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चौथी बार मप्र के मुख्यमंत्री बने शिवराज सिंह चौहान

  • विश्वास मत प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृति

  • सदन में मुख्य विपक्षी दल कोई सदस्य नहीं

  • अन्य दलों के विधायक सत्र में मौजूद रहे

भोपाल : चौथी बार शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं। मध्यप्रदेश

विधानसभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से पेश किए गए विश्वास मत

प्रस्ताव को सर्वसम्मति से कल स्वीकृति प्रदान की गयी। इसके साथ ही एक दिन

पुरानी चौहान सरकार ने सदन में बहुमत साबित कर दिया। श्री चौहान ने विशेष सत्र के

पहले दिन सदन की कार्यवाही प्रारम्भ होने के बाद विश्वास मत पेश किया। आसंदी पर

विराजमान सभापति जगदीश देवड़ा ने प्रस्ताव पर मतदान की औपचारिकता करायी।

सदन में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का एक भी सदस्य मौजूद नहीं था। जबकि बहुजन

समाज पार्टी के दोनों सदस्य श्रीमती रामबाई और संजीव सिंह, समाजवादी पार्टी के

राजेश कुमार शुक्ला और दो निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा तथा विक्रम सिंह राणा

मौजूद थे। इस दौरान हुए मतदान में विश्वास मत को ध्वनिमत के जरिए सर्वसम्मति

से पारित कर दिया गया। इसके पहले श्री चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा

दौर में सरकार की मुख्य प्राथमिकता कोरोना के प्रकोप को रोकना है। इस दिशा में

उन्होंने कल शपथ ग्रहण करने के बाद से ही कदम उठाना प्रारंभ कर दिए हैं। लेकिन

संवैधानिक बाध्यता है। राज्यपाल ने सरकार को पंद्रह दिनों के अंदर सदन में बहुमत

साबित करने के लिए कहा है, इसलिए वे विश्वास मत पेश कर रहे हैं। विश्वास मत पेश

करने के बाद वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव और नरोत्तम मिश्रा ने इसका समर्थन

किया। बाद में सदन ने ध्वनिमत के जरिए सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को पारित कर

दिया। सभापति श्री देवड़ा ने विश्वास मत प्रस्ताव पारित होने के बाद सदन की

कार्यवाही 27 मार्च, शुक्रवार को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

चौथी बार सीएम बनते ही कहा अभी सिर्फ कोरोना पर ध्यान

इसके पहले मुख्यमंत्री एवं सदन के नेता श्री चौहान ने कहा कि आज पूरी दुनिया, देश

और देश के साथ-साथ हमारा प्रदेश कोरोना वायरस संक्रमण की महामारी से जूझ रहा

है। हम सबका भी यह परम कर्तव्­य है कि इस महामारी को परास्­त करने, लड़कर

इसको समाप्­त करने में हम अपनी संपूर्ण क्षमता लगायें। मध्यप्रदेश में जबलपुर और

भोपाल दो जगहों पर पॉजिटिव केस मिले हैं और हमने कल ही शपथ ग्रहण के बाद रात

में वल्लभ भवन में बैठक करके दोनों स्­थानों पर कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है।

चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद श्री चौहान ने बताया कि 36 शहरों में लॉकडाउन है।

उन्होंने सदन के माध्­यम से जनता जनार्दन से अपील करते हुए कहा कि कोरोना

संक्रमण को रोकने का एकमात्र प्रभावी उपाय संपर्क की कड़ियों को तोड़ना है। उन्होंने

कहा कि सभी जन इस महामारी से बचने के लिए अपने घरों में रहें। कष्­ट और तकलीफ

हो सकती है, लेकिन इसके अलावा और कोई उपाय नहीं है। कोरोना वायरस संक्रमण से

निपटने का हरसंभव उपाय सरकार करेगी। श्री चौहान ने सदस्यों से भी आमजन को

कोरोना से लड़ने की दिशा में आमजन को जागरुक बनाने का आहबान किया। उन्होंने

कहा कि हम कोरोना से लड़ेंगे और हर हाल में जीतेंगे। श्री चौहान ने कहा कि हमारे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनता कर्फ्यू का आहबान किया, जिससे सारी सड़कें सुनी हो

गईं और पूरा देश उनके साथ खड़ा हो गया। उन्होंने प्रधानमंत्री का उनकी दृढ़ता के लिए

अभिनंदन किया और कहा कि उनके हर प्रयास में मध्­यप्रदेश की जनता और यह

सरकार उनके साथ रहेगी। सदन की अध्यक्षीय दीर्घा में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं

सांसद विष्णुदत्त शर्मा तथा सांसद रमाकांत भार्गव भी मौजूद थे। सभापति श्री देवड़ा ने

दोनों नेताओं की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए सदन की ओर से उनका स्वागत

किया।

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