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गोमिया प्रखंड के झिरकी पंचायत में भयंकर महामारी से दहशत

  • 24 दिनो के भीतर 9 मौतो से पूरे गांववासी दहशत के साये में जीने को मजबूर

  • मूक दर्शक पंचायत प्रतिनिधि और प्रशासन क्या और मौतो का हो रहा है इंतजार

बेरमोः गोमिया प्रखंड के झिरकी पंचायत में कोरोना का आतंक व्याप्त हो गया है। राज्य

के हर जिले हाई अलर्ट दौर से गुजर रहा है और पुलिस, प्रशासन की जवाबदेही भी दोगुनी

हो गई है। ऐसे समय में अगर किसी पंचायत से यह सुचना मिले की फला गांव में महामारी

ने अपना पैर पसार दिया है और मात्र 24 दिनो के भीतर वहा नौ नौ मौते हो गई और दर्जनो

की संख्या में ग्रामीण उक्त वायरस से संक्रमित है तो चौंकना लाजमी है। इसी तरह की

एक सूचना बुधवार को गोमिया प्रखंड के झिरकी पंचायत के मुस्लिम टोला से मिली

जिसके अनुसार पिछले 24 दिनो के अंदर अब तक नौ मौते हो चुकी है जिस कारण पूरा

इलाका दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं और पूरे गांव में हर तरफ मातम पसरा है।

मिली जानकारी के अनुसार मृतकों मे अब्दुल गफ्फार (48),मो इलियास (49),ताहिर

हुसैन(50),सरताज की मां(55),शफिक अंसारी (65),मुख्तार अंसारी (68),हक बाबु की

मां(62),शफिक की बहु (35),तथा 30 वर्षीय संजर अंसारी का नाम शामिल हैं। इस संबंध में

उक्त पंचायत की मुखिया शाबाना रोजी को उनके मोबाइल नंबर 9110943832 पर फोन

कर जानकारी चाही तो उनके पति सह पूर्व मुखिया हाजी मिकाईल अंसारी ने उपरोक्त

घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बाते सही है गांव दहशत व्यप्त है। लोग लगातार हो

रही मौतो से खौफ जदा है। यह पूछे जान पर कि इस तरह की घटना की जानकारी आपने

प्रखंड या जिला प्रशासन को दी कि नहीं तो उन्होने इंकार करते हुए कहा कि आज और

अभी बीडीओ साहब को फोन करने वाला हूं।

गोमिया प्रखंड के झिरकी का इलाका कथारा प्रक्षेत्र में है

बताता चलूं कि यह गांव सीसीएल कथारा प्रक्षेत्र का पोषक क्षेत्र में है मगर आज तक इस

गांव में ना तो प्रशासन की ओर से और ना ही सीसीएल प्रबंधन की ओर से सेनेटाइजिंग

किया गया है। दिगर बात है कि नौवे मौते कैसे हुई और गांव में कौन सा संक्रमण फैला है

यह तो जांच का विषय है मगर पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और अगर समय

रहते इस मामले को गंभीरता से नही लिया गया तो लोगो को गांव छोड़ कर भाग कर जान

बचाने की नौबत आन पड़ेगी। इस पूरे मामले में पंचायत प्रतिनिधियों की लापरवाही साफ

झलकती है। दूसरी तरफ लोग कोरोना महामारी फैलने के भ्रम के शिकार बने दिखते हैं

जिस इस गांव में झोला छाप डॉक्टरो ने भी आना बंद कर दिया है।जबकि कुछ लोगो का

कहना है कि अगर इस घटना की भनक प्रशासन को हुई तो गांव से सख्ती बढ़ जायेगी।

मगर सवाल उठता है कि लोग की जान बचाना जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता होनी

चाहिए ना कि प्रशासन की सख्ती से खौफ खाने की। कुल मिलाकर इस पूरे पंचायत के

लोगो के चेहरे ही डर, भय और दहशत साफ देखी जा सकती है।

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