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वैश्विक स्तर पर सोना के सामने संभावित मजबूत डॉलर की चुनौती







नयी दिल्ली : वैश्विक स्तर पर नये वर्ष में स्वर्ण बाजार को ब्याज दर में बढ़ोतरी और संभावित मजबूत डॉलर जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) की जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2022 के दौरान सोने को ब्याज दर में बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत रहने की संभावना जैसी दो चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि इन दो कारकों के नकारात्मक प्रभाव को अन्य सहायक कारकों द्वारा कम किया जा सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस परिप्रेक्ष्य में वर्ष 2022 के दौरान सोने का प्रदर्शन अंतत: इस बार निर्भर करेगा कि इनमें से कौन से कारक बड़े पैमाने पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वैश्विक स्तर पर सोना निवेशकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेगी

इसके बावजूद जोखिम से बचाव के रूप में सोने की प्रासंगिकता इस वर्ष निवेशकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेगी। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 में भी कमोबेश वही बा‘ कारक मौजूद हैं।

डब्ल्यूजीसी को लगता है कि कोविड:प्रेरित मौद्रिक और राजकोषीय नीतियों, आपूर्ति:श्रृंखला में व्यवधान और कमजोर श्रम बाजार के कारण लगातार उच्च मुद्रास्फीति की संभावना है।

ऐसे में बाजार में उतार:चढ़ाव और सोने की बढ़ती मांग को देखा जा सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एक अस्थिर क्रिप्टोक्यूरेंसी बाजार भी स्वर्ण से दूर जा चुके कुछ फंडों को वापस लाने में मदद कर सकता है। उपभोक्ता मांग और केंद्रीय बैंक की खरीद से भी सोने को निरंतर समर्थन मिल सकता है।

ये दोनों कारक ही स्वर्ण के प्रदर्शन के महत्वपूर्ण दीर्घकालिक चालक बने हुए हैं।

यह गौर करने लायक बात है कि सोना का बाजार पिछले कुछ अरसे से लगातार उतार चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है। इसकी वजह के बारे में अब पहली बार यह संकेत मिल रहे हैं कि इस वर्ष ब्याज दर और अमेरिकी डॉलर की मजबूती की वजह से इस पीले धातु के भाव में लगातार यह बदलाव है।



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