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भत्ता समाप्त करने के विरोध में बुधवार को सरकारी कर्मचारी लामबंद

लखनऊः भत्ता समाप्त किए जाने के विरोध में बुधवार को लगातार तीसरे दिन राज्य

कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर विराध जताया। उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ के

अध्यक्ष कमलेश मिश्रा ने बताया कि सरकार द्वारा भत्तों को समाप्त किए जाने पर 18 से

25 के बीच कर्मचारी काला फीता बांधकर सरकार के प्रति विरोध दर्ज करायेंगे। इस

अभियान में लखनऊ समेत सभी जिलों के कर्मचारी पूरे जोश के साथ बढ़ चढ़कर हिस्सा

ले रहे हैं। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसपी

सिंह ने कहा कि यह अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है कि सरकार पहले भत्ते स्थगित करती

है उसके बाद इन्हे समाप्त कर दिया जाता हैै। प्रदेश सरकार को इस पर पुर्नविचार करना

चाहिए। महासंघ के प्रवक्ता सीपी श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश के सभी संवर्गो के कर्मचारी

महासंघ के आवाहन पर काला फीता बॉध कर काम कर रहे हैं। महासंघ शिक्षक-कर्मचारी

समन्वय समिति का अभिन्न अंग है। समिति के संयोजक अमरनाथ यादव द्वारा

महासंघ के कायर्क्रम का समर्थन किया गया है यदि सरकार द्वारा तत्काल भत्ते समाप्ति

सम्बन्धी आदेश को वापस नही लिया जाता है तो महासंघ एक व्यापक एकता के आधार

पर निर्णायक आन्दोलन की घोषणा करने के लिए बाध्य होंगे।

भत्ता समाप्त किये जाने की अन्य राज्यों में भी है प्रतिक्रिया

खास तौर पर छह किस्म के भत्तों में से महंगाई भत्ता समाप्त किये जाने से अराजपत्रित

कर्मचारियों का बहुत बड़ा समूह अंदर ही अंदर नाराज है। इनलोगों का मानना है कि इस

संकट में जबकि पूरे घर का बजट ही बिगड़ गया है, महंगाई भत्ता काट देना सरकारी

कर्मचारियों के साथ गलत व्यवहार है। वैसे कर्मचारी संगठन के नेताओं के बीच इस मुद्दे

पर आपसी चर्चा तो हो रही है। अधिकांश कर्मचारी संगठन इसके विरोध में हैं। लेकिन

इनमें से अधिकतर इस बात की भी वकालत कर रहे हैं कि कोरोना संकट के इस काल में

हड़ताल जैसा फैसला लेना राष्ट्रहित में नहीं होगा।


 

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