Press "Enter" to skip to content

झारखंड में इज ऑफ डूइंग विजनेस को और कारगर बनाने के लिए सरकार गंभीर







  • संवादहीनता दूर कर समन्वय बनाएं विभाग: मुख्य सचिव
  • सभी विभाग यूजर फ्रेंडली बनाएं अपना पोर्टल
  • उद्योग-धंधा खड़ा करनेवालों को सुविधा होगी

रांची: झारखंड में इज ऑफ डूइंग विजनेस को और

कारगर बनाने के लिए सरकार गंभीर है। मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने

कहा है कि इज ऑफ डूइंग विजनेस में सभी संबंधित विभाग

थोड़ी-थोड़ी मेहनत कर बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं।

इसके लिए पहली जरूरत यह है कि सभी विभाग

सिंगल विंडो सिस्टम से अपने पोर्टल को जोड़े।

साथ ही पोर्टल को यूजर फ्रेंडली बनाएं। इससे राज्य में

निवेश करने वाले तथा उद्योग-धंधा खड़ा करनेवालों को सुविधा होगी।

इसे लेकर 15 दिन बाद एक और बैठक आयोजित करने को कहा।

मुख्य सचिव झारखंड मंत्रालय में विजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान 2019 के

मसौदे पर संबंधित विभागों के सचिवों के साथ बैठक कर रहे थे।

मुख्य सचिव ने इज ऑफ डूइंग विजनेस को और कारगर बनाने के

लिए एकीकृत कॉल सेंटर बनाने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि अभी कई विभागों के अपने कॉल सेंटर हैं,

लेकिन एकीकृत कॉल सेंटर होने से उपभोक्ताओं को

एक नंबर पर कॉल कर सारी सुविधाएं मिलने लगेंगी।

विभाग अपनी जरूरत के अनुसार उस कॉल सेंटर में सीट रखेंगे।

मुख्य सचिव ने कहा कि इज ऑफ डूइंग विजनेस का महत्व तभी है,

जब हम मामलों का समयबद्ध निबटारा करें। इसके लिए

उन्होंने मनोवृति में बदलाव पर जोर देते हुए निर्देश दिया कि

इसे केंद्र में रखते हुए क्षेत्रीय और जिला स्तर के अधिकारियों की

कार्यशाला आयोजित करें। उन्होंने कहा कि जरूरत चीजों को

आसान बनाने की है, न कि इंस्पेक्टर बनने की।

झारखंड में ऑफ लाइन बिजली कनेक्शन देना बंद करें

मुख्य सचिव ने इज ऑफ डूइंग विजनेस के तहत बिजली का

ऑफ लाइन कनेक्शन देने की जगह ऑनलाइन कनेक्शन देने का

निर्देश झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को दिया।

झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद को सेंट्रल इंस्पेक्शन सिस्टम के

तहत रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने को कहा।

वहीं निवेशकों की सहुलियत के लिए बैठक करने का

निर्देश दिया। इसके साथ राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग,

नगर विकास एवं आवास विभाग, श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग,

पंचायती राज विभाग आदि से जुड़े मसले पर भी विचार-विमर्श हुआ।

विजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान 2019 के मसौदे पर विचार-विमर्श के

लिए नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह,

राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव केके सोन,

उद्योग विभाग के सचिव के रवि कुमार, श्रम, नियोजन एवं

प्रशिक्षण विभाग के सचिव राजीव अरुण एक्का,

पंचायती राज प्रभाग के सचिव प्रवीण टोप्पो, झारखंड

बिजली वितरण निगम लिमिटेड के एमडी राहुल पुरवार तथा

झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सदस्य सचिव

राजीव लोचन बख्शी तथा उद्योग निदेशक जिशान कमर आदि शामिल थे।



Spread the love
  • 3
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •   
  •  
  •  
    3
    Shares

Be First to Comment

Leave a Reply

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com