Press "Enter" to skip to content

मलयाली न्यूज चैनलों से प्रतिबंध हटाया गया







नयी दिल्लीः मलयाली न्यूज चैनलों पर लगा प्रतिबंध हटा लिया गया है। केंद्र सरकार ने

शनिवार को दो मलयाली भाषा के समाचार चैनल एशियानेट समाचार और मीडिया वन के

प्रसारण पर शुक्रवार को लगायी रोक को हटा लिया गया। सूत्रों ने बताया कि देशभर में

सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के चलते दोनों समाचार चैनलों के प्रसारण पर शुक्रवार को 48

घंटे का प्रतिबंध लगाया गया था, जिसे आज सुबह हटा लिया गया। सूचना और प्रसारण

मंत्रालय ने मलयालम समाचार चैनलों एशियानेट समाचार और मीडियावन को उत्तर

पूर्वी दिल्ली में हिंसा को गलत तरीके से प्रसारित करने के लिए शुक्रवार को अगले 48 घंटे

तक प्रसारण पर रोक लगायी थी। मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी अपने आदेश में कहा कि

टेलीविजनों के प्रसारण के सम्बंध में जारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन कर ये खबरें दिखाई

गईं थी। इसमें एक समुदाय विशेष के धार्मिक स्थल के हमले की बात कही गयी जिससे

समाज मे अशांति फैल सकती थी। मंत्रालय ने शुक्रवार को साढ़े सात से लेकर रविवार

शाम साढ़े सात बजे तक 48 घंटे के लिए मीडिया वन और एशियानेट न्यूज के प्रसारण पर

रोक लगाने का आदेश दिया था। कांग्रेस ने दोनों चैनलों पर लगे प्रतिबंध लगाने पर

सरकार की आलोचना की और कहा कि यह मीडिया की आजादी का हनन है।

मलयाली चैनलों का प्रसारण रोकने की माकपा ने की निंदा

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने दिल्ली दंगे की रिपोर्ट दिखाए जाने वाले दो

मलयाली चैनलों को 48 घंटे के लिए बंद किये जाने की कड़ी निंदा की है और इसे मीडिया

की आज़ादी पर हमला बताया है। माकपा पोलित ब्यूरो ने शनिवार सुबह एक विज्ञप्ति

जारी कर सरकार को इस कार्रवाई के लिए आड़े हाथ लेते हुए यह प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

पार्टी ने कहा है कि एशिया नेट न्यूज़ और मीडिया वन को सूचना प्रसारण मंत्रालय द्वारा

इस तरह प्रसारण बंद किया जाना इस बात का सबूत है कि सत्तारूढ दल अपने खिलाफ

किसी तरह की खबरों से परेशान है और वह नहीं चाहता कि कोई संघ परिवार तथा दंगे में

पुलिस की कर्तव्यहीनता पर कोई सवाल उठाये। पार्टी ने कहा कि यह सीधे सीधे मीडिया

की आज़ादी पर हमला है। इसलिए सरकार तत्काल बैन हटाये।

[subscribe2]



More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from दिल्लीMore posts in दिल्ली »
More from देशMore posts in देश »
More from राज काजMore posts in राज काज »
More from विधि व्यवस्थाMore posts in विधि व्यवस्था »
More from साइबरMore posts in साइबर »

One Comment

Leave a Reply

%d bloggers like this: