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मत्स्य उत्पादन देश में आठ फीसदी की दर से बढ़ रहा है : सरकार

नयी दिल्लीः मत्स्य उत्पादन देश के छोटे किसानों के लिए बड़ा सहारा बन रहा है। सरकार

ने शुक्रवार को कहा कि देश में मछली उत्पादन में काफी प्रगति हो रही है और इसकी

विकास दर आठ प्रतिशत है। मत्स्य पालन मंत्री गिरिराज सिंह ने आज राज्य सभा में एक

पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि ब्ल्यू रिवॉल्यूशन नीति 2015 के तहत मछुआरों के हितों

के संरक्षण से जुड़े अनेक कार्य किये जा रहे हैं। देश में मछली उत्पादन क्षेत्र की प्रगति बहुत

संतोषजनक है और हाल के वर्षां में इस क्षेत्र की विकास दर प्रतिवर्ष आठ फीसदी रही है।

उन्होंने कहा कि मछुआरों के हितों के लिए नीति बनायी जा रही है जिसमें उन्हें प्राकृतिक

आपदाओं के वक्त होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति के प्रावधान किये जायेंगे। उन्होंने कहा

कि नयी नीति में मछुआरा समितियों को प्राथमिकता दी जा रही है। श्री सिंह ने कहा कि

मछुआरों को तालाबों और झीलों के पट्टे देने का काम राज्य सरकारें करती हैं। सरकार

समुद्र में मछली पकड़ने से जुड़ी परियोजनाओं के बारे नीति बना रही है। इसमें मछुआरों के

हितों का पूरा ध्यान रखा जायेगा। प्राकृतिक आपदा के समय होने वाली दुश्वारियों से

मछुआरों को बचाने के प्रयास किये जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें होने वाली नुकसान की

भरपाई के भी इंतजाम किये जायेंगे।

मत्स्य उत्पादन पर भी पड़ा है कोरोना वायरस का असर

इसके पहले ही विभागीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा था कि कोरोना वायरस के फैलने के

अफवाह की वजह से देश में मत्स्य उत्पादन और पोल्ट्री उद्योग पर भी प्रतिकूल प्रभाव

पड़ा है। दरअसल यह अफवाह बहुत तेजी से फैली है कि मांसाहार से भी कोरोना वायरस

का संक्रमण फैलता है। इससे खास तौर पर छोटे मत्स्य उत्पादन और पोल्ट्री के कारोबार

से जुड़े किसान भी नुकसान उठा रहे हैं। इन्हें मिलाकर देश की अर्थव्यवस्था पर भी परोक्ष

तौर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।


 

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