवित करने तथा कम

आर्थिक गतिविधि के कारण से वित्तीय अवरोध के चलते अपने कर्मचारियों को बनाए

रखने के लिए, हरियाणा सरकार ने ‘हरियाणा एमएसएमई रिवाईबल ब्याज लाभ योजना’

तैयार की है। यह एमएसएमई इकाइयों को वित्तीय सहायता प्रदान करने में मदद करेगा

ताकि वे स्थायी/ अनुबंधित कर्मचारियों और श्रमिकों सहित अपने कर्मचारियों को मजदूरी

का भुगतान कर सकें और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा कर सकें। इसके तहत राज्य में

गत 15 मार्च तक या उससे पहले काम करने वाली सभी एमएसएमई इकाइयाँ प्रति

कर्मचारी अधिकतम 20 हजार रूपए तक कर्मचारियों के वेतन और अन्य खर्चों के भुगतान

के लिए प्राप्त ऋण पर छह महीने की अवधि के लिए ब्याज में लाभ की पात्र होंगी।

नये उद्यमों के लिए कई नये रियायतों का एलान

बैठक में एचएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक अनुराग अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार

उद्यमियों और निवेशकों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए खुले मन से स्वागत

करती है। इसके अलावा, कोविड-19 वैश्विक महामारी के चलते चीन में स्थापित

बहुराष्ट्रीय कंपनियों की ईकाईयों को राज्य में स्थापित करने के लिए भी पूरा सहयोग

किया जाएगा। उन्होंने विभिन्न औद्योगिक इकाईयों के पदाधिकारियों व उद्यम संगठनों

के प्रतिनिधियों से कहा कि यदि कोई बहुराष्ट्रीय कंपनी अपना बेस चीन से स्थानातंरित

कर हरियाणा में स्थापित करना चाहती है तो हरियाणा सरकार की ओर से उस कंपनी को

पूरा सहयोग किया जाएगा।

इस बीच राज्य सरकार की कम्पनियों को अपना कारोबार चीन से स्थानांतरित कर

हरियाणा में स्थापित करने की सम्भावनाओं तथा ऐसी कम्पनियों को हरसम्भव सहयोग

प्रदान करने के लिये कई निवेशकों के साथ शुरू की गई ‘‘वेबिनार’’ श्रृंखला के तहत

बातचीत की है जिसमें डेल, याजाकी इंडिया, डैनिस्को इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, जॉनसन

मैथेय इंडिया, ज्योति अपैरल्स, हिंद टर्मिनल्स यूएई, एसेंडस फर्स्ट स्पेस, रिलायंस और

कोका-कोला इंडिया जैसी बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया तथा इसमें भाग लेने

वाली कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने जबरदस्त उत्साह दिखाया। ‘‘वेबिनार’’ के दौरान

सरकार की उन विशेष नीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई, जो विनिर्माण इकाइयों के

तत्काल स्थानांतरण के लिए हरियाणा को एक व्यवहार्य गंतव्य बनाएंगी। उद्योगपतियों

द्वारा दिए गए विभिन्न सुझावों में आईटी इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को आवश्यक वस्तुओं की

सूची में शामिल करना, चिकित्सा इलेक्ट्रॉनिक्स घटकों के विनिर्माण पर उद्योग को

प्रोत्साहन देने के लिए इन वस्तुओं को भारत सरकार की आईटी एवं ईएसडीएम नीति में

शामिल करना और राज्य में ट्रकर्स पार्क विकसित किया जाना शामिल है।


 

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