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वैक्सीन के बदले में सैलाइन वाटर लगाने का संदेह नर्स पर




बर्लिनः वैक्सीन के बदले सैलाइन देने का संदेह यहां के एक नर्स पर है। उत्तरी जर्मनी के




इस मामले की गहन जांच की जा रही है। इसके संबंध में एक पुलिस मामला भी दर्ज किया

गया है। समझा जा रहा है कि रेड क्रास से जुड़ी एक नर्स ने यह गड़बड़ी की है। उसने

जानबूझकर लोगों को कोरोना वैक्सीन के बदले सैलाइन के इंजेक्शन दिये हैं। फिलहाल

जांच जारी होने की वजह से नर्स की पहचान गोपनीय रखी जा रही है। जिस केंद्र में यह

गड़बड़ी किये जाने का संदेह है, वह फ्राइसलैंड का इलाका है। यह उत्तरी समुद्री सीमा का

एक ग्रामीण इलाका है। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पार्षद स्वेन

एब्रोसी ने हैरानी जतायी है। उनके हिसाब से ऐसी घटना भी हो सकती है, इसकी उम्मीद

उन्हें या किसी और को बिल्कुल नहीं थी। उनके मुताबिक डाक्टर और स्वास्थ्यकर्मियो पर

पूरा विश्वास कर ही लोग अपने ईलाज की जिम्मेदारी उन्हें सौंपते हैं। ऐसे में अगर कोई

गड़बड़ी करे तो प्रारंभिक अवस्था में किसी को संदेह भी नहीं हो सकता है। लेकिन प्रारंभिक

जांच में यह संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि वहां के करीब 8600 लोगों के साथ ऐसा हुआ




है। इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी पीटर बीयर ने कहा कि गवाहों से इस बारे

में बयान संकलित किये जा रहे हैं।

वैक्सीन के बदले सैलाइन पर संदेह की पुख्ता वजह है

इन बयानों की वजह से ही मामले में संदेह की पूरी गुंजाइश है। आम तौर पर सैलाइन के

इंजेक्शन से किसी को कोई नुकसान नहीं होता लेकिन कोरोना वैक्सिन के बदले सैलाइन

का इंजेक्शन लगना कोरोना संक्रमण के फैलने का प्रमुख कारण ब सकता है। ऐसा कुछ

हुआ है जिसकी वजह से लोगों में यह संदेह उपजा था। उसके बाद ही पूरे मामले की जांच

की जा रही है। दरअसल जिस नर्स पर इस किस्म की गड़बड़ी करने का संदेह है, उसने

सोशल मीडिया में कोरोना वैक्सीन के खिलाफ कई बार आग उगला है । अब तक यह

स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अभियुक्त को पुलिस ने अब तक हिरासत में लिया है अथवा

नहीं। लेकिन पुलिस ने यह अवश्य कहा है कि उनकी एक खास इकाई पूरे मामले की जांच

कर रही है।



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