fbpx Press "Enter" to skip to content

भारत सरकार का निर्देश गोपनीयता नीति वापस लें व्हाट्सएप

भारत सरकार ने व्हाट्सएप को नई गोपनीयता नीति वापस लेने के लिए कहा है। पहली

बार सरकार ने जनता के बीच से उठ रहे सवालों की गंभीरता को समझते हुए इस दिशा में

कार्रवाई की है। इस बारे में पहले ही अदालत में भी मामला दायर किया जा चुका है। दूसरी

तरफ व्यापारियों के सबसे बड़े संगठन कैट ने भी केंद्रीय सूचना मंत्री रविशंकर प्रसाद को

इस बारे में पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। वैसे भी भारत सरकार का निर्देश प्राप्त

होने के पहले ही खुद व्याट्सएप को भी भारतीय जनता के मिजाज और खुद को हो रहे

व्यापारिक नुकसान का अंदेशा हो चुका था। इसी वजह से भारत सरकर का निर्देश आने के

पहले ही उसकी तरफ से इन नीतियों को अगले मई तक स्थगित करने का एलान भी कर

दिया गया था। वैसे इस एक घटना ने यह संकेत दे दिया है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों

भारतीय बाजार की गहराई को कितनी बेहतर तरीके से समझ रही है। वैसे भी पिछले

लोकसभा चुनाव के दौरान कैंब्रिज एनालाइटिका का मामला राजनीतिक तौर पर भले ही

ठंडे बस्ते में चला गया हो लेकिन सोशल मीडिया का निरंतर प्रयोग करने वाले अब यह

अच्छी तरह समझते हैं कि कैसे उनकी सोच के अंदर अपने व्यापार को घुसेड़ने की कार्रवाई

इन प्लेटफॉर्मों में हुआ करती है। अगर आप नहीं जानते तो आप भी किसी सोशल मीडिया

पर अपनी सोच से विपरीत के किसी चीज को तलाश कर देख लीजिए। आपकी एक तलाश

के बाद बार बार आपको उसी के आस पास की चीजों का विज्ञापन परोसा जाने लगेगा।

भारत सरकार को इस बारे में एक स्थायी नीति बनानी चाहिए

यानी अगर आपकी अपनी कोई सोच हो तो उसे प्रभावित करने की नीति पर यह प्लेटफॉर्म

काम करते है। वैसे इनकी कमाई का यही मुख्य जरिया भी है, इसलिए अगर वह विज्ञापन

परोस रहे हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है। बुराई इस बात पर है कि वह किसी भी व्यक्ति की

निजी जिंदगी में बहुत ज्यादा तांक-झांक करते हैं। अब सरकार ने कहा है कि फेसबुक

नियंत्रित व्हाट्सएप ने अपनी गोपनीयता नीति में जो बदलाव किए हैं, वे उपयोगकर्ताओं

की निजता का हनन करते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस

मैसेजिंग ऐप को सात दिन के भीतर अपनी निजी एवं सूचना स्थानांतरण एवं साझा नीति

और सामान्य कारोबार व्यवहारों से जुड़े मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है।

व्हाट्सएप के वैश्विक प्रमुख विल कैथकार्ट को भेजे ई-मेल में मंत्रालय ने कहा कि भारत में

इस एप के उपयोगकर्ताओं की संख्या 40 करोड़ से अधिक है और गोपनीयता नीति में

बदलाव से उन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। मंत्रालय ने व्हाट्सएप को ई-मेल मिलने के सात

दिनों के भीतर प्रस्तावित गोपनीयता नीति पर 14 सवालों के जवाब देने के लिए कहा है।

इससे पहले व्हाट्सएप ने कहा था कि कंपनी जो बदलाव लाने जा रही है वे व्हाट्सएप पर

वैकल्पिक कारोबारी तथ्यों से संबंधित हैं और ये उसके द्वारा डेटा जुटाने में अपनाई जाने

वाली पारदर्शिता को और अधिक मजबूत करते हैं। इस ऐप ने दिसंबर में गोपनीयता नीति

में बदलाव करना शुरू कर दिया था और यूजर को 8 फरवरी तक इन्हें स्वीकार करने के

लिए कहा था। व्हाट्सएप ने कहा था कि जो यूजर नई नीति से सहमत नहीं होंगे वे सेवा का

इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

कंपनी की सफाई का उपभोक्ताओं पर कोई असर नहीं

हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि संदेश एवं निजी वार्तालाप पहले की तरह ही गोपनीय

और सुरक्षित हैं, लेकिन लोगों की चिंता बरकरार है। कई उपयोगकर्ता अब दूसरे मैसेजिंग

ऐप जैसे सिग्नल और टेलीग्राम पर जा रहे हैं। नए बदलावों पर सख्त प्रतिक्रिया मिलने के

बाद व्हाट्सएप ने नई गोपनीयता नीति अमल में लाने की तारीख 8 फरवरी से बढ़ाकर 15

मई कर दी है। मंत्रालय ने गोपनीयता नीति में बदलाव को एक तरफा निर्णय करार दिया

और प्रस्तावित बदलावों से जुड़ी कई चिंता का जिक्र किया। ई-मेल में कहा गया है,

प्रस्तावित बदलाव भारतीय नागरिकों की पसंद एवं उनकी स्वायत्ता के लिए गंभीर

जोखिम पैदा करते हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए नए बदलाव वापस लिए जाने

चाहिए। ई-मेल में यूरोप के उपयोगकर्ता के मुकाबले भारत के लोगों के साथ भेदभाव पूर्ण

नीति अपनाने का भी विषय उठाया। मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रवि

शंकर प्रसाद ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि व्हाट्सएप, फेसबुक या फिर कोई भी

डिजिटल प्लेटफॉर्म क्यों न हो वे भारत में आराम से कारोबार कर सकती हैं, लेकिन उन्हें

यहां के लोगों के अधिकारियों के अतिक्रमण की इजाजत नहीं दी जाएगी। यूरोप की तरह

भारत में भी कानून की आवश्यकता है जो इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर अंकुश रख सके।

यह बात सरकार भी अच्छी तरह जानती है कि भारत अपने आप में मोबाइल सेवा का भी

बहुत बड़ा बाजार है। इस बाजार में किसी को मनमानी करने की छूट नहीं मिलनी चाहिए।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from देशMore posts in देश »
More from लाइफ स्टाइलMore posts in लाइफ स्टाइल »
More from साइबरMore posts in साइबर »

One Comment

... ... ...
%d bloggers like this: