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भीषण संकट की तरफ जाने से रोके सरकारः अजीत शर्मा

  • सामाजिक संगठन भी गरीबों की मदद को आगे आये

  • केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे कहां हैं

  • अस्पतालों की बदहाल स्थिति से मरीज परेशान

दीपक नौरंगी

भागलपुरः भीषण संकट है और हालात और भी गंभीर होती जा रही है। कोरोना के साथ

साथ लॉक डाउन के दौर में गरीबों के लिए दो वक्त की रोटी भी सबसे बड़ा सवाल बन चुका

है। यह बातें भागलपुर के विधायक अजीत शर्मा ने आज राष्ट्रीय खबर को दिये एक विशेष

भेंट में कही।

वीडियो में देखिये माननीय विधायक ने क्या कहा

 

श्री शर्मा ने कहा कि वह बार बार केंद्र और राज्य सरकार से इस बात की अपील कर रहे हैं

कि वे भागलपुर की स्थिति की गंभीरता को समझे क्योंकि स्थिति भीषण संकट के दौर से

और खतरे की तरफ बढ़ रही है।

भागलपुर विधायक ने कहा कि यहां के सरकारी अस्पतालों की बदहाली अब किसी से

छिपी हुई नहीं है। मरीजों को डाक्टर तो क्या नर्स भी नहीं मिल रहे हैं। अस्पताल की

बदहाली का यह आलम है कि जेनरेटर बंद होने की वजह से अस्पताल का वेंटीलेटर बंद हो

गया। इससे भी मरीजों की मौत हो चुकी है। इसे देखने वाला कोई नहीं है। यह स्थिति तब

है जबकि केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे का यह राजनीतिक क्षेत्र रहा है।

वर्तमान में केंद्र में मंत्री होने की वजह से भी वह इस पर ध्यान दे सकते हैं। वह केंद्र में मंत्री

होने के बाद भी यहां के मेडिकल कॉलेज की स्थिति में सुधार नहीं हो सका, यहां मरीजों के

लिए बेड नहीं बढ़ाये जा सके, यह दुर्भाग्य का विषय है।

विधायक श्री शर्मा ने कहा कि वह फिर से बिहार सरकार से इस मुद्दे पर गंभीरता से

कार्रवाई करने की अपील कर रहे हैं क्योंकि उनकी समझ में स्थिति भीषण है और अब

लोग बीमारी के साथ साथ भूखे भी मरने लगेंगे।

भीषण संकट के बीच अभी चुनाव की चर्चा बेमानी

इस क्रम में श्री शर्मा ने सभी सामाजिक संगठनों से भी गरीबों की मदद के लिए आगे आने

की अपील की। उन्होंने कहा कि हालात खराब हैं इसलिए लोग मदद के लिए निकले तो

मास्क और हाथ में दस्ताना पहनकर ही निकले। लेकिन इसके बाद भी जिनमें इंसानियत

का जज्बा है, वे इन बेचारों की मदद जितना हो सकता है करें। लेकिन इसकी अंतिम

जिम्मेदारी तो सरकार की बनती है। इसलिए भीषण स्थिति के बीच वह राज्य सरकार से

इस पर ध्यान देने और तत्काल कार्रवाई करने की अपील दोहरा रहे हैं।

एक प्रश्न के उत्तर में भागलपुर विधायक ने कहा कि अभी कोरोना के इस भीषण संकट के

दौर में चुनाव की बात सोचना भी बेमानी है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव होता भी है तो

इस परेशानी और महामारी के दौर में वोट देने कौन आयेगा। इसलिए केंद्र और राज्य

सरकार को भी इस पर फिर से विचार करना चाहिए कि भीषण संकट के इस दौर में

उनलोगों का ख्याल किया जाए, जिनके वोट की बदौलत सरकारें बनती हैं।


 

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