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गुमला उपायुक्त ने मुखिया लोगों को दी खास हिदायत

  • प्रवासी श्रमिक और छात्रों की स्टाम्पिंग और क्वारेंटीन सुनिश्चित करें
  • पंचायत का भविष्य मुखिया एवं वार्ड सदस्यों के हाथ सुरक्षित है: उपायुक्त
  • व्यक्तियों को सरकारी कोरेन्टाइन सेंटर में रखा जा रहा है
  • बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्तियों की दें सूचना

गुमला: गुमला उपायुक्त शशि रंजन ने कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण के प्रसार

को देखते हुए गुमला जिले के वैसे मजदूर जो रोजगार के लिए दूसरे राज्यों, जिलों में प्रवास

के लिए चले गये हैं उन प्रवासी मजदूरों व विद्यार्थियों की वापसी लगतार जारी है।

सरकारी व प्रशासनिक व्यवस्था तथा वे स्वयं भी वापस आ रहे हैं। इस घड़ी में मुखिया,

वार्ड सदस्यों की जिम्मेदारी बढ़ गयी है। पंचायत, वार्ड की सुरक्षा, स्वच्छता, स्वस्थता

मुखिया, वार्ड सदस्य, वार्ड पार्षदों के हाथ में है। पंचायत का भविष्य उनके हाथ में सुरक्षित

है। होम कोरेन्टाइन किये जाने वाले व्यक्ति अपने घर में ही रहें, इसे सुनिश्चित करने के

लिए सभी पंचायती राज प्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया है। सामाजिक दबाव बनाकर

व्यक्ति को होम कोरेन्टाइन में रखा जाना स्थानीय तौर पर कोविड-19 से इलाके को

सुरक्षित रखे जाने का सबसे आसान तरीका है।

उपायुक्त ने कहा कि दूसरे राज्यों, जिलों से लगभग 8500 श्रमिक/ विद्यार्थी /पर्यटक

गुमला जिले में आये हैं। इसमें 60 प्रतिशत लोग रेड जोन से आने वाले हैं। ऐसे श्रमिक,

विद्यार्थियों को क्वारेन्टाइन करवाया जा रहा है। उडश्कऊ-19 के लक्षण वाले एवं रेड जोन

से आने वाले व्यक्तियों को सरकारी कोरेन्टाइन सेंटर में रखा जा रहा है, जबकि अन्य

व्यक्तियों को होम कोरेन्टाइन में रखा जा रहा है। क्वारेन्टाइन वाले व्यक्तियों के हाथों पर

स्टंपींग की जा रही है कि उन्हें इस तिथि तक होम क्वारेन्टाइन में रहना है। मुखिया, वार्ड

सदस्य, वार्ड पार्षद स्थानीय निवासियों के सहयोग से यह सुनिश्चित करें कि होम

कोरेन्टाइन वाले व्यक्ति अपने घरों में ही रहें एवं बाहर आवागमन नहीं करें।

गुमला उपायुक्त ने सरकारी इंतजाम की जानकारी दी

आवश्यक वस्तुओं/सामग्रियों की उपलब्धता के लिए गुमला जिला प्रशासन की ओर से घर

तक पहुंचाने की व्यवस्था की गयी है। उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को

निदेशित किया कि होम क्वारेन्टाइन में रखे जाने वाले व्यक्तियों की सूची क्षेत्र के मुखिया

व वार्ड सदस्यों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराएं, ताकि बाहर से आने वाले प्रवासी

व्यक्ति को होम क्वारेन्टाइन में ही रखा जा सके। उन्होंने कहा कि प्रखंड विकास

पदाधिकारी मुखिया व वार्ड सदस्य आपस में समन्वय बनाए रखें तथा बाहर से आने वाले

व्यक्तियों का स्टाम्पिंग करवाना सुनिश्चित करें।

गांव-मोहल्ले में बाहर से आने वालों की दें सूचना : उपायुक्त

उपायुक्त ने बताया कि गुमला जिले में प्रवासी श्रमिक, विद्यार्थी कई माध्यमों से पहुंच रहे

हैं। ऐसे में सर्तकता व सावधानी काफी आवश्यक है। सर्तकता व सावधानी से ही संक्रमण

से बचा जा सकेगा। ऐसे में गांव-मोहल्ले में आने वाले प्रवासियों के संबंध में सूचना

उपलब्ध करायें, ताकि उन्हें होम क्वारेन्टाइन या सरकारी क्वारेन्टाइन में रखवाना

सुनिश्चित कराई जा सके। अन्य राज्यों एवं बाहर से आने वाले श्रमिक बंधुओं/

विद्यार्थियों के लिए नगर भवन में सहायता केंद्र की स्थापना की गई है। यहाँ पर सभी

प्रवासी श्रमिकों एवं अन्य लोगों का सैनेटाईजेशन एवं थर्मल गन तथा थर्मल स्कैनर से

जाँच की व्यवस्था की गई है। वैसे श्रमिकों के लिए जिनके पास जॉब कार्ड नहीं है, स्थानीय

स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सहायता केंद्र में जॉब कार्ड भी बनाया जा रहा है।

उपायुक्त ने सभी पंचायती राज प्रतिनिधियों एवं नगर परिषद प्रतिनिधियों को निदेश

दिया है कि अपने साधनों से जिला आने वाले बाह्यश्रमिकों की भी सूचना नियंत्रण कक्ष/

पुलिस सहायता केंद्र/ अन्य स्रोत के माध्यम से निश्चित रूप से उपलब्ध कराई जाए।

जिससे ऐसे श्रमिकों का भी स्वास्थ्य जाँच किया जा सके एवं आवश्यकतानुसार होम

क्वारेन्टाइन / इंस्टिट्यूशनल क्वारेन्टाइन में रखा जा सके।

आरोग्य सेतु एप करवाएं डाउनलोड 

उपायुक्त ने कहा कि होम क्वारेनटाइन वाले सभी श्रमिक, विद्यार्थियों को आरोग्य सेतु

एप डाउनलोड करवाना सुनिश्चित करें। सरकार द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण से लोगों

की सुरक्षा के लिए कोरोना ट्रैकिंग आरोग्य सेतु एप जारी किया है। एप का इस्तेमाल

स्मार्टफोन के यूजर ही कर सकते हैं। जिन व्यक्तियों के पास र्स्माटफोन/एन्ड्रॉयड फोन

नहीं है, उनके लिए आरोग्य सेतु कश्फर सेवा शुरू की गयी है। इस सेवा से वैसे लोग जिनके

पास स्मार्ट फोन नहीं है वे भी इससे जुड़ सकते हैं, उन्हें टॉल फ्री नंबर 1921 पर मिस्ड कॉल

करना होगा। वैसे व्यक्ति जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है, उनसे टॉल फ्री नंबर 1921 पर

मिस्ड कॉल करवाना सुनिश्चित करें।

बता दें कि मिस्ड कॉल के बाद यूजर्स के पास कॉल बैक आएगा और उनके सेहत से जुड़ी

जानकारी पूछी जाएगी। सवालों के जवाब के आधार पर व्यक्तियों को एसएमएस प्राप्त

होगा, जिसमें उनके हेल्थ स्टेटस से जुड़ी जानकारी मिलेगी। आरोग्य सेतु की तरह ही यह

सर्विस 11 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है।

उपायुक्त ने जिला प्रशासन, स्थानीय नागरिक, पुलिस कर्मी, चिकित्सा कर्मी, मीडिया

कर्मी सहित कोरोना संक्रमण की रोकथाम में शामिल लोगों को अबतक गुमला जिले को

कोरोना संक्रमण से मुक्त रखने में सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है।


 

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