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फ्रांस के राष्ट्रपति इमानूएल मैक्रों की भी पिगासूस जासूसी हुई

फ्रांस के राष्ट्रपति इमानूएल मैक्रों की भी पिगासूस जासूसी हुई
  • अनेक राष्ट्राध्यक्षों के आंकड़े फोरेंसिक जांच में पाये गये

  • एनएसओ ने नाम आते ही जारी किया खंडन

  • पड़ोसी देशों की जासूसी की खबर उजागर

  • अमेरिकी राजनयिक की जासूसी से हंगामा

लंदनः फ्रांस के राष्ट्रपति इमानूएल मैक्रों की भी पिगासूस जासूसी हुई है। दुनिया भर के

फोन नंबरों की जारी फोरेंसिक जांच में यह राज खुलकर सामने आया है। दूसरी तरफ

इसकी घोषणा होते ही पिगासूस बनाने वाली कंपनी एनएसओ की तरफ से सफाई भी

आयी है कि इसमें फ्रांस के राष्ट्रपति का नाम होने की कोई संभावना ही नहीं हैं। वैसे

फोरेंसिक जांच करने वालों ने कई अन्य राष्ट्राध्यक्षों का नाम भी उजागर कर दिया है,

जिनके फोन में इस जासूसी साफ्टवेयर से अन्यत्र सारी सूचना भेजे जाने का पता चला है।

जिन राष्ट्राध्यक्षों की जासूसी की गयी है उनमें दक्षिण अफ्रीका के सिरिल रामपोसा के

अलावा दुनिया के 14 अन्य बड़े नेताओं के नाम है। इस कारण यह समझा जा रहा है कि

यह मामला भी धीरे धीरे विकिलिक्स की तरह गरमाता जा रहा है, जिसमे राष्ट्रीय सुरक्षा

के नाम पर लोगों की निजता गैरकानूनी दखल दिया गया है। जासूसी की चपेट में आने

वालों में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का नाम भी हैं। वैसे इस सूची में कई

राजनयिक, सेना के प्रमुख अधिकारी और 34 देशों के बड़े नेताओं का नाम भी सामने आ

चुका है। दरअसल समझा जा रहा है कि इस पिगासूस साफ्टवेयर की बनाने वाली कंपनी

से जुड़े किसी शख्स ने इसका भंडा फोड़ा है। जिसके बाद सूचनाओं की पुष्टि के लिए तमाम

मोबाइल नंबरों की फोरेंसिक जांच की जा रही है। इसके जरिए यह देखा जा रहा है कि

संबंधित फोन नंबर से अनधिकृत क्या क्या गतिविधियां कहां पहुंचायी गयी हैं।

फ्रांस के राष्ट्रपति का नाम आते ही एनएसओ ने सफाई दी है कि वह इस कार्रवाई के लक्ष्य

कभी भी नहीं रहे हैं।

फ्रांस के राष्ट्रपति के नाम की चर्चा का एनएसओ ने खंडन किया

कंपनी के मुताबिक अगर जांच में किसी नंबर को पाया जाता है तो उसका यह अर्थ नहीं है

कि उस नंबर की जासूसी हुई है। लेकिन जांच से जुड़ी एजेंसियों का मानना है कि फोरेंसिक

जांच में अनधिकृत तौर पर आंकड़ों को अन्यत्र भेजने की पुष्टि से ही साबित हो जाता है

कि फोन पर पिगासूस साफ्टवेयर के जरिए जासूसी की जा रही थी।

इस सूची में जिन लोगों के मोबाइल फोन में पिगासूस के माध्यम से जासूसी किये जाने की

पुष्टि हुई है उनमें दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामापोसा की जासूसी रवांडा द्वारा

करायी गयी है। इसके अलावा फ्रांस के राष्ट्रपति की जासूसी मोरक्को द्वारा, विश्व

स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस ए घेब्रेयानूस, लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री साद हारिरी,

यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल, मोरक्को के राजा मोहम्मद छह, मोरक्को

के प्रधानमंत्री सादेदिन ओथमानी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, मैक्सिको के

पूर्व राष्ट्रपति फेलिप कैलड्रोन, अमेरिका के राजनयिक रॉबर्ट मैली के नाम शामिल हैं।

अमेरिकी राजनयिक का नाम आने पर भी एनएसओ ने सफाई दी है कि इस साफ्टवेयर के

जरिए अमेरिकी नंबर पर जासूसी नहीं की जा सकती है। भारत सरकार ने अपने यहां ऐसी

किसी जासूसी से इंकार किया है जबकि फोरेंसिक जांच कहती है कि इमरान खान के फोन

पर यह घुसपैठ भारत के द्वारा ही की गयी थी।

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