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झारखंड के पर्यटन को ऊपर ले जाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध हैः मुख्यमंत्री







  • 70 करोड़ की लागत से लेक रिसॉर्ट” का लोकार्पण
  • दुर्गा पूजा तक पर्यटकों से प्रवेश शुल्क न ले जिला प्रशासन
  • राज्य के पर्यटक स्थलों को विकसित करने का हो रहा है कार्य

रांचीः झारखंड के पर्यटन स्थलों को देश और विदेश में लोकप्रिय बनाने का सरकार का

अपना अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसके प्रति राज्य सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

पतरातू के बहाने झारखंड के सभी पर्यटन स्थलों के विकास का अपना यह वादा दोहराया मुख्यमंत्री रघुवर दास ने।

उन्होंने कहा 2016 में मैं सड़क मार्ग से इस डैम के समीप से गुजर रहा था।

उस समय यहां की प्राकृतिक खूबसूरती ने मुझे काफी हद तक आकर्षित कर लिया।

बस मैंने तय कर लिया कि संभावनाओं से भरे इस स्थल को विकसित किया जाएगा।

यह मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट हो गया। राज्य की आर्थिक समृद्धि, लोगों, को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष

रोजगार उपलब्ध कराने और

झारखण्ड की खूबसूरती को दुनिया के समक्ष लाने के उद्देश्य से

पतरातू डैम को विकसित करने का काम शुरू हुआ। आज मुझे इस बात की खुशी है कि

18 माह के अंदर सरकार आप सभी झारखंडवासियों को यह खूबसूरत डैम विकसित कर सौंप रही है।

ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने पतरातू में पतरातू लेक रिसॉर्ट के लोकार्पण समारोह में कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन स्थल राज्य की आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ कर सकती है,

रोजगार दे सकती है। इसको आधार मानकर, प्राथमिकता देते हुए सरकार कार्य कर रही है।

उन सभी पर्यटन स्थलों को विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है जो अब तक अनछुए थे।

यहां के सांस्कृतिक पर्यटक स्थल को विकसित करने का कार्य शुरू हो चुका है।

इटखोरी में दुनिया का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप का निर्माण हो रहा है।

पारसनाथ जो जैन धर्मालंबियों का तीर्थ स्थल है वहां तक हमने रेल लाइन से जोड़ने की अनुमति मिल चुकी है।

मां छिन्नमस्तिका रजरप्पा में लक्ष्मण झूला, फोरलेन सड़क का निर्माण होगा।

दुमका स्थित मसानजोर डैम, गुमला स्थित अंजनी धाम हनुमान जी की

जन्म स्थली को पर्यटकों के लिए विकसित करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड आने वाले पर्यटकों को सुविधा उपलब्ध कराने हेतु हम प्रतिबद्ध हैं।

पतरातू लेक रिसॉर्ट में ठहरने की उत्तम व्यवस्था की गई है।

जल्द यहां गेस्ट हाउस का निर्माण होगा। पिछले कुछ वर्षों में झारखंड के पास

कुछ होने के बाद भी पर्यटन के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहा था।

लेकिन 2014 के बाद से पर्यटन के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया गया,

जिससे यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है

हम इसे और आगे बढ़ाएंगे और उसी अनुरूप पर्यटन स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है।

विदेशी पर्यटक भी यहां आएं। पतरातू आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर का

पर्यटक स्थल के रूप में जाना जाएगा। रामगढ़ की पहचान सिर्फ कोयला से नहीं बल्कि पर्यटन स्थल के रूप में भी होगी।



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