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लॉकडाउन के बीच भी म्यांमार की सीमा से लगे मणिपुर में सोने की तस्करी

  • 18 घंटे के अभियान में मिले 21 करोड़ रुपए के सोने के बिस्कुट

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: लॉकडाउन के बीच भी भारतीय बाजारों में म्यांमार से आने वाला सोना छाने

लगा है। इसका ज्यादातर हिस्सा तस्करी के जरिए भारत पहुंच रहा है।म्यांमार की

भौगोलिक स्थिति और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी में ढील ने इसे तस्करों के लिए

काफी मुफीद बना दिया है। सीमा पर स्थित जंगल और पहाड़ी इलाके तस्करों को रास

आने लगे हैं। भारतीय बाजारों में म्यांमार के मुकाबले कीमतों में प्रति ग्राम तीन से चार

हजार रुपए के भारी अंतर ने भी इसे मुनाफे का सौदा बना दिया है।मणिपुर के इंफाल से

राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों ने 43 किलोग्राम से ज्यादा सोने के बिस्कुट,

जिनकी कीमत 21 करोड़ रुपए से ज्यादा है। उन्हे जब्त कर लिया गया हैं। दरअसल सोने

की तस्करी की सूचना मिलने पर अधिकारियों ने शहर में चेकिंग अभियान चलाया,

जिसके बाद एक संदिग्ध कार को रोका गया जिसमें दो लोग सवार थे। वहीं अधिकारियों ने

बताया कि उनसे पूछताछ और गहन तलाशी के बाद जब कार के हर कोने की तलाशी ली

गई तो अंदर से सोने के बिस्कुट बरामद किए गए। वहीं अधिकारियों के मुताबिक उन्हें

260 विदेशी निर्मित सोने के बिस्कुटों को कार के अंदर से निकालने में लगभग 18 घंटे का

समय लग गया। दरअसल तस्कर पहले भी इस कार का इस्तेमाल तस्करी के लिए कर

चुके हैं। कोरोना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन के बीच भी म्यांमार की सीमा से लगे

मणिपुर में सोने की तस्करी जारी है। पिछले तीन महीनों में गुवाहाटी जोनल यूनिट

म्यांमार सेक्टर से 33 करोड़ रुपए से ज्यादा मूल्य का लगभग 67 किलोग्राम सोना जब्त

किया गया है। इसमें से अकेले जून में अब तक 55 किलो सोना जब्त किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि भारत-म्यांमार सीमा से सोने की तस्करी की जारी है।

लॉकडाउन के बीच कर्फ्यू 30 जून तक बढाया गया है

वहीं कोविड के मामलों में बढ़त देखते हुए मणिपुर सरकार ने इम्फाल समेत सात जिलों में

चल रहे कर्फ्यू को 30 जून तक बढ़ा दिया है, जिससे कोविड के प्रभाव को कम किया जा

सके।सुरक्षा एजंसियों और विशेषज्ञों का कहना है कि मणिपुर में म्यांमार से लगी खासकर

मोरे सीमा तस्करों के लिए सबसे मुफीद ठिकाने पर उभरी है। वहां खुले सीमा व्यापार का

लाभ उठा कर सोने के तस्कर माल के साथ आसानी से सीमा पार कर लेते हैं। एजेंसियों का

कहना है कि बड़े पैमाने पर वहां से होने वाली तस्करी को रोकने के लिए सीमा पर निगरानी

सख्त करने और इस बारे में म्यांमार सरकार से बातचीत कर एक एकीकृत योजना बनाने

की जरूरत है।

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