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जीएसटी परिषद की बैठक में कोरोना पर कर भार कम करने का फैसला लिया गया

  • पूर्व चर्चा के मुताबिक ही किया गया फैसला

  • ब्लैंक फंगस की दवा अब पूरी तरह करमुक्त

  • वैक्सीन को कर मुक्त करने का फैसला नहीं

  • वैक्सीन पर कर का ढांचा पूर्ववत ही रखने का एलान

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः जीएसटी परिषद की बैठक में लगभग वही फैसले हुए, जिसकी पहले से उम्मीद

की जा रही थी। परिषद की बैठक में गैर भाजपा शासित राज्यों की मांगों को अनसुना

करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपनी तरफ से लिये गये फैसलों को सुना दिया। इसके

तहत कोरोना से संबंधित अनेक मुद्दों पर जीएसटी कम कर दिया गया है। वैसे भाजपा और

गैर भाजपा शासित राज्यों के मंत्रियों की मांग के बाद भी कोरोना वैक्सीन पर कर कम

करने का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया है। वैसे आज की जीएसटी परिषद की इस बैठक

में लिये गये फैसले से कोरोना के ईलाज में काम आने वाले उपकरण और दवाइयों की

कीमत कम होने की उम्मीद है। इसके पूर्व ही विशेषज्ञ कमेटी ने इन तमाम मुद्दों पर

स्थिति का गहन सर्वेक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। रिपोर्ट के आधार पर ही

यह माना जा रहा था कि आज की बैठक में कर कम होने का औपचारिक एलान कर दिया

जाएगा। वैसे वैक्सीन पर से कर नहीं हटाने के फैसले पर अब भी कई सवाल खड़े हो गये

हैं। इस वैक्सीन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट में भी सारे दस्तावेजों के साथ

अपना पक्ष पेश करना भी बाकी है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने इस बैठक के बाद बताया कि एंटी

फंगल दवा एमफोटरसिन बी और एंटी बॉयरल दवा टोसिलिजुमाब को पूरी तरह कर मुक्त

कर दिया गया है। इससे माना जा सकता है कि ब्लैंक फंगस के ईलाज में काम आने वाली

दवा पर अब कर का बोझ कम किया गया है।

जीएसटी परिषद की बैठक की जानकारी केंद्रीय वित्त मंत्री ने दी

श्रीमती सीतारमण ने बताया कि कोरोना रोगियों के काम आने वाली एक और दवा

रेमडेसिवीर में पहले जो 12 प्रतिशत का कर लगता था, उसे कम कर पांच प्रतिशत कर

दिया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय की अनुशंसा पर कई अन्य दवाओं पर भी

कर को घटाकर पांच प्रतिशत ही किया गया है। इससे कोरोना पीड़ित लोगों को सस्ते दर

पर दवा उपलब्ध हो पायेगी। इसके साथ साथ कोरोना मरीजों की जान बचाने वाली

ऑक्सीजन पर भी अब जीएसटी को 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया

है। आज हुए फैसले के मुताबिक कोरोना रोगियों के ईलाज और जांच में काम आने वाले

उपकरणों पर भी कर की छूट का फैसला लिया गया है। इसके तहत कोरोना जांच उपकरण,

पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, ताप नापने के अन्य यंत्र भी अब कम कीमत पर उपलब्ध

होंगे। साथ ही हैंड सैनिटाइजर भी पांच प्रतिशत कर लगने की वजह से अब सस्ते हो

जाएंगे।

जीएसटी परिषद ने एंबुलेंस पर लगने वाले 28 प्रतिशत जीएटकी को कम कर 12 प्रतिशत

कर दिया गया है। दूसरी तरफ लाश जलाने के काम आने वाली बिजली और गैस चुल्लियों

पर लगने वाले 18 प्रतिशत कर को घटाकर पांच प्रतिशत करने का एलान किया है।

जीएसटी परिषद की 44वीं बैठक में आज लिये गये इन फैसलों का प्रभाव आगामी सितंबर

तक जारी रखने का एलान किया गया है। इसके साथ ही श्रीमती सीतारमण ने कहा कि यह

सारे फैसले मंत्रियों के समूह की रिपोर्ट के आधार पर लिये गये हैं। इस मंत्रियों के समूह पर

भी गैर भाजपा शासित राज्यों का आरोप है कि इसमें सिर्फ भाजपा शासित राज्यों के

मंत्रियों को ही शामिल किया गया था।

बैठक में लिये गये फैसलो के मुताबिक संशोधित कर इस प्रकार होंगे

उपकरण

पूर्व दर

नया दर

एंबुलेंस

28

12

बिजली या गैस शवदाह चुल्ली

18

05

थर्मामीटर जैसे यंत्र

18

05

हैंड सैनिटाइजर

18

05

ऑक्सीमीटर उपकरण

12

05

कोविड जांच उपकरण

12

05

रेमडेसिवीर

12

05

हेपारिन जैसी दवा

12

05

ब्लैक फंगस की दवा

05

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